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CM Vijay Assembly Speech: विधानसभा में गरजे CM Thalapathy Vijay, क्यों खामोश हुआ विपक्ष? | Oneindia Hindi

तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (थलापति विजय) के ओजस्वी भाषण ने सदन का माहौल गरमा दिया। जानिए कैसे सीएम विजय के बयानों और नीतियों पर तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा सदन गूंज उठा!


तमिलनाडु विधानसभा के सत्र के दौरान मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (C. Joseph Vijay) ने अपनी सरकार की प्राथमिकताओं, जनकल्याणकारी योजनाओं और राज्य के अधिकारों को लेकर दमदार भाषण दिया। टीवीके (TVK) प्रमुख और राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने विपक्ष के तीखे सवालों का तार्किक और कड़ा जवाब दिया।

सदन में अपने संबोधन के दौरान सीएम विजय ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार तमिल अस्मिता, भाषाई अधिकारों और राज्य के विकास के मुद्दों पर कोई समझौता नहीं करेगी। उनके इस कड़े और स्पष्ट रुख पर सत्ता पक्ष के विधायकों ने मेज थपथपाकर और तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत किया, जबकि विपक्षी खेमे में सन्नाटा पसर गया।

इस वीडियो में देखिए तमिलनाडु विधानसभा से सीएम थलापति विजय के भाषण का मुख्य अंश, विपक्षी नेताओं के साथ हुआ सियासी टकराव और राज्य की राजनीति पर इसका असर।
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About the Story:

Tamil Nadu Chief Minister C. Joseph Vijay (Thalapathy Vijay) delivered a powerful address in the Tamil Nadu Legislative Assembly. Asserting his government's firm stance on state rights, Tamil linguistic identity, and public welfare schemes, CM Vijay shut down opposition criticism amid roaring applause from the treasury benches. Watch the complete floor speech and political analysis.


