00:01इमली जी
00:05का हुआ डाक्या बाबू
00:13कौनू संदेशा देने आये हैं कि बस ऐसे खाली टुकुर टुकुर देखने आये हैं
00:18इमली जी खता है तुम्हारा
00:21दीजे
00:25इमली जी का बात है इस बार बड़ा जल्दी खता आ गया है
00:28ओ हाँ ली जी
00:32कितना इंतजार किये हैं इस खत का हम
00:35आपसे बहतर और कौन समझ सकता है
00:37जानते हैं इमली जी
00:50मेरी प्यारी इमली आसा करता हूँ के तुम और अम्मा कुशल मंगल होगे
00:57और जब से तुम्हारा खत पढ़ा हूँ न तब से हमें सर्फ तुम्हारे पास आने का मन करता है
01:08पंकश का पत्र पढ़के हम अपने आप पर काबू तो पा लिए लेकिन जादा दिन अपने बदन की भूख को
01:14नहीं मना पाए
01:15का पता था भूख मिटाने के अनेको रास्ते होते हैं इप पत्र के खेल से कई रास्ते खुल जाएंगे
01:21क्या ही कहूं मार्द और आरत के रिष्टे को
01:26बड़ा ही अजीव होता है इप रिष्टा दूर हो तो लंबी जुदाई और पास हो तो लंबी ठुकाई
01:31क्या हो तो लंबी जुदाई
02:05करें बड़ कि ठुक कि खेल से कर हुआई दुदाई
02:09क्या हो तो लंबी जारत कामने के रिष्टे की प्रुदाई
02:16क्या है कैसा ज absor da लंबी जङे तो लंबी भंबी जा कामा हो तो लंबी जात्माने कें रिष्टे aim
02:25क्तर है ौराएं के उ अक्या नोगने उसक् steps
02:31बोल लो बोल लो अब भोशिड़ो अरे लग रहा पाद ले क्या तू का हो गया पुछना रे बुकलंट सला
02:37पुछरी का खोजरो तुम दोनो इमली भाबी ये छेत का धर वाजा का बोल रहा हो तुम दोनो अरे वो
02:44भाबी अपना वो गोर्की है ना उसका मरदवा कल का का किया �
02:50करव का
02:54आब अगर आपसे मिलेगी ना तो उसको बोल दीजेगा कि तीन सालसे ना हमाई ही खेट जोत रहे तो आप
03:02किसी और को जोतने नहीं अंगे हम खेट
03:03बता दे रहें का बोल दीजेगा भाबी जी पूलियेगा मत
03:19बुजरी और चटना के बातों से उस दिन हमें लगा, सिर्फ हमीं इंतजार में चिम्चिमा रहे थे, यहां कोई किसी
03:27का इंतजार नहीं करता
03:29ओ इमली जी, कौनों संदे सा भीजिना है का?
03:32अरे एडा क्या बाबू आप?
03:34अरे हम घर लोड रहे थे, तो सोचा इमली जी से पुछते चलें?
03:39नई, अभी तो कौनों जवाब लिखे नहीं हैं
03:41अरे इमली जी, इस सवाल जवाब कब तक कीजिएगा?
03:44तकिया जैसा बनिये, किसी के नीची आओ, और अराम सा सोचाओ
03:48ठीक है? सोचिएगा?
03:52सोचिएगा जरूर
03:56पोस्टमैन ने जो बात कही, तकिया जैसा बनिये
03:59उस दिन समझ में कुछ नहीं आया
04:01लेकिन जब समझ में आया, तो हम बस उसी में खो गए
04:13अरे रामू, जी मालिक
04:15हम सुने कि दामोदर की बिटिया गुर्की का बियाहता है हो गया है
04:19आप सही सुने है, लेकिन लड़का तो इतना काला कलोटा है
04:26ओहो, ओहो, ओहो, ओहो
04:28टांचे जाजा, गुर्की के बारे में का बतियार है
04:31देखो, तुम सब का काड़नामा हमको मालूम है
04:35सुधर जाओ, तुम लोग अभी कह देते हैं
04:37नहीं तो दिन दू परियाक दिन पिला जाओगे, समझ लेना
04:46ओहो, देखे, गुर्की आ रही है
04:50ए गुर्की
04:54का हो, चाचाम?
