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US Tariff on India: रूस से तेल लेने पर भारत पर लगेगा 100% टैरिफ? US Senator की चेतावनी! | Oneindia Hindi

रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदने को लेकर अमेरिकी संसद में 'Lindsey O. Graham Sanctioning Russia Act of 2026' पेश किया गया है, जिसके तहत भारत पर 100% तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव है। जानिए क्यों अमेरिकी सीनेटर रैंड पॉल ने इस कदम को खुद अमेरिका के लिए ही आत्मघाती बताया है!

अमेरिका में रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के उद्देश्य से नया प्रतिबंध विधेयक पेश किया गया है। इस विधेयक के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति को यह अधिकार देने का प्रावधान है कि वे रूस से तेल और प्राकृतिक गैस खरीदने वाले भारत और चीन जैसे देशों से आने वाले सामानों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगा सकें। इस कड़े कानून का मुख्य उद्देश्य रूस के ऊर्जा राजस्व को पूरी तरह रोकना है।

हालांकि, इस रणनीतिक कदम पर अमेरिका के प्रभावशाली सीनेटर रैंड पॉल (Rand Paul) ने बाइडेन-ट्रंप नीति की कड़ी आलोचना की है। रैंड पॉल का तर्क है कि भारत पर भारी टैरिफ लगाने से असल नुकसान अमेरिकी आयातकों और आम अमेरिकी परिवारों की जेब को होगा। इसके साथ ही उन्होंने भू-राजनीतिक चेतावनी देते हुए कहा कि भारत जैसे रणनीतिक साझेदार को अलग-थलग करने से नई दिल्ली, मॉस्को और बीजिंग के और करीब आ जाएगी।

डेमोक्रेटिक सीनेटर रॉन विडेन ने भी राष्ट्रपति को मिलने वाली अत्यधिक शक्तियों पर चिंता व्यक्त की है। इस वीडियो में देखिए इस विधेयक के पारित होने की संभावना, भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर इसका प्रभाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार का पूरा समीकरण।

The proposed 'Lindsey O. Graham Sanctioning Russia Act of 2026' in the US Senate aims to penalize countries buying Russian crude oil and natural gas by allowing up to 100% tariffs on their exports to the US. However, Senator Rand Paul warned Washington that targeting strategic partners like India could backfire, hurting American consumers through inflation while inadvertently pushing India closer to China and Russia.


#IndiaUSTariff #RandPaul #RussianOil #USSanctions

~PR.514~ED.106~GR.506~HT.96~VG.HM~

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Transcript
00:08अमेरिका और रूस की जंग का असर अब सिर्फ यूक्रेन के मोर्चे तक सीमित नहीं रह गया है।
00:30और इसी मुद्दे पर अमेरिका के प्रभावशाली सीनेटर रांड पॉल ने अपनी ही सरकार को चेतावनी दे दी है।
01:06अमेरिकी राष्ट्रपती को ये अधिकार देने की बात है कि वो रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल या प्राकृतिक
01:12ग्यास खरीदने वाले देशों के सामान पर 100% तक टैरिफ लगा सके।
01:16उन देशों को भी निशाना बनाया जा सकता है जिन पर रूस के खिलाफ लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों को दरकिनार
01:22करने में मदद करने का आरोप हो।
01:24यही प्रावधान भारत के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है।
02:18इसके बाद कीमते बढ़ सकती है और इसका असर आम अमेरिकी परिवार की जेब पर पढ़ सकता है।
02:27अमेरिका पिछले कही वर्षों से भारत के साथ अपने स्ट्राटेजिक रिष्टे मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
02:33खासकर चीन के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए वाशिंग्टन के लिए भारत एक महत्वपूर्ण साझेदार माना जाता है।
02:39ऐसे में पॉल का तर्क है कि अगर अमेरिका भारत पर ही 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की धमकी देगा
02:45तो ये रन नीती उल्टी पड़ सकती है।
02:47भारत को रूस से दूर करने के बजाए अमेरिका की ऐसी नीती नई दिल्ली को मॉस्को और बीजिंग के और
02:52करीब ला सकती है।
03:17निशाना बनाना होगा। लेकिन विरोधियों का सवाल है क्या रूस पर दबाव बनाने के लिए भारत जैसे स्ट्राटिजिक साजहिदार को
03:23आर्थिक रूप से निशाना बनाना सही रास्ता है।
03:26रैंट पॉल ने प्रस्ताव में राष्ट्रपती को मिलने वाली व्यापक टैरिफ शक्तियों पर भी सवाल उठाए है।
03:31डेमोक्राटिक सीनेटर रॉन वीडन ने भी इतनी व्यापक राष्ट्रपती शक्तियों और संभावित आर्थिक नुकसान को लेकर चिंता जाहिर की है।
04:01साजहदार को नाराज करने का जोखिम उठाएगा। क्योंकि ये सिर्फ टैरिफ की लडाई नहीं है। ये रूस भारत चीन और
04:07अमेरिका के बीच बदलते वैश्विक शक्ति संतुलन की लडाई भी है। और रैंट पॉल की चेटावनी ने वाशिंग्टन के सामने
04:14यही सव
04:14पाल खड़ा कर दिया है। रूस को दबाने के चक्कर में कहीं अमेरिका अपने ही आर्थिक हित और भारत के
04:20साथ स्ट्राटेजिक रिष्टे तो कमजोर नहीं कर देगा।
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