00:00शिक्षामंत्री प्रहलाज जोशी जी, मेरे मित्र हरिश्थाल्वे जी, प्रफशर अभय करंदिकर, आईटी दिली के डिरेक्टर प्रफशर रंगन बैनेर जी,
00:19सभी प्रफशर्स, अन्यभानुभाव, और सभी स्टूडेंट्स साथियों, आज देश के आप सभी प्रतिभाशाली वाओं के जीवन की नई यात्रा शुरू
00:43हो रही है,
00:47आप इस समय, जीवन के एक यादगार मॉमेंट को जी रहे हैं,
00:58पुट्षा, उमंग, सपनों और भावनों से सराबोर इस मॉमेंट का हिस्सा बनना,
01:17आईटी दिल्ली के इस केंपस में आना, आपके साथ यह अनुभव शेयर करना,
01:28मेरे लिए भी बहुत खास है,
01:40पिछली बार जब मैं कॉनुकेशन में शामिल हुआ था,
01:45तब पुरा देश कोवीड के दौर से गुजर रहा था,
01:52तब मैं वर्चूल माद्यम से जुड़ा था,
01:55लेकिन मैं आज आप सब युगाओं के बीच उपस्ती थो,
02:01और इसलिए मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा है,
02:05साथि आज जैसे आपके परिवार के लोग,
02:11प्राउड फिल कर रहे हैं,
02:14वैसे ही मुझे भी आप सब पर गर्व है,
02:28क्योंकि ये आप सब केबल एक डिगरी नहीं ले रहे हैं,
02:36आप देश के लिए बहुत कुछ करने का,
02:44सपने ले करके यहाँ से निकल रहे हैं,
02:50आज कई स्टूडेंट्स उनको उनकी उपलब्जियों के लिए मेडल्स में बिड़े हैं,
03:00मैं आप सभी को इसके लिए बहुत बहुत बधाई देता हूँ,
03:05लेकिन एकाद दो बेटियां होती ज़्यार ज़्यादा अच्छा होता हूँ,
03:18सॉरी एक दो क्यों, ज़्यादा होनी चाहिए थे,
03:24आज आएटी दिल्ली में,
03:27ए आई से जुड़े कुछ नए इनिशेटिव भी शुरू हुए हैं,
03:33मैं इसके लिए भी आप सबको बहुत-बहुत शुप्रामनाई देता हूँ,
03:42साथियां, आज आप सभी और सारे स्टूड़न्स इस कारकाम में उपस्तित हैं,
03:54लेकिन मन के किसी कौने में कुछ और चल रहा होगा,
04:06मैं तो बाबा बागेश्वर नहीं हूँ,
04:12लेकिन कुछ तो चलता होगा,
04:18हार स्टूड़न्स के मन में आने वाले कल की अपनी अपनी तस्वीर होगी,
04:28कई छात्र अपनी पहली सैलरी का इंतजार कर रहे होंगे,
04:35कोई नए शहर में नई शुरुवायत की तैरी में होगा,
04:40कई साथ ही अपने पहले स्टार्ट अप का सपना देख रहे होंगे,
04:47किसी ने अगले कॉम्पेटिजिव एक्जाम का लक्ष बनाय हो गया,
04:54हर किसी का रास्ता अलग है,
04:58हर किसे का सपना अलग है,
05:02लेकिन इन सब के बाद भी,
05:08एक एहसास ऐसा है,
05:12जो आप सभी के मन में एक्सा होगा,
05:20वो दिन याद करिए,
05:23जब आपका आई आई टी दिल्ली में पहला दिन था,
05:32और एक यह आज का दिन है,
05:39आप सोच रहे होंगे,
05:42कि अभी कल की ही तो बाद है,
05:46जब और इन्टेशन होगा था,
05:49और अभी यह कॉन्वोकेशन का समय भी आ गया,
05:53तो और इन्टेशन से,
05:55कॉन्वोकेशन की स्यात्रा का,
05:58आपको भरपूर सटिस्प्रक्शन भी होगा,
06:03और साथ ही,
06:05आप सभी में,
06:08जीवन के,
06:11एक नए चेप्टर की शुरुआत का उत्सा भी होगा,
06:16और इसलिए,
06:18मैं तो यही कहूँगा,
