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Movie Publishing Permission Statement
I have received official permission from the movie publisher to publish and distribute the authorized film on Dailymotion. This permission has been granted in accordance with the terms agreed upon by both parties and allows me to upload the content to the platform.
The copyright and all intellectual property rights remain the property of the publisher and/or the original copyright owner. This authorization does not transfer ownership of the film; it only grants permission to publish the content as specified in the agreement. I will comply with all applicable copyright laws and the platform's content policies while publishing the movie.
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FunTranscript
00:00हुआ हुआ हुआ
00:32वाव
00:34शुर स्टनिंग काविता भाभू
00:37तुम्हे कैसे प्रता के मैं ही काविता भाभू
00:41आओ अन्दा
01:21आओ मेनका
01:23आओ मेनका
01:25आओ और आकर मेरे स्पास प्रता
01:46क्या लोगी
01:47चाइ
01:49कॉफी
01:51जूस
01:53या मचे
02:03मेलेस भी नहीं हूँ
02:07जानती हूँ
02:09मगर आपको अटेंचन बहुत पसंद है
02:13चाहे फिर वो किसी मर्द से आये
02:15या किसी आरत से
02:20आपको आपको आपकी पूजा करने वाले लोग बहुत पसंद है
02:23फिर चाहे वो कोई आरत हो या कोई मार्त हो
02:29जूस
02:30आपको या
02:32भी आपको लाफको या
02:35वर्षिप यू
02:36वर्षिप यो बीटी
02:40मै जूस लेक कर आते हैं
02:55मै जूस लेक कर आते है
03:15यह फोन भी कितनी अजीब चीज है ना कवीदा भावी
03:20इंसान की जिंदगी बदल देता है
03:22और मेरी जिंदगी तो इसने बदल ही दी
03:34कवीता भावीदी, मेरे बारे में जानना नहीं चाहोगी
03:38क्या फर्क पड़ता है
03:41जिंदगी को एक रेल गाड़ी की तरह होना चाहिए मेंनका
03:45जो हर स्टेशन पर रुके
03:48और उस ट्रेन में तरा-थरा के यात्री भी चड़े
03:54इस ट्रेन को यात्री की मंजल से लेना देना होना चाहिए
03:59उसके घरबार से नहीं
04:03बताओ
04:05तुम्हारी मंजल क्या है
04:25तुम्हारी मंजल क्या है
04:37यह सब कुछ मेंने तुम्हारे साथ इसी लिए किया है मेंनका
04:42क्योंकि तुम खुच चाहती थी
04:47मेरे जो अलफास शरू में थे आपके लिए कविता भगान
04:49वह अच्पी है
04:51आप मेरे लिए साधारन औरत नहीं है
04:55इस भुट देवी है
04:56या फिर आप देवियों की भगवान, मैं शायद आपको कभी भूलने ही पाऊंगे, मैं सुबह तीन दिन के लिए क्यालकटा
05:05जा रही हूं, बिजनेस के सिलसले में, अगर मेरा दिन चाहता है कि मैं आपको भी साथ लेके चलूँ, अगर
05:15ऐसे ही उससे चिपकी रहोगी, चुम्
05:26भाड में जाये मेरी दुनिया, जो आज आपने मेरे लिए किया है, मैं पागल सी हो गई हूं, कभीता भगी,
05:39ये एक लाक रुपय है, प्लीज मुझे गलत मत समझना, यह पैसे रख लीजे, मैंने आपके साथ एक नए रिष्टे
05:48की शिरुवात की है, और अगर आप उस रि�
05:51की एज़त करती है, तो प्लीज ही पैसे रख लीजे, मेरे लिए, प्लीज.
06:40कि जो कुछ भी मैं तुम्हारे साथ करूगी, उसकी उम्मीद तुम्हारे से नहीं रूँगी, मैं तो तुम्हें खुश करके ही
06:50पुश जाय करूगी,
06:55कुम्हारे सी प्लावी, तुम्हारे प्लेँ.
