00:00लेकिन हमारी तमिल सिर्फ एक भाशा नहीं है, ये सिर्फ बोलने से निकलने वाली आवाज नहीं है, मैं फिर कहता
00:06हूँ, तमिल सिर्फ एक भाशा नहीं है, ये हमारी जान है, ये हमारी भावना है।
00:13माननिय अध्यक्ष महदय भाशा हमेशा समवाद का एक माध्यम होती है इस बात से कोई इंकार नहीं कर सकता ये
00:24दुनिया की हर भाशा पर लागू होता है इससे भी कोई इंकार नहीं कर सकता लेकिन हमारी तमिल सिर्फ एक
00:31भाशा नहीं है ये सिर्फ बोलने से निकलने वाली आ
00:45हमें जन्म देने वाली मा को जब हम अम्मा कहते हैं
00:49तो सारा प्यार और अपना पन हमारे अंदर अपने आप ही जान बनकर रिष्टा बनकर भावना बनकर उमर पड़ता है
00:55ना
00:55उसी तरह बलकि एक कदम आगे बढ़कर कह सकते हैं
00:59तमिल कहते ही कैसा महसूस होता है क्या होता है ये बताने की जरूरत है क्या
01:04मा जैसे सबसे पवित्र होती है वैसे ही मातर भाशा भी होती है और उसमें भी
01:11और उसमें भी हमारी मातर भाशा तमिल भाशा है इतना कहना ही काफी है
01:16मुझे लगता है कि हर कोई हमारी मात्र भाशा के प्रती इस भावना को समझता होगा
01:20अगर हमारी मा ही हमारे लिए सबसे पवित्र है
01:23तो हम सब की तमिल मा के बारे में क्या कहना
01:27मा का सम्मान करने वाली उनका गुनगान करने वाली तमिल नाडू की मिट्टी
01:31तमिल थाए वाल्थू को कैसे छोड़ देगी नहीं छोड़ेगी और कभी छोड़ भी नहीं सकते
01:39माननी अध्यक्ष महोद mutual
01:41हमारी तमिल थाए वाल्थू को अठारा सो नब्य में लिखने वाले मनूनमनियम संदरनार ने
01:47हमारी तमिल भाशा को ही तमिल मा कहकर बड़े आदर से गाया था
01:53भारतिय उपम महादवीब को भारतिय संग को एक खुबसूरत चेहरे के रूप में बताने वाले
01:58मनुन मनियम सुंदरनार ने कहा था कि उस चेहरे के माथे पर जो बिंदी है जो तिलक है वही तमिल
02:04नाडू है भारत के माथे पर
02:09भारत के माथे पर, सजी बिंदी की तरह एक जीत की बिंदी है हमारा तमिल नाड़ू
02:14उन्होंने कहा था कि जैसे उस बिंदी की खुशबू पूरी दुनिया में पेलती है वेसे ही
02:19तमिल की कीरती भी पूरी दुनिया में पेलनी चाहिए ये सची तो है
02:24आज ऐसे देश बहुत कम है जहां तमिल बोलने वाले लोग ना हो ऐसा कौन सा देश है जहां तमिल
02:29और तमिल लोग ना हो
02:30मैं फिर से कह सकता हूं तमिल सिर्फ एक भाशा नहीं है ये एक संस्कृति है ये एक सब्धिता है
02:36ये एक सोच है ये एक आत्मा है
02:37तामिल नाडू के इतिहास में पहली बार हमने धान और गन्ने के लिए राज्ज सरकार की प्रोटसाहन राशी बढ़ाने का
02:46फैसला किया है
02:51चुकि धान की खरीद का सीजन आगामी एक सितंबर से शुरू होने जा रहा है
02:57न्यूनितम समर्थन मुल्य के साथ राज्ज सरकार के प्रोटसाहन के रूप में बारीक धान के लिए प्रतिक विंटल दो सो
03:07नवासी रुपए
03:09और सामान्य धान के लिए 169 रुपए की बढ़ोत्री की जाएगी जिससे बारीक धान 2750 रुपए और सामान्य धान 2600
03:23रुपए में दिया जाएगा
03:24प्रहोँ प्रोटसा कुछार चारा बारीक अड्रवान प्रोटसा थाउड़ नवागा
Comments