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तमिलनाडु में परिसीमन (Delimitation) को लेकर राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमा गया है। मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय द्वारा बुलाई गई सांसदों की सर्वदलीय बैठक से डीएमके और एआईएडीएमके के दूरी बनाने के बाद तमिलनाडु की सियासत में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है!

तमिलनाडु में लोकसभा और विधानसभा सीटों के संभावित परिसीमन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय (C. Joseph Vijay) के नेतृत्व वाली टीवीके (TVK) सरकार ने परिसीमन के मुद्दे पर राज्य के सर्वदलीय सांसदों की एक अहम बैठक बुलाई। हालांकि, राज्य के मुख्य विपक्षी दल द्रमुक (DMK) और अन्नाद्रमुक (AIADMK) समेत कई प्रमुख दलों ने इस बैठक का बहिष्कार कर दिया। डीएमके सांसद कनिमोझी करुणानिधि ने इस पहल को महज "राजनीतिक ड्रामा" करार देते हुए आरोप लगाया कि सरकार कावेरी और मेकेदाटु जैसे ज्वलंत मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाना चाहती है।

दक्षिण भारतीय राज्यों की सबसे बड़ी आशंका यह है कि 2026 में होने वाले परिसीमन में यदि मौजूदा जनसंख्या को आधार बनाया गया, तो जिन राज्यों ने परिवार नियोजन, शिक्षा और स्वास्थ्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, उनकी लोकसभा सीटों की संख्या घट सकती है। डीएमके का कहना है कि 1971 की जनगणना के आधार को ही आगे बढ़ाया जाना चाहिए और परिसीमन से तमिलनाडु के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को नुकसान नहीं होना चाहिए।

दूसरी ओर, तमिलनाडु में उदयनिधि स्टालिन पर हुई कानूनी कार्रवाई और कावेरी जल विवाद को लेकर भी माहौल गर्म है। इस वीडियो में देखिए परिसीमन विवाद के पीछे की असली वजह, टीवीके बनाम डीएमके का सियासी गणित और इसका केंद्र की सत्ता पर क्या असर पड़ेगा।


A fresh political standoff has erupted in Tamil Nadu after the ruling TVK government led by Chief Minister C. Joseph Vijay convened an all-party MPs' meeting on parliamentary delimitation, which was boycotted by the opposition DMK and AIADMK. DMK leaders termed the initiative a political stunt to divert attention from the Cauvery water dispute, while raising concerns over southern states losing Lok Sabha representation due to successful population control policies.

#TamilNadu #Delimitation #CMVijay #UdhayanidhiStalin #OneindiaHindi

~PR.514~ED.106~GR.506~HT.96~VG.HM~

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Transcript
00:00तमिलाडू की राजनीती में एक बार फिर ऐसा मुद्धा गर्मा गया है जिसका असर सिर्फ चिन्नई की सियासत तक सीमित
00:07नहीं रह सकता।
00:07मामला है लोकसभा सीटों के परिसीमन यानी डी लिमिटेशन का।
00:11मुख्यमंत्री सी जोजिफ विजय ने राज्य के सांसदों को एक साथ बैठा कर परिसीमन के मुद्धे पर चर्चा करने की
00:17कोशिश की लेकिन इस बैठक में डीम के समेथ कही बड़े दलों के सांसद शामिल नहीं हुए।
00:23डीमके ने इस पहल को ही सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया और इसे राजनीतिक ड्रामा तक करार दिया।
00:28अब सवाल है कि आखिर परिसीमन को लेकर तमिलनाडू में इतनी बेचैनी क्यूं है और डीमके ने विजय सरकार की
00:34बुलाई बैठक का बहिशकार क्यूं किया।
00:36सबसे पहले समझते हैं कि डी लिमिटेशन आखिर है क्या।
00:39परिसीमन का मतलब है जनसंख्या और समवेधानिक प्रावधानों के आधार पर लोकसभा और विधानसभा निर्वाचन शेत्रों की सीमाओं और प्रतिनिधित्व
00:47का पुनर निर्धारन।
00:48दक्षणी राज्यों खासकर तमिलनाडू की सबसे बड़ी चिंता ये रही है कि अगर भविष्य में लोकसभा सीटों का पुनर वित्रण
00:55मौजूदा जनसंख्या के आधार पर किया गया तो जिन राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण में बहतर प्रदर्शन किया है उनकी
01:02राजनीतिक हिस्सेदारी प्रभावित हो सकती है तमिलनाडू लंबे समय से इसी आशंका को लेकर केंद्र के सामने अपना पक्ष रखता
01:08आया है दो हजार पक्षीस में भी डियमके की अगवाई में हुई सर्विदलिये चर्चा में मांग उठी थी कि परिसीमन
01:15होने पर तम
01:29जय निधी स्टैलिन नेता प्रतिपक्ष है इसी राजनीतिक प्रिष्ट भूमी में मुख्यमंत्री विजय ने परिसीमन पर सांसदों की बैठक बुलाई
01:36लेकिन डियमके और ए आई एडियमके समेथ कई दलों ने बैठक से दूरी बना ली रिपोर्टों की मताबिक डियमक
01:54पर पार्टी का रुख पहले से सपश्ट है तो इस तरह की बैठक बुलाने की जरूरत क्या है डियमके की
02:00ओर से इसे राजनीतिक पहल के बजाए राजनीतिक ड्रामा बताया गया डियमके सांसद कणी मुजी करुना निधी ने आरूप लगाया
02:07कि बैठक का इस्तिमाल कावे
02:24ने दशकों तक जनसंख्या नियंत्रन, सिक्ष्या और स्वास्थे जैसे क्षेत्रों में बहतर प्रदर्शन किया उन्हीं इसकी राजनीतिक कीमत नहीं चुकानी
02:32चाहिए वहीं परिसीमन का दूसरा पक्ष ये है कि लोगतांत्रिक प्रतिनिधित्व को बदलती जनसंख्या
02:37के अनुरूप बनाया जाना जरूरी है यानि एक तरफ सवाल है जनसंख्या के आधार पर बराबर प्रतिनिधित्व का और दूसरी
02:45तरफ सवाल है जनसंख्या नियंत्रन करने वाले राज्यों के राजनीतिक अधिकार का इसी वीच तमिलनाडू की राजनीति में एक और
02:52मोर
03:04किया गया इस कारिवाई के विरोध में DM के कारेकरताओं ने प्रदर्शन भी किये इस पूरे घटना क्लम से साफ
03:11है कि तमिलनाडू में सरकार और विपक्ष के बीच टक्राव कई मोर्चों पर बढ़ रहा है एक तरफ परिसीमन है
03:17दूसरी तरफ कावेरी का मुद्दा और तीस
03:19तरफ DM के नेताओं के खिलाफ कानूनी कारिवाई ऐसे में आने वाले दिनों में ये लड़ाई और तेज हो सकती
03:25है क्योंकि परिसीमन सिर्फ चुनावी नक्षे की सीमाय बदलने का सवाल नहीं है ये तै का सकता है कि आने
03:31वाले वर्षों में दिल्ली की सत्ता में तमिलनाड
03:44की बदलती राजनीतिक लडाई के एक बड़े संकेत के तौर पर देखा जा रहा है
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