#CMVijay #ThalapathyVijay #TNAssembly #TVK

~HT.410~PR.514~ED.104~GR.508~VG.HM~

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Transcript
00:00माननी अध्यक्ष्म होदै, मेरी बात पर ध्यान दें
00:05ये तो हमारे अपने परिवार की बात है और ये हमारे अपने घर की बात है
00:10हमारी आदर्णी है, दादी मा, हमारी प्यारी मा, हमारी बड़ी बहन और हमारी छोटी बहन के विशय में एक विशेश
00:16प्रस्ताव
00:19इस महत्वपूर्ण विशय पर कुछ कहने के लिए
00:21और उन सभी लोगों की और से अपनी बात रखने के लिए
00:23मैं अपने अंतरमन की गहराईयों से
00:25अपने पूरे दिल और रूँ से ये बात कह रहा हूँ
00:28इस से पूर्व इस महान विजय को
00:29जो सम्मान और जो स्थान पर राप्त हुआ था
00:34इस से पहले इस विजय को जो जगह मिली थी
00:37और आज इस विजय को जो जगह मिली है
00:40उसका सबसे बड़ा कारण मेरी दादी, माँ और बहने ही हैं
00:48मैं इस बात से इंकार नहीं कर सकता
00:51कि वे ही सबसे बड़ा कारण है
00:59सोच सकते हैं कि बहुत सारा पैसा होने से किसी घर का या बड़ी अर्थ विवस्था होने से किसी देश
01:05का नाम बड़ा हो जाता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि किसी घर या देश का नाम वास्तों में
01:10कब बड़ा होता है जब उस घर की महिलाएं व्यक्तिगत रूप से समाज
01:15में उपर उठती हैं तभी पूरे समाज को बड़ा नाम मिलता है
01:23हमारी तमिलनाडू की धर्ती पर संगम काल से लेकर आज तक ऐसी कई महिला हस्तियां रही हैं जो एक बड़ी
01:31पहचान है
01:31संगम काल की हस्तियां जैसे ओवईयार, काक्कई, पादिनियार और साहित्य में अपनी पहचान बनाने वाली कन्नगी, मनी मेकले, कुंडल केसी,
01:42आंडाल, कारेकाल, अम्मयार जैसी महिलाएं अध्यात्म और साहित्य में उचे स्थान पर हैं
01:48रानी वेलु नचियार, कुईली, अंबुजम अम्मल, रुक्मिनी, लक्ष्मी पती अम्मल, डॉक्टर मुथु लक्ष्मी रेड़ी, अंजली अम्मल, जनसेवक अंजली अम्मल, ये
01:57सभी हमारे देश के स्वतंतरता संग्राम में शामिल रही हैं
02:02तमिलनाडू की पावन धर्ती पर ऐसी कई महान महिला हस्तियां रही हैं
02:07स्वतंतरता संग्राम के गौरवशाली इतिहास से लेकर सामाजिक न्याए की लंबी लड़ाई तक तमिलनाडू की महिलाओं की सक्रिये भागिदारी रही
02:14है
02:14सिर्फ इतना ही नहीं बलकि शिक्षा, विज्ञान, राजनीती, न्याए, प्रशासन और तकनीक जैसे हर ख्षेत्र में आज तमिलनाडू की महिलाओं
02:21का अतुलनिय योगदान है और इस सच्चाई से कोई भी इंकार नहीं कर सकता
02:28ऐसी हमारे घर की महिलाओं को राजनीती में भी आगे बढ़ने का रास्ता देना चाहिए, उन्हें उचित आरक्षन मिलना चाहिए
02:37महिलाओं को आरक्षन देना कोई रियायत नहीं समझनी चाहिए, ये सामाजिक न्याय और समविधान से जुड़ा है
02:46हमारे देश की आबादी में लगबग आदी महिलाओं है, इसलिए हर स्तर पर महिलाओं को समान दर्जा दिया जाना चाहिए
02:56हमारा समविधान भी उन्हें बराबरी का अधिकार देता है
03:00तमिल नाडू में पुरुषों के तुलना में महिलाओं की संख्या कहीं अधिक है
03:04मतदान के मामले में भी वे पुरुषों से काफी आगे निकल चुकी है
03:08लेकिन राजनीती में भागीदारी की बात करें
03:10तो 2021 की विधान सभा में केवल 12 महिलाएं ही पहुँच पाई थी
03:15अगर हम वर्तमान स्थिती पर गौर करें
03:18तो वर्ष 2028 की इस नव निर्वाचित विधान सभा के भी तर कुल मिलाकर 23 महिला सदस्या मौजूद है
03:26यह संख्या दोगुनी हो गई है
03:27लेकिन प्रतिशत के हिसाब से इसमें कोई बड़ी बड़ोतरी नहीं हुई है
03:31माननीय अध्यक्ष महोदे
03:33केंद्र सरकार ने साल 2023 में लोकसभा
03:37सभी राज्य विधान सभाओं और दिल्ली केंद्र शासित प्रदेश की विधान सभा में
03:42महिलाओं के लिए एक तहाई सीटों का आरक्षन अनिवारे करते हुए
03:47एच सो छेवा सम्विधान संशोधन अधिनियम 28 सितंबर 2023 को पारित किया
03:53जो 16 अप्रेल 2026 से लागू हो गया है
03:58हालांकि यह आधिकारिक तोर पर सपष्ट किया गया है
04:01कि सीटों के लिए यह आरक्षन की विवस्था आगामी जनगणना और उसके ठीक बात संपन्न होने वाली परिसिमन की प्रक्रिया
04:07पूरी होने के उपरान थी पूर्ण रूप से धरातल पर लागू हो पाएगी
04:11साथ ही साथ केंदर सरकार द्वारा वर्ष दोहजारचबिस के दौरान 111 सम्विधान संशोधन विधेयक और वर्ष दोहजारचबिस का परिसिमन विधेयक