07:31झाल झाल
07:51हेलो जान
07:52भाई, कविता भाभी
07:55बली लंबी लंबी थाथे ले ले ले हैं
07:57मेले फोनते पहले एथा तातर लई थी
08:00हाँ, एक्सरसाइस कर रही थे मेरी जान
08:04शरीर का ख्याल रखना पड़ता है न
08:07बताएए, कौन बूल रहे हैं और कहां से
08:10कविता भाभी मिला नाम दहील है
08:13दहील
08:14और मैं मुंबई से बोला हूँ
08:17और आपकी दोस यार आपको
08:20तोता भी बोलाते होंगे, है न?
08:23ओठित, आपको कैसे बताता ला कविता भाभी
08:26आपको भगवान हो
08:30हाँ, ऐसा कहते हैं
08:32मेरे मुंबई के तोते
08:33कि अगर भगवान
08:36किसी को कोई खामी देता है
08:37तो उस खामी के एवज़ में
08:40एक
08:42सलायत भी दे देता है
08:44और मैं दावे के साथ कह सकती हूँ
08:46कि आपकी
08:48ठ्राइब
08:49यानि की
08:52ठ्राइब
08:53बहुत ही ज़ादा है
08:55ओठित अगें
08:56कविता भावी
08:58आप तो थत्ती मुत्ती में भगवान
09:00ठ्राइब
09:01किसकी भगवान
09:03ठ्राइब
09:07कासम से मैं नहीं समझी
09:09अले बाबा ठ्राइब
09:12अले मल जा ले
09:15ओ
09:18ठ्राइब
09:19ओ ठ्राइब
09:20भगवान
09:30आप समझेए चलिए
09:31बगवान अगर आपने बोल ही दिया है
09:34तो एक करिश्मा और देखेंगे आप
09:39चलिए मेरा नाम लीजिए
09:41कविता भावी
09:42एक बार फिर से
09:44कविता भावी
09:47देखा मेरा करिश्मा
09:49आप मेरा नाम लेते वक्त
09:51नहीं तुतलाए
09:53बिलकुल साफ साफ आपने मेरा नाम बोल दिया
09:57ओ ठित वंत मोल
09:59ऐथा क्यों कविता भावी
10:00वो ऐसा इसलिए मेरे मुंबाई के तोते
10:03कि कविता भावी चीज ही कुछ ऐसे है
10:06अगर कोई एक बाद
10:09कविता भावी का नाम ले ले
10:11तो वो पूरी जिंदगी
10:14उनका नाम साफ साफ बोल सकता है
10:16हाँ वो तो है
10:18मगल मिली थमत्या अलग है कविता भावी
10:21इतले दो हफ्तों थे
10:22मेले तास कुछ एथा होला है
10:25कि मैं भूप मिताने कोई मिलता ही नहीं
10:30क्यों शादी नहीं हुई आपकी
10:32हुई थी
10:33मिली भूप देखकल बीवी घर्ट हो उसके भाग हुई
10:37ओ तो कोई गल्फरेंड नहीं कोई मूही नहीं लगाता हुई
10:43बाजार तो चाते ही हों गया
10:46उनित वालों की लेद की वदे थे
10:48यहाँ थब कुद एक महीने के लिए बंद है
10:51अब तो बद भूप काम तलाना पड़ता है
10:54अपना भूप दगन नहीं
10:59मैं समझ सकती हूँ
11:03हाँ मैं समझ सकती मेरे मुंबई के तोते
11:05कि तुम्हारा तोता कितना उदास हो चुका होगा
11:09मेरे साथ भी बिल्कुल ऐसा ही हुआ था
11:14दो हफते तक
11:16पूरे दो हफते तक
11:20मैं बूखी थी
11:24कोई भी नहीं था मेरी पुझाने के लिए सोचो
11:28अपभा फिर फिर क्या
11:31मुझे बाद में समझ आया कि जिस हीरे की तलाश में दो हफते से
11:37यहां वहां ढूंड रही थी