06:22आज के इस पल को,
06:26पूरी तरह जी लिजिए,
06:34आने वाले समय में,
06:38जावा आप पर बड़ी बड़ी जिम्मेदारिया होगी,
06:43तब,
06:45यहां की पुरानी यादे,
06:51आपको पुराने दिनों में,
06:54जरूर ले जाएगे,
06:58यह आपको,
07:01एनरजाइज भी करेंगी,
07:04हर फर्स्टेल के साथ,
07:06आपके मेमरीज,
07:09कुमाओ,
07:11आरा,
07:13कारा,
07:20बिन्दी,
07:23नील,
07:25कैलाश,
07:28हिमादरी,
07:35इंटर होस्टेल कॉंपटिशन के किस्से,
07:40पुरानी नोग्जोप,
07:42ऐसा कितना कुछ होगा,
07:44जो विदा होने से पहले,
07:49एक बार फिर,
07:52आप जुरूर याद करिए,
07:55और दोस्तों,
07:59बात सिर्फ पढ़ाई की नहीं है,
08:19अब इस समय तो हो गया है,
08:24सत्पुरा मैस के पराठियाद आ रहे हैं,
08:35आप मैसे कई साथी,
08:38बिंड़ती पर भी,
08:41कुछ और पल भी बिताना चाहते होंगे,
08:46और बीन्टी पर जाए,
08:48तो मुझे भी याद करना,
08:53कोई अपने डिपार्टमेंट में एक पर फिर जाना चाहेगा,
08:58कोई अपने पसंदीजा अध्दे पर कुछ देर और बैठना चाहेगा,
09:05और साथियों,
09:09इन भावुक पलों में,
09:11मैं एक बात आपसे जरूर कहुँगा,
09:18जब-जब जीवन आपको पीशे मुड़ कर देखने का आउसर देगा,
09:25तो यह केंपस लाइफ, आपके दोस्त, टीचर्स, मैंटर्स, और सपोर्ट स्टाप,
09:40जो आपका परिवार बन गए, आपके प्रफेसर्स, जिन्हों ने आप जैसी प्रतिभाओं को गढ़ने की जिम्मेदारी उठाई,
09:55और आपका ये इंश्टी, जो धीरे धीरे, आपका अपना घर बन गया, आप अपनी हर सक्सेस में, इन सब को
10:09याद करेंगे,
10:17इन सब के लिए, थैंक्फुल होंगे, और इसलिए,
10:24इन्हें एक ऐसे के तौर पर, यहां से लेकर के निकलना, भूल मत जाना, छोड मत जाना, साथ ले जाना,
10:38मेरा सुजा होगा, कि जाते जाते इहां के, हर सदस्य मिलकर के जाईए, और आप कहीं भी रहें, कोशिश करिएगा,
10:55यह रिस्दा, हमेशा, हमेशा ताजा बना रहे है, साथियों,
11:05आज आप ऐसे सबाइबे इस इंस्टिटूट से निकल रहे हैं, जब दुनिया, बहाँ तेजी से बदल रही है,
11:18आज दुनिया की स्टाटिजिक एक्वेशन, बहाँ तेजी से बदल रही है,
11:26ग्लोबल पावर बैलेंस भी, प्रतिपल बदल रहा है,
11:34और इसके पीछे, सबसे बड़ी फोर्स है, टेक्नोलोजी की स्पीड,
11:44आज कोई भी निश्चित रुप से नहीं कह सकता,
11:51कि अगले 20-30 वर्षों की दुनिया कैसी होगी,
11:56लेकिन साथियों, जब जब बडलाव का दौर आता है,
12:03तब तब, चुनोतियां भी आती है,
12:08और नए आउसर भी पैदा होते हैं,
12:11दुनिया बडलेगी,
12:15टेक्नोलोजी भी बडलेगी,
12:18इंडिस्ट्री बडलेगी,
12:21प्रोपेशन्स भी बडलेगे,
12:22लेकिन,
12:24इन सब के बीच,
12:27मेरी बात याद रखेगा,
12:31जो सीखेगा,
12:33वो जीतेगा.
12:43जो नए चैलेंजिज के नए सॉल्यूशन्स खोजने का साहस रखेगा,
12:50चैलेंजिज,
12:52उसके लिए चांसिस बन जाएंगे.
12:56और आपने यही तो,
13:01I.T. दिल्ली से सीखा है,
13:05और खिर आपकी ये डिगरी क्या कहती है?