04:55अरे, इस सब लोग अमको थोड़ा कम दिखाया करो
04:58नहीं तो समय से पदे सब धीला हो जाएगा
05:01आप हमरी चिंता मत कीजिए
05:06देखो, तुम सब का नशाइक दिन धीला हो जाएगा
05:09और गुर्की का जो गोरा पन है न, एक्तम करिया
05:19किमलिया, बरतंदों के आज हमरे पास सुतना
05:22हाँ, अम्मा
05:31अम्मा रात में हमको अपने पास सोने को बोल दी
05:35अब तो तक्या भी नहीं रगड सकते थे
05:38उस रात अम्मा के सोने के बाद हम उठे
05:42हमको कुछो समझ में नहीं आ रहा था
05:45हमको अब चाहिए था
05:47छोटा, मोटा, पतला, पतला
05:50काहे कि खुजली के इलाज को बिना खुजाए ठीक नहीं किया जा सकता
05:55और हमको खुजली होना सुरू हो गया था
05:58वह बहुत तेज-देज
06:00किसी को घर की तलाश थी तो किसी को नए कपड़े की
06:04लेकिन बहुत सालों से सूखे पड़े हैं हरे भरे पे
06:09आओ ना दाल दो लगा के तेल
06:14वह बहुत शुजली हो थे ही भी तो किसी को बहुत थीजी है
06:18पड़े हैं है
06:39आओ आओ
06:41नहीं दिखा इसलिए हम भूक मिटाने के लिए ये वाला सहरा ली जो आप देख रहे हैं और हाँ आप
06:50तो हमें छोड़कर चले गए आपको बिना दुख दिये हम सुपका भोग ले रहे हैं हमें माफ कर दीजिए काश
06:58आप होते
07:09चाची इमली भावी का कर रही है जाके देख न नजाने आजकल का है मुह बना के बैची रहती है
07:14जा देख अच्छा ठीक है हम पूछते हैं
07:29अरे अरे भावी कहीं कपड़ा लत्ता फेक फाक के से सो रही है इमली भावी इमली भावी उतिये न अरे
07:38निम्या का की बहुत गुश्य में है उतिये न इमली भावी ओर शटका
07:44अरे भाबी आपी का बोल रही है इमली भाबी अरे गोर की तुम तुम या क्या कर रही हो अरे
08:01हम आपको जगाने आहें कब से निम्या का की बुला रही हैं आपको
08:06हम आपको जगाने आये थे और आप ये किससे का करवा रही थी अरे तुम्हारे भाईया पंकश थे और कौन
08:15सच में तो आते नहीं है सपने में ही रोमेंस कर लेते हैं वो भी तोड़के रख दिया लगता है
08:21आपको भी चाहिए
08:26उस रात हम अपने चरम सीमा पर थे अचानक तौरच की लाइट जली हम डर गए थे समझ नहीं आ
08:32रहा था कि का करें लेकिन जो भी हुआ
08:36सोचे नहीं थे अब उसको गलती कहें या नादानी कहें या हवस की भूग कहें
08:43का हुआ इमली भाबी जब से सुथ के उठे हो तब से मुपुलाए हो
08:46अरे गुर्की का बताए है हम ही सोच रहे हैं कि जो कल हुआ वो गलत था या फिर सही
08:53कच्छो समझ नहीं आ रहा है हमका
08:55का हुआ भाबी पंकज भाईया सपने में सपा सप किये तो अभी आप सच में करना चाहती है का
09:03गुर्की सुनना यह जो लेटर है न यह डाक्या बाबु को दे दे वो कायना अम्मा हमको जाने नहीं दे
09:09रही है
09:10रोज तो आते हैं डाक्या बाबु आपके घर आज दे देगी तो फिर पंकज जी तक जल्दी पहुँच जाएगा यह