11:39वो तो हर दूसरे दिन मेरे घर आया करता था
11:43मेरी सासुमा की साफसफाई करने के लिए जिस नर्स को मैंने रखा था
11:49वो
11:50वेजे राम मुथी
11:5228 साल का
11:55जवान लड़का
11:58कटीला बदन
12:00बोड़ बोड़ी के सब
12:21फिल फिल फिल पता है
12:26बारिश का वक्त बारिश का मौसम
12:31उस वक्त की भू को जादा ही लगती है
12:36उस वक्त भी बड़साद का ही मौसम था
12:39हाँ कविता भवी ये बात तो आपने बिल्कुल ठीक गई
12:42क्योंकि अग्धल मैं खुद देखता हूँ
12:44कि बलधात के मौथम में
12:46मैं एक बाल लहीं
12:47पुले ताल ताल बाल बातलों में दाके
12:50भू करता हूँ
12:52ऐसा नहीं था कि मैंने
12:54भाप नहीं लिया था
12:56मैं थी पिल्कुल भाप लिया था
12:58कि ये विजे
13:01मुझ पर मरता है
13:03मेरी जिस्म को देकर
13:05आहे भड़ता है
13:08बस मुझे इस विजे को तोड़कर अपने कदमों बढ़लाना था
13:12और इसकी में माहिर थी
13:23नमस्ते कविदा बाबी
13:24कैसे आप
13:28मैं बल्कु ठीक हो बिजे
13:31आओ उंदर
13:52सुरी कविदा भभी वो कल में आनी पाया
13:55बारिश में थोड़ा भीकिया तब दे ठीक नहीं थी
13:57कोई बात ने विजे मैंने
14:00कल ममा की साफसफाई खुदी कर दी थी
14:04उमीद है कि तु ठीक हो
14:07हाँ हाँ मैं बिकल टूप हूँ
14:09मैडम के कमने में जाता हूँ
14:17चुछ स्थी कर दूप हूँ
14:21झाल
14:24प्लापन कर दोपने
14:34प्लापन कर दोपने
14:39प्लापन
14:40यो प्लापन
14:48उने हिलने दो, तुम साफसा फाई करो?
15:30तुम साथ
15:51कभीता भाभी, मेरी क्लीनिंग हो गई है, मैं घर चलता हूँ इतनी जिल्दी क्यों जा रहे हो विजय? जोर की
16:00बारिश हो रही है, बारिश थंग जाएगी, फिर चले जाना
16:06रुक्छाओना, मैंने चाय बनाई हम दोनों की
16:15मिलकर पेट कर पीते हैं, हां, हां, हम, हम, कभीता भापी,
16:41मैं आपका ओशन्यूस कर लो, जरूर क्यों नहीं, थेंक यू, मैंने उसी दिन विजय को, अपने जाल में फसा लिया
16:55था, मेरे मुंबई के तोते, कैसे फसाया, ये सुनकर कहीं तुम्हरा तोता, पागल नहों चले,
17:14अरे मेरी वाइबरेटर, इतना डर क्यों जाते हो, आप, मैं यहां पर आपके फाइदे के लिए आई, आपको कोई नुकसान
17:25पहचाने नहीं,
17:26और ममा, क्या आपको बार-बार ये बताना पड़ेगा, क्या आप तो मेरा खिलाना हो, ना, ममा, क्या आपको याद
17:36है, कुछ वक्त पहले, मैंने आपकी आँखों के सामने, आपके बेटे के साथ, आपको आपको करने के लिए,
17:58आए, वो नहीं याद आ गया, क्या आपको, आपके वहाँ, गुद्गुदी होने लग गई, क्या?
18:25शीर geography
18:29मुद्धी आपके वहाँ, जे आ आपके मेला
18:34मुदी आपके वहाँ, आ इज आपके वहाँ रहाँ, आपके वहाँ, ऑग का आपके टोने प्दुदी ही
19:04अच्छा ममा, आपको विजी केसा लगता है?
