00:00नमस्कार विशेश में आपका स्वागत है मैं हूँ मारिया शकील
00:03विशेश में आज हम बात करेंगे उत्राखंड में हुए एक और टनल अक्सिडेंट की
00:08चमूली में एक हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की टनल में कल एक हाथसा हुआ
00:13अब तक साथ मजदूर इस हाथसे में मारे गए हैं तीन लापता हैं जिनकी तलाश जारी है
00:19बारा मजदूर घायल हैं लेकिन सवाल ये है कि उत्राखंड में जो डिवल्पमेंट प्रोजेक्ट चल रहे हैं
00:27और जिनके वज़े से टनल्स बनाई जा रही हैं उनमें ये हाथसे बार-बार क्यों हो रहे हैं और कब
00:34तक होते रहेंगे
00:47बार-बार उत्राखंड की सुरंगों में क्यों हो रहे हैं इतने बड़े हाथसे
00:53विकास की रह में विनाश का इंतजाम कौन कर रहा है क्या उत्राखंड की नदियों में जरूरत से जादा हाइड्रो
01:00पावर प्रोजेक्ट बन रहे हैं
01:02उत्राखंड के कच्चे पहाडों में बड़ी-बड़ी सुरंगे खोद कर विनाश कौन ला रहा है
01:11उत्राखंड में एक और मौत की सुरंग बनी है चमोली जिले के पीपल कोटी की टीएच डीसी की सुरंग
01:18तस्वीरें बता रही हैं कि सुरंग के अंदर इस वक्त क्या हालात हैं
01:22पूरी स्थिती समझने से पहले आपको ये जानना जरूरी है कि ये हादसा कहां और कैसे हुआ
01:31उत्राखंड के चमोली जिले के पीपल कोटी में टीएच डीसी हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट बन रहा है
01:36ये प्रोजेक्ट अलकनन्दा नदी पर बन रहा है जिसकी ख्षमता होगी 444 मेगावाट
01:42बताया जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट का 80% काम पूरा हो चुका है
01:46इस प्रोजेक्ट के तहत एक 65 मीटर उचा डैम बन रहा है जिसमें दो सुरंगे होंगी
01:52तहली है हेड रेस टरनल यानि HRT जिसकी लंबाई है 13.4 किलोमेटर और दूसरी है टेल रेस टरनल TRT
02:02जिसकी लंबाई है 3.04 किलोमेटर
02:05गुरुवार को जो हाथसा हुआ वो इसी TRT सुरंग में हुआ है
02:10अब ये समझे कि यह हाथसा कैसे हुआ
02:13इस इलाके में जम कर बारिश हो रही है
02:16मौनसून का सीजन है और आसमान से आफत बरस रही है
02:20कई जबहों पर भूस खलन और बादल फटने की घटनाई भी हो रही है
02:24इन हालात में भी इस टरनल में काम चालू था
02:29बताय जा रहा है कि गुरुबार को अचानक से
02:32सुरंग में 150 मीटर दूर तेज आवास के साथ भारी भूस खलन हुआ
02:38मलबा, पत्थर और पानी तेज गती से टनल के अंदर घुज गए
02:42उस वक्त वहाँ पर कुछ मजदूर काम कर रहे थे
02:44इसी हाथसे में कुछ मजदूर मलबे में दब गए और बाकी फंस गए
02:48टनल में कई जगह से मलबा आने से ऑक्सिजन लेवल बहत कम हो गया था
02:53बताय जा रहा है कि टनल के अंदर मलबा दो दिन से आ रहा था
02:57लेकिन इसके बाद भी प्रोजेक्ट मैनेजमेंट में इस पर ध्यान नहीं दिया और काम चालू रखा
03:03इसके बाद तो टनल में लगातार पानी भरता गया
03:05हाला कि हाथसे की सूचना मिलते ही राहत और बचाब दल मौके पर पहुच गया था
03:09ये तस्वीरे बता रही है कि अंदर क्या हाला थे
03:16बताया गया कि सुरंग के अंदर कुल 22 मजदूर फसे हुए थे
03:19साथ मजदूरों की मौत हो गई है तीन अभी भी फसे हैं
03:23बारहे मजदूरों का अस्पताल में इलाज चल रहा है
03:39टरनल के अंदर गिरा और उसके बार एक बहुत जबरदस्त यहां पर बताया जा रहा हवा का जोका और पानी
03:45का बहुत बड़ा रिशा हुआ
03:47और उसने कुछ लोगों को तो अंदर की ओर धकेला और कुछ लोगों को बाहर की ओर धकेला ऐसे में
03:52कुछ तो ठीक ठाक निकल चुके हैं लेकिन अभी तक तीन लोग ला पता है बता चले इस पूरे हाथ
03:58से में 22 लोग यहां पे हताहत हुए थे जो जो कुछ घायल है कुछ सा�
04:15इस पानी को बाहर निकाला जाएगा ताकि जो तीन लोग है अंदर उनका रेस्क्यू हो नहीं पा रहा है पानी
04:21भर जा रहा है ऐसे में लगातार यहां पे ITBP की फोर्स है वो लगातार आ रही है जो टी
04:28में है वो लगातार लगी है कभी मसीने बेजी जा रही है कभी ड्रम �
04:33अलग-अलग तरीके से यहां पे इस समय जो रेस्क्यू और बचाओ के काम चल रहे हैं वो करवाए जा
04:38रहे हैं लेकिन समस्य यह है कि टनल के अंदर लगातार पानी भरता जा रहा है इसी वज़े से रेस्क्यू
04:45टीमों को दिक्कते आ रही है
