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इमरान प्रतापगढ़ी ने मानसून सत्र के दौरान शायराना अंदाज़ में सरकार पर निशाना साधा।उन्होंने अपने शेर के जरिए अमित शाह और BJP की राजनीति पर सवाल खड़े किए।संसद में उनके बयान और शायरी ने सियासी माहौल को गरमा दिया।इमरान प्रतापगढ़ी ने अपने अंदाज़ में सरकार की नीतियों पर कटाक्ष किया।उनके शेर को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस तेज होने की चर्चा है।PM Modi और Amit Shah को लेकर उनके बयान ने भी राजनीतिक हलकों में ध्यान खींचा।
क्या इमरान की शायरी सिर्फ कटाक्ष थी या इसके पीछे बड़ा राजनीतिक संदेश था?मानसून सत्र में सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव लगातार सुर्खियों में है।देखिए इमरान प्रतापगढ़ी के बयान और पूरे सियासी विवाद की पूरी कहानी।

Imran Pratapgarhi took a poetic swipe at the BJP during the Monsoon Session.His shayari targeted the government and raised questions over its political approach.The Congress leader used poetry as a powerful tool to make his political point.His remarks involving Amit Shah added a new twist to the political confrontation.The statement created a buzz amid the ongoing clashes between the government and Opposition.Imran Pratapgarhi’s style of criticism quickly became a talking point.The political message behind his poetry has sparked fresh debate in Parliament.With PM Modi and Amit Shah at the centre of Opposition criticism, tensions remain high.Watch the full story to understand Imran Pratapgarhi’s latest political attack.

#ImranPratapgarhi #AmitShah #PMModi #BJP #Congress #Parliament #MonsoonSession #IndianPolitics #PoliticalNews

~HT.410~PR.512~ED.106~GR.510~VG.HM~

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00:00तूटा हुआ लशकर का भरम देख रहे हैं और जिल्ले इलाही के करम देख रहे हैं ताकत का नशा अकल
00:07पे हावी है तुम्हारी तुम देख न पाओगे जो हम देख रहे हैं
00:12एक दिन अपनी किसी मजदूर की तरह अपनी दिन भर की दिहारी लेकर के बाजार जाईए और अपने बच्चों के
00:18लिए राशन खरी दिये तब पता चलेगा कि महगाई कम हो रही है या नहीं हो रही है
00:23यवतमाल का वो दाभडी गाउं जहां 20 मार्च 2014 को वो किसानों के साथ चाय पर चर्चा करने गए थे
00:32उसी यवतमाल में पिछले 6 महीने में 132 किसानों ने आत्मात्या की है
00:39मेरा बहुत भावक्ता के साथ देश के पुर्धान मंत्री से सवाल है कि इन उजड़ते हुए मकानों और बेघर होते
00:45हुए घरों को देख करके आपको नीन कैसे आती है आप सो कैसे पाते है
00:5083 मिनट 71 बार थप थपाई गई मेज 14,417 शब्दों का बजट भाशन और उस बजट में अपने लिए
01:02राहत तलाशती मिडिल क्लास की हैरत जड़ा आँखें
01:07सभापती महोदे मेरे हाथों में जो दस्तावेज है दरसल ये देश के किसानों, गरीबों, मज़़ूरों की उमीदों का इसमारक है
01:18ऐसा लग रहा है जैसे बितमंत्री महोदिया ने बजट नहीं तयार किया है बलकि प्रधान मंत्री जी की मन की
01:24बात का संकलन तयार किया है
01:28तूटा हुआल लशकर का भरम देख रहे है और जिल्ले इलाही के करम देख रहे है
01:37ताकत का नशा अकल पे हावी है तुम्हारी तुम देख न पाओगे जो हम देख रहे हैं
01:45वित्तमंत्री महोदिया ने इस बजट में महंगाई पर सिर्फ दस शब्द बोला है
01:53जिस देश में टमाटर सो रूपए किलो बिक रहा हो
01:58सभापती महोदे मेरा टाइम पॉस करें और बार बार इंटरेप्ट करने को या तो मना करें