19:17अरे नहीं बाबा, मैं आपको वीजी की साथ नहीं सुख्या है, इसके साथ तुम है
19:33खोट अप्रुट, क्या आपको रिस्वत पता है, क्या आपकी बात्रूम में वीजी जाकर रहा है
19:45अरे अरे इतनी चलती आपको चाहिए एक हम हमा, बिलकुम भी नहीं
19:54मैं आपको दिखाते हूं कि वो क्या कर रहे
19:56यह क्या गंदी हरकते कर रहे हैं विजया
20:13और वो भी मेरी मम्मा के माथरूम में
20:17क्या आपकी कम्पनी को बता आप ऐसी हरकते करते हैं उनके क्लाइंट से घर पे जाके
20:25बेवकूफ मत बनाओ मुची विचे
20:29मैं जानती हूं तुम मेरे साथ सिखना चाते
20:34मगर मेरे तरीके से
20:55अले बाप ले बाप कविता भावी अगल आपकी था तुमा आपके पती थिकायत कर देती फिल
21:03अरे कैसे करती मेरे मुंबई के तोते वो पैरलाइस होकर बोल नहीं सकती न
21:10अले थो मैंनी थिट थौली मैं भूल गया मगर भावी क्या वो विदे आपकी थल्ट माना
21:18अरे जैसे मैंने पहले कहा था वो खुद मुझ पर मरता था मेरे साथ सिखना था
21:27मैं दो हफतों से विदे की नियत मुझ पर खराब वो बारिश का मौसम वो कागर्स की कष्टी
21:41तो हूना ही था और विजे को मानना ही था
21:47अगल एक बात कहूं तो बोला तो नहीं मानो कि कविता भावी आप
21:52आप ना बली कुत्ती तीद हो कविता भावी बली कुत्ती तीद हो
22:21कवे तब हावी आप यकीन नहीं कलेंगी मैं थाद पाल थाओ तुकाम
22:27तेवें ताइम आपका ये फोन भूड़ का धंदा और तरक्की करें
22:33आप भूलो फलो इस धंदे को कभी बन मत कलना कविता भावी
22:37हम देते धलकियों के लिए आप भूड़ देवी को
22:41है लाक कविता भावी मैं भूड़ देवी बोलते वक्त भी नहीं सुखलाया
22:49मैंने सुना मेरे मुंबई की तोते, कविता भाभी है ही ऐसी चीज, गुंगे को जबान दे दे, अंदों को आखे,
22:59आप मुझ पर ये प्यार बसाते रहेंगे, तो मैं अपने इस फोन शुट का धंदा कभी बन नहीं करूंगे, जिस
23:08दिन आप लोगों का प्यार खत्म, उस दि
23:11कविता भाभी के सीजन स्पीकर, कविता भाभी की इस दुनिया में आप सबका दिलो चाह से स्वाधत है, इस जगा
23:23को देखकर इतना हैरान मत हुई आप, अरे आप लोगों की प्यार से इतना कमाती हूँ, कि मैं भी निखलाई,
23:30इस जगा में छुटिया मनाने के लिए, हाँ
23:34मगर इस छुटियों से ज़्यादा, आप लोग की मुझे ज़्यादा चिंता है, इसलिए मैं अपने साथ अपना धंदा, यानि की
23:41मेरा टेलीफोन साथ लाई है, ये देखिए
23:46और मैं एक बार वापिस कहना चाहूंगी, कि आज में जो कुछ भी हो, सिर्फ आप लोगों की प्यार और
23:53मुहबबत की वज़ा से हूँ
24:02हलो जान, क्या हम कविता भावी से बात कर रहा है
24:07इतने प्यार से जान बोलकर जान निकालने वाली कोई और हो सकती है क्या, आप कविता भावी से ही बात
24:14कर रहे है
24:16आप जो शब्द बाग करने के लिए चुनती है न यकीन जानिये वो शब्द भी आग लगा देते हैं
24:23क्या ये सारे शब्द आपको कोई लिख कर देता है कविता भावी
24:27जी हाँ, ये सारे शब्द मुझे जिन्दगी लिख कर देती है
24:31वाँ, दीर की तरह दिल को चीर गए आपके शब्द
24:36बताएए, कौन बोल रहे हैं और कहां से
24:38कविता भावी हमारा नाम असीम बासू है और हम कलकता के रहने वाले हैं
24:45ओ, कलकता, मिठा से भरा शहर, वहाँ कोई औरत हो या मर्द, सब ही मीठा बोलते हैं
24:56एक बात पूछो, असीम बाबू, क्या मैं आपको बाबू कह सकती हूँ?