09:15ले
09:17अच्छा हम दे तो देंगे लेकिन पहले आप थोड़ा हसी है हसी है ना भाबी हाँ तुम्हारे लिए हस रहा
09:25है
09:31इमली जी
09:38इमली इमली जी कोई संदेशा था भीजने के लिए हाँ था तो सही पर उतो हम गुर्की के हाथ भीज
09:45दिये है आफिस
09:45अच्छा लेकिन हम तो यहां रोजी आते हैं गाओ गाओ
09:50डाकिया बाबू कौनो ऐसा कुछ नहीं हो सकता जिससे हमरी जो चिठी है वो जल्दी पहुँच जाए
09:57कुछ जरूरी है इस बार
09:59देखते हैं एक गो बात कहें आज तुम बहुते खुबसूरत लग रही हो
10:08आप बस हमारी खुबसूरती निहारते रहते हैं का डाकिया बाबू अब खुबसूरत चीज़े होती ही निहारने के लिए है ना
10:24अरे सुनो ना इमली जी इमली जी
10:35इमली जी खुबसूरती को ज्यादा छिपाना नहीं चाहिए नहीं तो धियां लग जाएगा
10:42दाकिया बाबू यह सही नहीं किये आप हमारे साथ सही नहीं किये
11:01दाक बाबू इस दूरा पर कहा खड़े आप अरे वो इमली का संदेशा लेने आये थे जाने कहे दरवाजा बंद
11:07करके अंदर बैठी हैं
11:08इमलीया ए इमलीया दर्वजब्या खोल रेग भाबू है
11:14हम्रा पंकज कोन संदेशा पेजा है कह अरे नहीं-नहीं इनका लेने आये हम अभी
11:19पंकज कोन संदेशा देना है कह आरे अम्मा आभि हम कुछ Likahi नहीं इनका कुछ लिखे ही नहीं
11:38बस वो रात और आज का दुपहर हमको सच में पिगला दिया था
11:44बदन से पानी निकलने को तैयार था
11:48दाकिया बाबू ने जैसे ही हमारे स्तन पर मूँ फेरी
11:52पूरे बदन में करेंट दोड़ गया था
11:56सुहाना सफर और ये मौसम हसी
11:59हमें डर है हम खो न जाएं कही
12:08संदेशा लाया करो अरे चाचा ये बुढ़ापे में किसका संदेशा आएगा आपको
12:12तुम भी ना
12:16इडाकिया बाबू है बड़ा हरामी
12:19कुछ ना कुछ बंदो बस इसका करना ही पड़ेगा
12:22अरे चला भाईया खेत की तरफ चलते है
12:26अरे लगावेलू जवली पीस्टिक फीलेला आरा दीस्टिक
12:33कर दो
13:17अरे ता क्या बाबू आप आप इन्हों तो कहा था कल आने के लिए अरे वो गोर की संदेशा नहीं
13:23दीका आपको नहीं नहीं कल तो हम आपके साथ ही थे ना
13:29आये अंदर आये
13:41बैठे
13:49दाक्या बाबू आखिरकार आप चाहते क्या हैं हमसे
13:52इमली जी वही जो आप चाहती है
13:56आप आप जानते हैं ना कि हम शादी शुदा हैं
13:59अरे इमली जी आपके पास लाइसेंस है ना तो उसका फायदा उठाईए ना
14:04अगर हमारे पती को कुछ पता चल गया तो तो का होगा
14:08अरे कुछ नहीं होगा
14:13नहीं यह गलत है हमरे पती ने हमको छोड़ दिया तो हम उनको का मूँ दिखाएंगे इस सब करके
14:18अरे इमली जी चिंटा का यह कर यह बिया कर ले गाना तो उसे
14:21अरे इसमा कर ले पती कर दोड़े देदाएंगे
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