00:003 जुलाई को शुरू ही बाबा अमर्नाथ की यात्रा इसे 20 अगस्त तक चलना था
00:04लेकिन 9 अगस्त आते आते ही प्रशासन ने ऐसा फैसला लिया
00:08जिसने लाखों श्रत धालूं के मन में सवाल खड़ा कर दिया
00:12आखिर अमर्नाथ यात्रा को 20 तिन पहले क्यों रोकना पड़ा
00:17क्या वज़े सिर्फ खराब मौसम है या फिर इसके पीछे पहाड़ों की बदलती हालत की भी एक बड़ी वज़े है
00:24जबने कश्मीर परशासन ने 9 अगर से अमर्नाथ यात्रा के दोनों रास्तों को रोप दिया है
00:31यानि आनंतरा का चड़नवारी पहलगा मार्व या गांधरवल का बालटाल मार्व
00:36अब इन दोनों रास्तों से कोई यात्रा नहीं होगी
00:41प्रशासन के मताबिक हाल ही में तेज बारिश ने यात्रा ट्रैक के कई हिस्सों को कमजोर कर दिया
00:47कहीं रास्तों को नुकसान पहुँचा तो कहीं भूस कलन का खत्रा बढ़ा
00:51और अब इन रास्तों की मरमत का काम भी शुरू हो गया
00:55प्रैक को दुबारा सुरक्षित और मजबूत बनाने की सिम्बेदारी बियारो यानि बॉर्डर रोड्स और उर्नाइजिशन को दी गई
01:02इसके साथ ही मौसम विभाग ने भी आने वाले दिरों में खराब मौसम की और आशंका जटाई
01:08यानि प्रशासन के सामने एक परफ शद्धालू की सुरक्षा और दूसरे तरफ बारिश और भू इसकलन से कमजूर हुआ पहाड़ी
01:16रास्ता था
01:17इसी वज़े से फैसला लिया गया जोखिम लेकर यात्रा जारी रखने से बेतर है यात्रा को ही रोग दिया जाए
01:23लेकिन सवाल यही कात नहीं होता क्योंकि इस साल अमरनाथ यात्रा पहले भी मौसम की वज़े से रोग चुकी है
01:30जुलाई में भी खराब मौसम के कारण दोनों रास्तों पर यात्रा अस्थाई तर पर रोगी गए थी
01:35और पिछले साल यानि 2025 में भी भारी बारिश और भू इसकलन के बाद यात्रा को पह तारीक से पहले
01:42रोगना पड़ा था
01:43तो फिर 2026 में ऐसा क्या है जिसके चलते प्रशासन ने 28 अगस्त का इंतजार किये बिना 9 अगस्त से
01:50ही नियमित यात्रा रोग दी
01:52एक वजह तो साफ है ट्रैक किया दो लेकिन इस बार अमर्नाथ यात्रा से जोड़ी एक और तस्वीर पहले ही
01:59सामने आ चुकी है
02:00बाबा बरफानी के प्राकर्तिक हेमलिंग की इस साल यात्रा शुरू होने के कुछ ही दिनो के बाद अमर्नाथ कुफाक में
02:07प्राकर्तिक रूप से बनने वालग पर्फ का शिवलिंक 3 Cum से पिखलने लगा
02:12रिपोर्टों के मुताबिक शुरुवाती दिनों में ही इसका आकार 90 पर्टिशत से ज्याता घट गया था
02:18जिस याक्त्रा को 57 दिनों तक चलना था उसके शुरुवाती दिनों ही में बाबा बरफानी का आकार 3G से बिदल
02:26गया
02:26विज्यानिक तौर पर ये प्राकिर्तिक बर्फीली सन्रचना है जो गूफा की छट से टपकने वाली पानी से चल्ट कर पनती
02:33है
02:34लेसलिए तापमान, मौसम और गूफा के आस पास की परिस्थितियां इसके आकार पर असर ढालती है
02:40नेकिन श्रतालिगों के लिए बाबा बरफानी सिर्फ पर्फ की संगचना नहीं
02:45आस थाका केंडरे और यही वज़े है कि इस बार जल्दी पिखलते हिमलिंग ने भी खुब चर्चा बटोड़ी
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