00:00यात्रा तो कर रहा है जुन्नू भी पर किसी और की ट्रेन में ऐसी ट्रेन जो उसको पता ही नहीं
00:05कि जाती कहा है और उस पर उचड़ा क्यों और चुकी वो ट्रेन उसकी नहीं तो उसके पास टिकट भी
00:12नहीं पीटा और जाता है बेज़्ज़त और होता है
00:16हम सब किसी दूसरे की जिन्दगी जी रहे हैं
00:19हम सब ऐसे मसलों में उलजे हुए हैं
00:22जो हमारे हैं ही नहीं
00:24हमने वो जिम्मेदारियां उठा ली हैं
00:26जो हमारी हैं ही नहीं
00:29और जब आप वो जिम्मेदारी उठा लेते हो
00:30जो आपकी नहीं है
00:31तो आपके पास जिम्मेदारी तो बहुत सारी आ जाती है
00:34प्रेम जरा नहीं रह जाता
00:37क्योंकि जूटी जिम्मेदारी और असली प्रेम साथ नहीं चल सकते
00:40जिसके पास जिम्मेदारीयां बहुत हैं पक्का हैं उसके पास प्रेम बिलकुल नहीं होगा
00:45प्रेम चाहिए अपनी यात्रा करने के लिए
00:48जिम्मेदारी चाहिए दूसरे की ट्रेन में चाहने के लिए
00:53ये बोल करेगी मैं तो जिम्मेदार आदमी हूँ ना
00:57पता ही नहीं चलता कि अपनी भी तो कोई यात्रा है
00:59हम थे वो थे और समारंगीन समझ गए ना
01:02जाना था जापान पहुच गए चीन समझ गए ना वो ऐसी रंगीन ट्रेन थी कि आओ देखा न ताओ जाके
01:09चड़ गए जाना था जापान पहुच गए चीन नजाने किसकी यात्रा कर रहे हो नजाने किसका किरदार्ड हो रहे हो
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