25:03कविता भावी, कविता भावी, यकीन कीजिए, आप तो बिल्कुल अपनी लग रही हैं
25:08हाँ, तो मैं क्या पूछ रही थी? क्या आप कोई लेखक है?
25:13पूड़ी बाबा, बोलने वाले आपके बारे में बिल्कुल ठीक बोलते हैं कविता भावी
25:18आप तो अंतर यामी भी हैं, आप ते कैसे पहचाना कि मैं लेखक हूँ?
25:25यह निगोड़ी जिन्दगी मुझे इतना सिखा चुकी है कि मैं लोगों को पहचानना जान चुकी हूँ
25:33चिंगारी, कोई जब जब भड़कती है ना इस दिल में, इस जीवन में
25:39तब तब कोई नो कोई असीम बाबू आकर उसे बुट भावा
25:47गुप भालो कविता भावी गूप भालो, नौकाउट
25:51आप से शायद बाते करते करते ही है एसीम बाबू दूसरी दुनिया में चला जाएगा
25:56दूसरी दुनिया में?
25:59मेरी उपन्यास की प्रेड़ना की दुनिया में कविता भावी इंस्पिरेशन
26:03आपके शब मुझे धीरे धीरे प्रेड़ना दे रहे हैं
26:08हमारे पब्लिशर जो हमारी कहानी चापते हैं
26:11उनको इस पार उपन्यास के लिए एक नई कहानी की ज़रुत है
26:16लेस्बियन वाली कहानी
26:20लेस्बियन की उपन्यास?
26:23हाँ असीन बाबू आजकल गेज और लेस्बियन का कुछ ज़्यादा ही फैशन चल रहा है
26:29क्या करें कवता बाबी? ये भी हमारे समाज का एक हिस्सा है
26:38तो चलिए, मैं आपको मेनका की कहानी सुनाती हूँ
26:42जो एक एक एक एक एक है और मेरी नई नई दोस बने है
26:53मेरे उपर मरती है
26:54कहानी सुनने के लिए तो हम लोग आपको फोन करता है
26:58अरे सालाओनी बाबारे
27:05वा कवता बाबी वा क्या कहानी है
27:09सुनकर बदन का एक एक बाल खड़ा हो गया साला
27:13आगे बताईए ना कवता बाबी फिर क्या हुआ
27:17फिर क्या होना था असीम बाबो
27:20अगले दिन मेनका को मैंने अपने घर बुलाया
27:24वो घर आ तो गए
27:28मगर वो वक्त तो पहर का वक्त था
27:30और अभी अभी ही आँख लगी थी मेरी
27:35सवीता अभी आखिर ये मेनका ठीक हो
27:39मेनका एक 27 साल की औरत थी
27:42मर मिटी थी मुझे पर एक बहुत ही बड़े परिवार की थी
27:49उसका अपना बिसनस था
28:00अरे असीम बाबो शायद आपकी डिक्षनेरी मेनका इलाज नहीं होगा
28:04मेरी डिक्षनेरी मेनका इलाज है
28:22मेनका अपनी बिसनस ट्रिप से वापिस आई और अपने घर न चाकर
28:27सीधा मेरे घर आकर मुझसे चिपक कर लेड कई थी
28:34बिस्तर जब भी वो मुझसे पीछे से चिपक कर सोती थी
28:38तो अच्छीब अच्छीब सी वाज़े निकाला करती थी
28:42मुझे पता था कि वो मेरे बदन से लिपट कर ठीकी होती हूँ
28:49मैं कुछ नहीं करती थी
28:51मगर उससे एक अच्छीब सा मज़ा आता था
29:08हलो जान
29:09क्या हम कविता बाबे से बात कर रहा है
29:12इतने प्यार से जान बूर कर जान निकालने वाली कोई और हो सकती है क्या
29:16हमारे पब्लिशर जो हमारी कहानी च्छापते हैं
29:20उनको इस बार उपन्यास के लिए एक नई कहानी की जबरत है
29:24लेस्बियन वाली कहानी
29:26हाँ असीम बाबू आजकल गेज और लेस्बियन का कुछ जादा ही फैशन चल रहा है
29:33असीम बाबू
29:35सिर्फ इतना याद रखना कि कविता के साथ सुना
29:39कोई आसान काम नहीं है
29:43उसकी एक कीमत होती है
29:44चाहे वो मर्द हो या औरत
29:47कविता भाबी मेरा यकिन जानिये
29:50मैं सोच सोच कर अब तो पागल सा हो रहा