04:49जैसे ही कल रात यह रेस्क्यू टीमें पहुँची तो टनल में बहुत जादा पानी भरा हुआ था तुरंत इन्होंने टेंप्ररी
04:55नाव बना दिया नीचे बड़े-बड़े ड्रम बांधे और एक अस्थाई नाव का निर्मान किया और उसके बाद देखिए कैसे
05:01इन जु�
05:16पानी का लेबल ज्यादा होने से समध्य आ रही है हम लोगों को दी दी वाटेरिंग पंप अभी पांच गाम
05:24कर रहे हैं तो दी वाटेरिंग पंप की संख्या को बढ़ाने के लिए कहा गया है ती आजीसी से वो
05:28पंप बंगा रहे हैं एक टीपीजी के माद्यम से और बाकी ह
05:51अभी सबसे पहली प्राथमिक्ता तीन लापता लोगों को खोजने की है लेकिन टनल के अंदर बहुत जादा दिक्कते आ रही
05:58है क्योंकि ये कहा जा रहा है कि करीब एक किलोमेटर के इलाके में पानी भरा है और कहीं-कहीं
06:03तो पानी पांच फीट तक गहरा है पानी में बहुत
06:13पहली कोशिश यही है कि टनल के अंदर से पानी को किसी तरीके से बाहर निकाला जाए
06:42ट्रूपस को यूज करके और मैगजीमम एरिया जु है मैनुवली सर्च करके खलेर करें लिए क्या लगई रहा है कि
06:50पानी कैसे बढ़ रहा है इतना ज्यादा पानी कम करने के लिए जैसा मैंने बताए सांस्थान ने जो मोटर्स लगाई
07:00है वो सहीर कारवाई करें बट हो कि
07:36अब वो कह रहे हैं कि राज्य की सुरंगों की सुरक्षा उनकी प्राथ मिक्ता है
07:41लेकिन सवाल ये उठ रहे हैं कि सुरंगों में लगातार हाथ सों को कैसे टाला जाएं
08:10गड़वाल से बीजेपी के सांसद अनिल बनूनी भी पहुचे
08:13टनल के अंदर गए पूरा rescue operation देखा
08:16सबसे ज़्यादा समस्या यही आ रही है कि टनल में लगातार पानी भर रहा है
08:20बड़े बड़े pump लगाकर पानी को निकाला तो जा रहा है
08:23लेकिन जितना पानी निकलता है उतना फिर से सुरंग में आ जा रहा है
08:29वाकई बड़ी मुश्किल प्रिस्थितियों अंदर काम हो रहा है और आप सब लोग जानते भी
08:35operation जारी है प्रेस्क्य operation अभी जारी है और हमारे NDRF और HDRF के जवान और बाकी जो हमारा स्थाने
08:45सब कर पाणी परषाबन काम कर रहा है और सारे लोग के ऑजो के ताकर से लगा है आगे आगे
09:10तर जाने के तयारी में है
09:19इन हालात में सबसे ज़्यादा समस्या मौसम को लेकर भी है
09:23क्योंकि लगातार बारिश हो रही है
09:25बारिश रुकी नहीं रही
09:26ऐसे में डर ये भी है कि कहीं और ज़्यादा भूस खलन न हो जाए
09:30अभी तो पहली प्राथ मिक्ता उन तीन लापता मजदूरों को खोजने की है
09:37कमल नयन सिलोडी, चमूली आज तक
09:42सवाल ये भी है कि टनल्स में सुरक्षा के पूरे इंतजाम क्यों नहीं है
09:47क्या सरकार राज भर में चल रहे ऐसे प्रोजेक्ट के सेक्यूरिजी आडिट नहीं करा सकती
09:53पिछली बार जब उतरकाशी के टनल में 41 मसदूर 17 दिनों तक पहसे हुए थे
10:00तब भी सरकार ने कहा था कि आडिट होगा
10:03अब यह हाथसा हुआ है तो फिर सरकार कह रही है कि वो आडिट करेंगे
10:09लेकिन कब करेंगे और यह हाथसे कब रुकेंगे
10:37चमोनी के पीपल कोटी सुरंग हाथसे में
10:39जिन्दगी बचाने की जद्दो जहद जारी जो अंदर भसे हैं उन्हें निकालने की कोशिश चल रही है
10:46SDRF, NDRF, ITBP की टीमें तैना थे
10:49लेकिन जो लोग मौत की सुरंग से मौत को मात दे कर आए हैं अब उन से लिए
11:04कितने लोग था आपनों प्रूटल
11:11चमोली सुरंग हाथसे के खायलों को गोपिश्वर के अस्पताल में भरती करवाया गया है
11:15वही पर उनका इलाज चल रहा है
11:16इन लोगों ने बताया कि हर रोज की तरह गुरुवार को भी मजदूरों की टोली
11:21सुरंग में घुसी और अपने काम में जुट गई
11:23लेकिन तभी तेज आवाज से सुरंग का एक हिस्सा तूट गया
11:27इससे टहले कि कोई कुछ समझ पाता
11:29मलवे के साथ साथ सुरंग में पानी भर गया
11:55आपके साथ के कितने लोग थी तो मेरे साथ के तो कोई नहीं थे
12:04मजदूरों की इन बातों से अंदाजा लगाया जा सकता है
12:06कि हाथसा कितनी तेजी से हुआ होगा
12:08कुछी सेकेंड में सुरंग का माहौल बदल गया
12:11जो मजदूर कुछ देर पहले तक सामान ने तरीके से काम कर रहे थे
12:14उनके सामने अचानक से मलबा, पामी और अंधेरा था
12:18जब समलने का मौका मिला तो इन लोगों ने सुरंग से बाहर निकल कर
12:22किसी तरह से अपनी जान बचाए
12:25वक्ताया बीक बीका एक तरे यास्टाग
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