04:20संसद के पटल पर प्रस्तुत किया गया
04:22किन्तु 17 अप्रेल 2026 की तारीक को सदन के दो तिहाई सदस्यों का आवश्यक समर्थन प्राप्त नहों पाने की वज़ा
04:29से ये महत्वपूर्ण विधेयक पारित होने में विफल रहा।
04:32इस प्रकार से देखा जाये तो जनगनना की प्रक्रिया और परिसीमन के कारे के साथ महिलाओं के लिए सीटों के
04:39आरक्षन को जोड़ देने से इसे धरातल पर लागू करने की प्रक्रिया में कई और वर्षों का लंबा विलंब हो
04:44सकता है।
04:46माननी अध्यक्ष महोदय हमारी संसद और देश की सभी राज्य विधान सभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटों के
04:52आरक्षन संबंदी जो एतिहासिक कानून हमने पारित किया था उसे धरातल पर उतारने में जो अनावश्यक देरी हो रही है
04:59उसके चलते उस कानू
05:00उनको पारित करने का जो मूल उद्देश था वह आज भी अधूरा ही बना हुआ है और इस तरह से
05:05कीमती समय निरंतर बीटता जा रहा है यह महिलाओं के राजनीतिक अधिकारों को नकारने जैसा है इसलिए महिलाओं के लिए
05:13सीटों के आरक्षन को जनगणना और परिसीमन क
05:16के साथ जोड़कर टाला नहीं जाना चाहिए तमिलनाडु सरकार केंदर सरकार से पुरजोर आग्रह करती है कि इस आरक्षन को
05:25जल्द से जल्द लागू करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाए माननीय अध्यक्ष महोदय हमारी टीवी के सरकार महिलाओं
05:33को राजनी
05:45प्रदेन नाम की एक विशेश टास्क फोर्स का गठन किया गया है महिलाओं की सुरक्षा और उनके सम्मान को लेकर
05:50टीवी के सरकार पूरी तरह से सतर्क है और भविश्य में भी रहेगी
05:55स्थानी निकायों में
05:57स्थानीय निकायों में महिलाओं को मिलने वाले 50% आरक्षन के कारण आज हजारों महिलाएं सफलता पूर्वक जन प्रतिनिधी के
06:04रूप में कार्य कर रही है
06:05और उनके नेत्वित्व के बहतरीन गुण भी पूरी तरह से साबित हुए है
06:09इसी तरह महिलाओं की इस सफलता को विधान सभा और संसत तक ले जाने का समय आ गया है
06:16माननी अध्यक्ष महोदय मैं आज इस गरिमा मई सदन के माध्यम से केंद्र सरकार से पुरजोर आगरह करना चाहता हूँ
06:22कि देश की महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षन के प्रावधान को बिना किसी और विलंब के अविलंब लागू किया
06:28जाए
06:28यह महिलाओं पर किया गया कोई एहसान नहीं है बलकि यह उनका समवैधानिक और लोकतंत्रिक अधिकार है
06:34यह केवल किसी एक अकेले व्यक्ति की ही जीत नहीं है यह भारतिय लोकतंत्र की जीत है जब एक महिला
06:42सशक्त होती है तो एक परिवार आगे बढ़ता है जब हजारों महिलाएं सशक्त होती है तो पूरा देश आगे बढ़ता
06:49है
06:50तमिलनाडू की राजे सरकार केंदर सरकार से पुरजोर आग्रह करती है कि महिलाओं के आरक्षन को जनगनना और परिसिमन की
06:57जटिल प्रक्रियाओं के साथ जोद्ध कर जो अनावश्यक देरी हो रही है उसके कारण इस महत्वपूर्ण विध्यक को और अधिक
07:04टाला ना जाए
07:04इसके बजाए इसे ही अथा शीग्र धरातल पर उतारने और लागू करने के लिए केंदर सरकार को सभी आवश्यक संवेधानिक
07:11और कानूनी कदम उठाने चाहिए
07:17माननी अध्यक्ष महोदय परिसिमन से जुड़ी एक परामर्ष बैठक तमिलनाडू के लोगसभा और राज्यसभा सदस्यों के साथ तमिलनाडू सरकार के
07:25सहयोग से और हमारी अध्यक्षता में 8 अगस्त 2026 को कलेवानार अरंगम में आयोजित की गई थी
07:32उस बैठक में तमिलनाडू के सभी लोगसभा और राज्यसभा सदस्यों को आमंत्रित किया गया था जिसमें भारतिये राष्ट्रिये कांग्रिस के
07:4211 सदस्य, विदुथलाई, चिरुतैगल, काची के 2 सदस्य, भारतिये कम्यूनिस्ट पार्टी के 2 सदस्य, मार्क्सवादी
07:50कम्यूनिस्ट पार्टी के 2 सदस्य, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के सदस्य, और मरु मलार्ची द्रवेड मुनेत्र कडगम के सदस्य, सहित
07:586 पार्टियों के सदस्य, शामिल हुए।
08:20मामले के संबंध में, राज्य की विधान सभा में एक आपचारिक प्रस्ताव पारित किया जाए।
08:50में वर्ष 1976 के बयालेईवें संविधान संशोधन के प्रावधानों के अनुसार, जिन राज्यों ने जन संख्या को प्रभावी ढंग से
08:57नियंतरित किया है, उन राज्यों को परिसिमन की प्रक्रिया के कारण।
09:01लोगसभा के सदस्यों की खुल संख्या में किसी भी प्रकार की कमी न आये, इसी उद्देश को ध्यान में रखते