29:55दरसल मुझे अपने गेपती को ये दिखाना था
29:58कि उसकी पत्नी कविता
30:01किसी को भी और कभी भी पागल बना सकती है
30:08कविता भाबी आगे बताईए आगे
30:24यार कविता एक बाद बता
30:27करन को तो आने में अभी तीन महीने बागी है ना
30:30हाँ यार मेंका उसकी नेवी की छुटी उने में भी तीन महीने है
30:39तुम तो उसे अपने आसपास से हिलने भी नहीं देती थी
30:42जब वो नेवी की छुटीयों से वापस आता था
30:44बिचरा डरा डरा से घूमता रहता था तुमारे आसपास
30:49लेकिन अब उसके बगेर तीन महीने निकालोगी कैसे
30:53बस यही जिन्दगी है मेरी
30:56अच्छा एक बात बता जब करन नहीं होता है
30:59तो तुम्हें अकेला पन नहीं काड़ता क्या
31:04यार काड़ता तो है
31:05अगर अब तु ही बता क्या करूं
31:09मेनका
31:11जब तुझे लड़कों की जरूरत पढ़ती है तब क्या करती है
31:15मैं बाहर का खाना रास्ते के ढबे से खाती हूँ
31:18वो भी हर हफ्ते
31:19कोई जण जट नहीं
31:21इसका मतलब
31:22तुने बाहर कोई लॉंडा पाल रखा
31:24अपना बॉइफरेंड बना गया
31:27कविता मेडम
31:29जवान लॉंडो का वक्त
31:31जा चुका है
31:32और अब तुम
31:341998 में जी रही हो
31:36जमाना बदल चुका है
31:38मतलब
31:41मतलब
31:41कि मैं अपना बाहर का खाना
31:44रास्ते के ढबे से खाती हूँ
31:45कोई जणजट ही ने
31:48मैं समझी नहीं
31:51तु एक काम कर
31:52आज रात मेरे साथ चल
31:55तुझे एक चीज दिखाती हू
32:06क्या बताएं कविता भाव
32:08ये साली भूग इंसान को
32:11इतना पागल कर देती है
32:12कि इंसान कुछ भी करने को
32:15तयार हो जाता है
32:17भूग इंसान को पागल
32:19बना देती है
32:19फिर चाहे वो कुल भी हो
32:23कविता भावी हो
32:26या मेरी दोस्ट में का
32:29चलिए बताए
32:31कौन बोल रही है और कहां से
32:32मैं दिवेन बात कर रहा हूं कविता भावी
32:35मंबई से
32:38आपने अपने
32:39शहर में भी सुना ही होगा
32:41एक ऐसा इलाका
32:43जहां आधी रात का
32:45आधी रात के बाद
32:47जवान लड़के छिप छिप कर
32:49अप आप शिप करते हैं
32:53और ओरते आकर उनको अपने साथ ले जाते हैं
32:57क्या बात कर रही है कवता भाल
32:59क्या ऐसा सच मुछ में होता है
33:02मैं तो कभी कबार इतना भूका हो जाता हूँ
33:05कि मैं खुद ऐसा लड़का बनने को तेयार हो जाता हूँ
33:08मगर कोई आकर मुझे ले तो जाए
33:11क्या वागई में ऐसा कोई इलागा होता है
33:14जहां मेल प्रॉस्टिटिउशन होता हो
33:18होता है नहीं
33:20होता था बहुत वक्त पे
33:25भाव यकिन मानिये कविता भावी
33:27मैंने ऐसी कहानिया बहुत सुनी है
33:30कि भाबियां, आंटियां, जवान जवान लड़कों को ले जाकर उनके साथ आंटिय करती है
33:37उनको पैसे देती है
33:40मैंने एक बार वोतो ये भी सोचा कि मैं खुद ऐसे आंटियों का शिकार बन जाँ
33:45मगर सलाप मालुमी नहीं कि ये आंटियों का होता है
33:51मेरे शहर में भी का होता है ये भी नहीं पता
33:56यही तो इस धंदे की खासियत है दिवेन
33:59सिर्फ इस धंदे की बाते हुआ करती थे
34:03किसी को पता ही नहीं होता था कि ये धंदा कहा होता है
34:08कैसे होता है कौन करता है
34:12सिर्फ वो मर्द जो बिक रहा होता था
34:15उसे मालूम होता था और वो औरत जो से खरीद रही होती थी उसको