02:02आप बोले एक रिपए बोले
02:03सभापती महोदे वित्तमंत्री महोदिया ने इस बजट में महंगाई पर सिर्फ दस शब्द बोले हैं
02:10जिस देश में टमाटर सो रूपए किलो बिक रहा हो
02:13उस देश की बित्तमंत्री के पास बजट में महंगाई पर बोलने के लिए
02:18सिर्फ दस शब्द है
02:20डीजल, पेट्रोल, आटा, चावल, डाल, सबजी की महंगाई का तो कोई जिक्र ही नहीं
02:27सावन चल रहा है
02:28तो प्याज और लहसुन का दाम पूछना तो शायद पाप होगा
02:33मैंने तो ये भी सुना है कि वित्तमंत्री जी जो चीज खुद नहीं खाती है
02:37उसके दाम से उनका कोई लेना देना नहीं होता
02:42लेकिन इस बार बजट पेश करने के लिए
02:47पारलियामेंट आने से पहले वित्तमंत्री जी ने दही और चीनी खाई थी
02:52अब तो उनसे ये पूछा जाही सकता है
02:55कि उन्हें दही, दूध और चीनी का रेट तो इन दुनों पता ही होगा
02:59क्या उसे सस्ता करवाएंगी या नहीं सस्ता करवाएंगी
03:04अगर पता है तो किरपिया सस्ता करवाईए क्योंकि इसी चीनी ने
03:08अमेठी में एक मंत्री महोदिया का राजनेतिक केरियर कड़वा कर दिया
03:14सवापती महोदै
03:15अपने शीश महलों में बैठे हुए
03:18सरकार के सांसद और मंतरी
03:20कह रहे हैं के महंगाई
03:22कम हो रही है
03:24संसद की कैंटीन
03:26से बाहर निकल करके एक चाए
03:28का कप खरी दिये तब समझ में आएगा
03:30कि महंगाई कम हो रही है या बढ़ रही है
03:32किसी एक दिन
03:34अपनी किसी मजदूर की तरह
03:36अपनी दिन भर की दिहाड़ी लेपर
03:37करके बाजार जाईये और अपने बच्चों के लिए
03:39राशन खरी दिये तब पता चलेगा
03:42कि महँगाई कम हो रही है या नहीं हो रही है
03:44यहाँ बैठ करके बड़ी-बड़ी
03:46बातें करना आसान है ये चूनर धानी धानी भूल जाते ये पुर्वा की रवानी भूल जाते जो आकर चार दिन
03:53गाओं में रहते तो सारी लंतरानी भूल जाते
03:55सभापती महोदे इलेक्टोरल बॉंड खरीदने के नाम चुपाने वाली सरकार इन दिनों आम के ठेला लगाने वालों के नाम जानना
04:10चाहती है
04:12मुझे तो होटलों ढाबों या आम के ठेलों पर नेम प्लेट लगवाने वालों से पूछना है कि कभी खून की
04:19बोतल पर देखा है किसी का नाम लिखा हुआ
04:21मुझे पूछना है कि क्या कोरोना के दौरान अपनी उखड़ती वी सांसों के लिए आकसीजन तलाशने वाले किसी इंसान ने
04:29आकसीजन लाने वाले किसी इंसान से पूछा था
04:36मुझे पूछना है कि लावारिश लासों के लिए कुरोना में कांगा देने वाले चिताओं के लिए लकडियां सजाने वाले किसी
04:44इंसान से पूछा गया था उसका नाम उसका मजभ लेकिन इन दिनों पूछा जा रहा है सभापती महोदे
04:51अफसोस देश के प्रधान मंत्री जी ने कभी न तूटने वाली चुप्पी ओढ़ ली है सभापती महोदे जनता ने 63
04:59सीटें कम क्या कर दी ये सरकार तो अमरित काल का नाम लेना ही भूल गई
05:03ये भूल गई है अमरित काल को ये भूल गई है मनरेगा को ये भूल गई है मौला नाजाद नेशनल
05:10फेलोशिप को ये भूल गई है मनीपूर को ये भूल गई है महरास्टा को
05:14मुझे गर्व है कि मैं राज्य सभा में महरास्टा का प्रत्निधित तो करता हूँ
05:20महरास्टा जो देश की आर्थिक राजधानी है
05:23जो टोटल कॉर्पोरेट टेक्स का 40%
05:26इंकम टेक्स का 32% और जी अस्टी का 20% इस देश को देता है
05:31उस महरास्टा के लिए इस बजट में एक संग नहीं है
05:35सभापती महोदे आखिर महरास्टा से किस बाद का बदला लेने पर उतर आए
05:52अब तो शायद उन्हें याद भी नहो यवत माल का वो दाभडी गाउं
05:58जहां 20 मार्च 2014 को वो किसानों के साथ चाए पर चर्चा करने गए थे
06:05और उनकी किस्मत बदलने के सपने दिखाये थे
06:08उसी यवत माल में पिछले 6 महीने में 132 किसानों ने आत्महत्या की है