09:07हुए ये विशेश कानून पारित किया गया था, कि आगामी 25 वर्षों की लंबी अवधि तक सांसदों की संख्या को
09:13केवल 1971 की जन गणना के आंकणों के आध
09:31देश उन राज्यों के अधिकारों की रक्षा करना था, जिन्होंने जनसंख्या नियंतरन के उपायों को प्रभावी धंग से लागू किया
09:38था, माननीय अधिक्ष महुदे वह जो 25 वर्षों की समय सीमा तै की गई थी, वह अब वर्ष 2026 में
09:44समाप्त होने जा रही है, इसी क
09:59दोजार 26 में संसद में एक विधेयक पेश किया गया था, लेकिन वह विधेयक विफल रहा, अब एक बार फिर
10:06से केंद्र की वर्तमान सरकार के माध्यम से लोगसभा के सदस्यों की कुल संख्या में 50 प्रतिशत तक की भारी
10:12वृद्धि करने के उपरांत, परिसी मन विधेयक
10:14को सदन में पेश करने की संभावित योजना के बारे में कुछ प्रमुक राजनीतिक दलों के द्वारा चर्चा की जा
10:18रही है।
10:52इसा करने से दक्षणी राजों के सांसदों के संख्या में भारी कमी आने की संभावना है।
11:14बजाए अंतिम निर्णे लेने का अधिकार केवल संसद के पास ही होना चाहिए।
11:18मैं इस विशय पर आपका ध्यान आकर्शित करना चाहता हूं।
11:22तमिलनाडू सहित दक्षणी राज्य जनसंख्या नियंतरन कारे क्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करके प्रगति कर रहे हैं।
11:30पिछले पचास वर्षों से लागू लोक सभा और विधान सभा सीटों की संख्या को यतावत बनाए रखने की सक्त जरूरत
11:38है।
11:39इसलिए ये अत्यंत आवश्यक है कि वर्तमान में लोक सभा के सदस्यों की जो कुल संख्या 543 है उसे ही
11:45स्थाई रूप से बरकरार रखा जाए।
12:13महिला आरक्षण कानून को अमल में लाने में अब और अधिक विलंब न करते हुए वर्तमान 543 सीटों में से
12:20ही एक तिहाई सीटे महिलाओं के लिए आरक्षित करने और आगामी दो हदर उनतिस के संसदिये चुनावों से ही इसे
12:27प्रभावी ढंग से लागू करने का प्रस्
12:39कि वे दलगत राजनीती से उपर उठकर राज्य के व्यापक हित में एक जुठ हों और हमारे इस प्रस्ताव को
12:46सर्व सम्मति से पारित करें।
12:50सीटों का परिसीमन और साथ ही महिला आरक्षन का महत्वपूर्ण मुद्दा ये एक सरकारी विशेश प्रस्ताव है तमिलनाडू समेथ हमारे
12:58देश के सभी राज्यों और केंदर शासित प्रदेशों में लोकसभा और विधानसभा के सदस्यों की कुल संख्या का निरधारन
13:04पिछले पांच दशकों से यानि 1971 की जनगणना के आंकडों के अधार पर ही किया जा रहा है और उसी
13:11के अनुसार चुनाव संपन कराय जा रहे हैं।
13:34आक सो पचास करने के उद्देशे से सदन में पेश किया गया संविधान संशोधन विधेयक विफल रहा।
14:06केंद्र सरकार द्वारा दिये गए आश्वासन के अनुसार यह केंद्र सरकार का मुख्यकरतव्य है कि वह यह सुनिश्चित करे कि
14:13जनसंख्या नियंत्रन कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने वाले अच्छी आर्थिक वृद्धी हासिल करने वाले और बेहतर
14:19स्वास्थ्य एवं जनक अल्यानकारी योजनाये चलाने वाले किसी भी राज्य को परिसिमन के कारण नुकसान ना हो।
14:49आरक्षन को बिना किसी भी प्रकार की देरी किये वर्तमान में उपलब्ध 543 सीटों के आधार पर ही आगामी दोहजार
14:56उन्तीस के लोकसभा चुनाओं में अनिवारे रूप से लागू करने का पुर्जोर आग्रह करते हुए तमिलनाडू की विधान सभा निम्न
15:02लिखित प
15:18लोकसभा सीटों का जो वर्तमान आनुपातिक प्रतिनिधित्व है उसे भी इसी स्तर पर ही स्थाई रूप से बनाए रखा जाना
15:25चाहिए और हमारा तीसरा बिंदू यह है कि
15:28तमिलनाडू विधान सभा सर्व सम्मति से केंद्र सरकार से आग्रह करती है कि आगामी लोकसभा आम चुनाव और उसके बाद
15:36के विधान सभा आम चुनावों में महिलाओं को एक तिहाई सीटों के आरक्षण का लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाए
15:43माननी अध्यक्ष महोदय मैं आपका ध्यान इस अत्यांत महत्वपूर्ण विशय की ओर आकरशित करना चाहता हूँ
15:48यह प्रस्ताव किसी एक राजनीतिक दल का निजी प्रस्ताव नहीं है
15:51यह तमिल नाडू के अधिकारों की स्थाई रूप से रक्षा और सुरक्षा करने वाला एक अत्यांत महत्वपूर्ण प्रस्ताव है
15:56इसलिए मैं सदन के सभी दलों के माननीय सदस्यों से विनम्र अनुरोद करता हूँ
16:00कि वे इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित करें
16:02आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद
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