34:56अब पता चला तुम्हें कि ढाबे के खाने का क्या मतलब होता है
35:03यार मेनका एक बात बता वो चो लड़का वहाँ पर खड़ा है क्या वो मेल चुट है
35:12इस रास्ते पर एक बज़े के बाद जो कोई मेल मिले या लड़का मिले वो सब मेल चुट है
35:21वाव
35:24अमीजिंग
35:26मेनका
35:28ये धन्दा क्या सिर्फ इसी शहर में होता है कि बाकी शहरों में भी
35:33ये धन्दा सब के शहरों में होता है लेकिन छुप छुप कर
35:37जैसे भी होती है वैसे भी होते है
35:41वो जो लड़का वहाँ मेल भी अबनकर खड़ा था
35:45मैंने उसकी शकल पर अपने भी पती की शकल चड़ा थी
35:50और ये सोचा कि अगर मेरा भी पती ऐसा करेगा तो कैसे करेगा
36:10कि नाम क्या है तुम्हारा तुम्हारे फेवरिटी रोगा नाम क्या है मिधुन तो मुझे आप अपना मेधुनी समझे यह कैसे
36:25जवाब हूँ इसका मतलब है
36:28कि यहां कोई अपना असली नाम और असली आडिन्टिटी नहीं बताता है फिर चाहे तुम उस पर इल्जाम लगाकर केस
36:36डाल दो फिर भी नहीं अच्छा चलो गाड़ी में बैठो तो कहां ले जाकर मेरी इज़त चाहेगी
36:47खार घर की पहाड़ियों में चलेंगे वहां कोई आता जाता नहीं है ना
36:52जा चुकाओं मैं एक लड़के के साथ और घहां से माप पर ओ तो इसका मतलब है कि तुम मर्दों
37:04की भी तो तुम्हें लूटने से पहले तुम्हारा
37:14कवीता जरा जाओ उतर कर और चेक करो
37:25कर तो
37:49मैं बाहर खड़ी थी अपनी गाड़ी के और गाड़ी के अंदर से मेनका की तडपती हुई आवाजे सुनकर मुझसे रहा
37:56नहीं क्या
37:59एक तो मेरा पती पती तीर महिने की नेवी की ड्यूटी पर था और मिथुन के चुट मैं पागल हो
38:10रही थी
38:12और इस तरह आपके पूरे आदे घंटे का कॉल अब समाप्त होता है देविन जी
38:21कवेता भावी आप तो कमाल से भी कमाल हो
38:25मुझे भूल ना जाना कवेता भावी मौका मिला तो दुबारा आपको कॉल ज़रूर करूँ अरे आप लोग गुसा मत कीजे
38:38मैं आप लोगों को भूखा नहीं जाने दूँगी
38:43देविन जी का कॉल तो समाप्त हो चुका है
38:45मगर आप लोग तो अभी भी है ना
38:48मैं अपनी गाड़ी में एक छूट ऐसा मैट्रस लेकर चला करती थी
38:53भी हूँ ना
38:55मुझे पता था कि वो मैट्रस की जरूरत कभी भी पड़ सकती है
39:01उस दिन भी पड़ी
39:08हाँ तो अभी विस्तार्ट से बताओ कि तुमारी प्रॉब्लम क्या है
39:12भाबी
39:14मैं बहुत सारी हिम्मत जुटा के आपसे बात कहने जा रही हूँ
39:17हाला कि आपने मेरी मदद हमीशा की है
39:20और मैं अपने सारी प्रॉब्लम्स आपसे शेयर करती हूँ
39:23पर इस बार प्राब्लम मेरे बॉइफ्रेंड से रिलेटेड है, उसका नाम साहिल है, हम दोनों साथ में एकी क्लास में
39:30पढ़ते हैं, हम दोनों कई बार शुट कर चुके हैं, पर पता नहीं क्यों साहिल बहुत जल्दी ठंडा हो जाता
39:37है
40:00अब पर सब कुछ नॉर्मल आया, और प्राब्लम सिर्फ ये नहीं है ना, कि वो जल्दी ही ठंडा हो जाता
40:06है
40:07प्राब्लम एक और है, उसको औरतों के आख बहुत पसंद हैं, और उन आख के साथ वो बहुत वक्त लगाता
40:15है, बल्कि मेरे साथ नहीं
40:26हलो जान, कैसे है का बता भातूँ? मैं बिल्कुल ठीक, छुटिया मना रही हूँ, बोलिये, कौन बोल रहे हैं और
40:36कहां से?