06:15सभापती महोदे महारास्टा में हर महीने 209 किसान आत्महत्या कर रहे है
06:21राज्य सरकार द्वारा सौपा गया आकड़ा बताता है
06:24कि एक जनवरी से 31 मई के बीच
06:271046 किसानों ने आत्मत्या की है
06:29लेकिन अफसोस इस बजट में महरास्टा के किसानों के लिए कुछ भी नहीं है
06:32किसानों से चिड़ी हुई सरकार ने
06:35बजट में किसानों के MSP की लीगल गारंटी नहीं दी
06:38लेकिन याद रखिएगा जो किसान का नहीं वो हिंदुस्तान का नहीं
06:42सभापती महोदे मुझे बित्मंत्री जी से पूछना है
06:46कि वो जो कुछ साल पहले सोई स्मार्ट सिटी बनाने का ढोल पीटा गया था
06:50सुना है उस ढोल में पानी भर गया है
06:53इसलिए आपने उसका नाम बदल करके सिटी आप ग्रोथ हपस रख दिया है
06:57अच्छा है नाम बदलने का खेल खेलते रहिए
07:00आपकी कई सरकारें तो इसी वज़ा से चल रही है
07:03इस सरकार को पढ़े लिखे लोगों से दिक्कत है सभापती महोदे
07:07इसलिए इस सरकार ने UGC का बजट 6-6% कम कर दिया है
07:12वारी सरकार सभापती महोदे
07:15मैं बित्त मंत्री जी के संग्यान में लाना चाहता हूँ
07:18किशन गंज में AMU सेंटर के पास 224 एकड़ जमीन है
07:22UPS सरकार ने सोनिया गांधी जी किया
07:25गुआई में 136 करोण रुपए AMU किशन गंज सेंटर के लिए शक्षन किये थे
07:30लेकिन आपकी सरकार ने पिछले 10 साल में
07:32उस 136 करोण में से सिर्फ 10 करोण रुपए रिलीज किया है
07:36डेड़ करोण की आबादी वाला सीमान चल
07:39बहतर सिछा के लिए उस सेंटर की बाट जो हो रहा है
07:43मेरा आप से सवाल है
07:44कि इस सेंटर का बाकी पैसा आप कब रिलीज करेंगे
07:47मुझे उम्मीद है बित्तमंत्री महोदिया
07:49जवाब जरूर देंगी
07:50सिमान चल उसी बिहार में आता है
07:52जिसकी बैसाखी के सहरे आपकी सरकार चल रही है
07:56वहाँ के लोगों को एम्स की जरूरत है
07:58महाननदा और कोसी से होने वाली बाढ़ की तबाही को रोकने के लिए
08:02बांद बनाईए सीमान चल के साथ सहतेला विवहार बंद करिए
08:06एकोनॉमिक कॉरिडूर बनाने से किसी राज्य का विकास नहीं होगा
08:10बिकास होगा स्वास्त और सिख्चा के बुनियादी मुद्दों के लिए बजट देने पर
08:14सभापती महोदे
08:15एक तरफ तो इस बजट में पी-म आवास योजना के तहत
08:19तीन करोन अत्रिक्त मकान देने की घोंशड़ा है
08:22और दूसरी तरफ लखनव के अकपर नगर में बारा सो असी वो मकान है
08:26जिने रीवर फ्रंट बनाने के नाम पे बुल्डोजर से जमीदोस कर दिया गया
08:31सभापती महोदे लोग चीखते रहे
08:34बच्चे भी लगते रहे
08:42मेरा बहुत भावकता के साथ देश के पुजाड़ना बंद करिये
08:59या फिन करोनों मकान बनाने की जूटी घोशनाए करना बंद करिये
09:03ये बजट धूट का पुलिंदा है
09:05ये बजट आपके पिछले साल के बजट का कट कॉपी पेस्ट है
09:09ये बजट हमारे चुनावी घोशना पत्र की नकल करने की एक बैमान कोशिश है
09:17लेकिन कहावत है ना कि नकल के लिए अकल चाहिए
09:20ये बजट मेरे हाथ में एक तरफ न्याए पत्र है जो हमारा है
09:24और दूसरी तरफ अन्याए पत्र है जो आपका है
09:28इस सरकार को आलोचना सुनने की आदत नहीं है सभापती महोद है
09:32जब आप इनसे सवाल पूछिए
09:34कृपया शांतर रहे
10:04साथ अन्याय किया गया है
10:05और इस अन्याय का खामियाजा
10:07आपको महरास्टा, हर्याना और जहारखन के
10:10चुनाओं में बुगतना पड़ेगा
10:11सभापती महोदे
10:13इस सरकार ने नोट बंदी लगा कर
10:16देश की आम जनता की पूँजी चीन लिए
10:19करके छोटो ब्यापारियों के कारोबार चीन लिए
10:22पेपर लीक करवा करके युवाओं की आँखों से
10:25नौकरी के सपने चीन लिए
10:27अगनी वीर लाकर देश के जवानों की उमीदें चीन लिए
10:30बुल्डोजर लगा कर लोगों के आशियाने चीन लिए