40:37जी, मेरा नाम सुभाज गोयल है, कवेता भाबी, और मैं एक वकील है
40:43तो क्या आपने मुझे पर कोई केस करने के लिए कॉल किया है?
40:48अरे दद, कवेता भाबी पर भी कोई केस हो सकता है, वो तो समाज का मनुरंजन कर रही है
40:55हाँ, शुक्र है भगवान का, किसी ने तो कवेता भाबी को समझा
41:00बताएगे, कैसे मनुरंजन कर सकती हूँ मैं आपका?
41:05कवेता भाबी मेरी शुक्र रिलेटिट परेशानी कुछ और है
41:09मुझे सबसे ज़्यादा अगर कोई चीज एक औरत में लुपाती है
41:12तो वो है उसकी आपका?
41:15मैं एक शादे शुदा इनसान है
41:17मगर अपनी दूपा?
41:21ज्यादा देर तक नहीं कर पाता
41:23हाँ, मगर उसके अगर मुझे मिल जाए
41:27जैसे उसकी अगर बगरा बगरा
41:31तब मैं उसके साथ घंटों बिताता हूँ
41:36मैं बिलकु समझ गई आपकी परेशानी सुभाज जी
41:40मेरी एक दूर की देवरानी थी
41:45छोटी, उसकी शादी उसी के बॉइफ्रेंट से होने वाली थी
41:49उसकी भी कुछ ऐसे ही समस्या थी
41:52मेरा यकीन जानिए
41:55आपका शायद ही कोई ऐसा प्रॉब्लम हो
41:57जो सौर्व नहों सके
42:14क्यानद thoughts प्रॉब्लम हो
42:22जो जो फिंगा म scissors
42:23इस अवाले किन aपका
42:28जो इसकी आपकाः आपका, उसकी दारो
43:00बहुत ही कॉले कॉले से हो साहिल
43:06तुम्हारी ही तरह मैंने भी एक कॉला कॉला सा कॉलाब रखा
43:14मेरा पती
43:18उसकी खुब चाहे उसका दिल हो या नहीं
43:29और मैं जानती हूँ
43:33कि तुम्हारा दिल इस वक्त क्या कर रहा है
43:46पता है किया साहिल
43:49मैं खुद भी हो चुकी हूँ यार
43:55अपने ही भी भी हो चुकी हूँ
44:00देखना चाहोगे
44:10वा कविता भावी वा
44:12साहिल का इंजिन
44:15और उसका खुद का आपने क्या खुब इलाज किया है
44:19मज़ा आगिया
44:21सुभाश जी मैं तो आपसे बिनिती करूँगी
44:25कि आप भी ऐसा ही कुछ कीजे
44:27आपकी धर्म पत्नी आपसे बहुत ही ज़्यादा कुछ हो जाएगी
44:33बिल्कुल सही कहा कविता भावी आपकी
44:35लोग आपके बारे में घलत नहीं कहते
44:37आप वाकई में भी देवी है
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