10:33महंगाई लाकर देश की जंता की थाली से निवाले चीन लिए
10:38और नारा लगाया कि हम तो सेवक हैं
10:41अठारा अठारा घंटे काम करते हैं
10:44इन्हीं लोगों के लिए किसीने शेर कहा है
10:47कि जो सच और जूट में दूरी है वो दूरी समझते हैं
10:51सियासी हाकिमों की हम भी मजबूरी समझते हैं
10:54वो अपना हक समझते हैं निवाला चीन लेने को
10:58डकैती को बहुत से लोग मजदूरी समझते हैं
11:01हमें पता है कि कैसी मजदूरी की जा रही है
11:04सभापती महोदे
11:05मैं यहां खड़ा हो करके
11:07अंत में आपसे कहना चाहता हूँ
11:09कि इस बजट में तमाम राज्जों के साथ अन्याय किया गया है
11:13इस बजट में युवाओं के साथ अन्याय किया गया है
11:16महिलाओं के साथ अन्याय किया गया है
11:18और खास तोर से महरास्टरा के लिए कुछ नहीं रखा गया है
11:23महरास्टरा बार से जूच रहा है
11:25पानी परशने से वहाँ 15 सब से जादा लोग मारे गए है
11:30उस शहर को उस राज्ज को 4000 करोन के पैकेज की जरूरत है
11:35ताकि जो फसले बरबाद हुई हैं लोगों को राहत दी जा सकी
11:40लेकिन अफसोस इस बजट में महरास्टरा के लिए ऐसा कुछ भी नहीं है
11:46मैं आखिर में ये कहना चाहता हूँ
11:49कि पिछले साथ दिन से इस बजट का बड़ा धिडोरा पीटा जा रहा है
11:53इसे महान बताया जा रहा है
11:55लेकिन कौन महान बता रहा है
11:58सत्ता पक्ष के लोग उन्हें तो बताना ही है
12:00क्योंकि मैं अवद छेत्र से आता हूँ प्रताब गड़ से
12:03नीरज भाई भी अवद और पूर्वांचल से आते हैं
12:06वहाँ एक कहावत है कि बिटिया की तारीफ किसने की बिटिया की महतारी ने
12:12यानि कि बेटि की प्रशंसा किसने की माने तो इस बजट की तारीफ सत्ता पक्ष करे तो करेगा ही
12:19लेकिन विपक्ष के एक भी सांसत से आप पूछिए कि क्या उसके राज्य को कुछ मिला है
12:23तो वो यह कहेगा कि नहीं कुछ भी नहीं मिला है
12:29सत्तापक्ष सिर्फ यहीं प्रोटेस्ट नहीं कर रहा है वो पार्लेमेंट के अंदर भी डिस्टप करता है सत्तापक्ष ही संसत नहीं
12:38चलने दे रहा है विपक्ष तो रोज विपक्ष की दिमांड क्या है कि ग्रिह मंत्री जी सदन में आएं स्टेटमेंट
12:46दें प्रधान मंत्
12:56तो रहाल गांदी तो रोज से दन में आ रहे हैं जब examination amendment act पे debate हो रही थी,
13:03home minister साथ क्यों नहीं आये थे, पुरधान मंत्री जी क्यों नहीं आये, इस देश के छात्रों के भविश्य का
13:09मुद्दा था, उस पे बहस हो रही है, उस पे ग्री मंत्री जी गायब है, पुरधान मंत्
13:22थे, तो ये सरकार इस देश के छात्रों के भविश्य को ले करके रत्ती भर भी चिंतित नहीं है, उसको
13:29कोई परवा ही नहीं है, उसके लिए कोई मुद्दा ही नहीं है, वो तो देश का युबा जाग गया है,
13:33छात्र जाग गया है, तो मजबूर हो करके इन्होंने धर्में
13:58कितनी बार बीसी की मीटिंग में बात रख चुके कितनी बार संसदी कारे मंत्री जब रहुल जी से मिलते हैं
14:08तो क्या बात करते हैं फिर आप कहेंगे कि आपने लिख करके नहीं दिया आप चाहते हैं
14:14आपको प्रेम पत्र भेजें मतलब आप मजाग बना के रख दिया है आपने संसदी कारे प्रणाली का आप संसद खुद
14:21नहीं चलाना चाहते हैं जब एक दिन बचता है तो आप चिठिया लिखना शुडू करते हैं और फिर आप कहते
14:25हैं कि हम तो बहस चाहते हैं लाइए दो �
14:27दिन एक्स्ट एकार देख क्षे है आपको पहले दिन से पता नही तहाण दी स California गयूंँरू कि इस जुलाई
14:31को लटी को फुदवने बच्चों को वाहरी आपने बच्छों को भने हुद विए उसके बाद से अब तक आपको हैंसास
14:36ही नहीं हुआ जाहिए आपको पारलेमें
14:57झाल
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