13:09कैसिर्प,
13:11इस बात का प्रमान है,
13:13कि आपने एक्जाम पास किया,
13:17अच्छा CGPA हास ही किया,
13:21या एक अच्छा प्रेश्मेंट हास ही किया,
13:25निश्चिद रुप से,
13:28इन सब का अपना महत्व है,
13:31लेकिन मुझे लगता है,
13:34आपकी डिगरी,
13:35दुनिया को ये बताती है,
13:39कि आप,
13:42कठीन समस्यों का समाधान करना जानते हैं,
13:54आप अपने आएटी दिल्ली के सफर को याद कीजिए,
14:00यहां तक पहुचना आसान नहीं था,
14:04यहां की पढ़ाई भी आसान नहीं थी,
14:09लेकिन आपने हार नहीं मानी,
14:12यह डिगरी आपको एक दिन में नहीं मिली है,
14:19एक-एक विशय,
14:21एक-एक प्रोजेक्ट,
14:25मिड सेम,
14:26एंड सेम,
14:33इनी छोटे-छोटे कदों ने,
14:36आपको यहां तक पहुचाया है,
14:40जीवन भी इसी सिध्धान्द पर चलता है,
14:48जब कभी कोई चुनोती बहुत बड़ी लगे,
14:52तो उसे गबरहाईए मत,
14:56उसे छोटे-छोटे हिस्वों में मार दीजिए,
15:01आपने खुद देखा है,
15:04कैसे लेब में कोई प्रॉब्लेम डेड एंड तक,
15:08यहने लगने लगती थी,
15:12सिमुलेशन में सॉलूशन खोजने में गंटे या दिन निकल जाते थे,
15:20लेकिन फिर आपने प्रॉब्लेम सॉल भी की,
15:27और कुछ नया लेकर भी आए,
15:30इसी तरह लाइप में भी मुश्किलें आएगी,
15:40लेकिन मुश्किलों का सुभाव होता है,
15:45वो अकेले नहीं आती है,
15:49मुश्किल जब आती है ने,
15:51तो साथ साथ मौके भी लेकर आती है,
16:01सब को बस अलट रहना है,
16:06सतर्क रहना है,
16:09इस संस्तान ने जो सिखाया है,
16:12उसे बार बार याद रखना है,
16:17साथियों,
16:19मैं लाइप की कुछ प्रैक्टिकल बाते भी आपसे शेयर करना चाहता हूं,
16:25कैंपस का जीवन और कैंपस के बाहर का जीवन इन दोनों में बहुत बड़ा अंतर होता है,
16:43आईएटी की परिक्षा में सिलेबस होता है,
16:46लेकिन जिन्दगी की परिक्षा में सब कुछ आउट ओप सिलेबस होता है,
17:01आप याग करिए, कैंपस लाइट बहुत है, सारे फंडे क्लियर होते थे,
17:12क्या पढ़ना है, कौन सा एसाइन्मेंट पूरा करना है, कौन सी परिक्षा देनी है,
17:23साब पहने से तय होता था, लेकिन जिन्दगी कुछ अलग तरह से चलती है,
17:33वहाँ न कोई तय कोर्स होता है, न कोई question paper होता है,
17:41कई बार तो ये भी कोई नहीं बताता, कि असली सवाल क्या था,
17:51वह सवाल भी, आपको खुद पहचानना पड़ता है,
17:59मैंने आएटी के, अनेक अलमनाई की यात्रा को देखा है,
18:06उनकी success का कारण सिर्फ ये नहीं था,
18:12कि उन्होंने सही जबाब दिये,
18:16उनकी success का कारण ये था,
18:20कि उन्होंने वो सवाल पहचाने,
18:24जिने दुनिया ने सवाल मानना ही छोड़ दिया था,
18:34उन्होंने उन समस्याओं का समाधान खोचा,
18:39जिनके साथ बाग की लोग समझोते कर चुके थे,
18:59आपनी लर्निंग इंस्टिंक को ज़ाए रखिये,
19:03जगाए रखिये,
19:05चेतना बनाए रखिये,
19:07जो बाते बीना सोचे समझे स्विकार कर ली जाती है,
19:15जरा उन्हें पर रखिये,
19:18उन पर सवाल उठाईए,
19:21लेकिन सिर्फ सवाल पुछका मत रुकिये,
19:25उनका समाधान खोजने का साहस भी रखिये,
19:33यही सोच,
19:34आपकी अलग पहचान बनाएगे,
19:41साथियों,
19:43आप सब जानते हैं,
19:45हर पीडी के सामने,
19:49उस टाइम पिरेड की अपनी चुनोतियां होती है,
19:53और हर पीडी का अपना एक राष्ट्रियत दाइत्व भी होता है,
20:01हमारे देश ने गुलामी का वो समय भी देखा है,
20:09जब तो उस पीडी के सामने सिर्फ एक ही लक्ष था भारत की आजादी,
20:20उसके लिए उन्होंने सक्रिफाइज किया,
20:26लंबा स्ट्रगल किया,
20:28आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं,
20:33इसके पीछे उस पीडी का तप, त्याग और बलिदान है,
20:43और सात्यों आज के इस दोड में हमारे सामने चुनोतियां भी अलग है,
20:50और इसलिए हमारे दाइत्व भी अलग है,
20:54अपने जीमन के अगले,
20:56तीज, पैंतिस साल में आप जो कुछ भी करेंगे,
21:05वो विक्सीज भारत की हमारी यात्रा को प्रभावित करेगा,
21:12इसलिए, आपके हर निर्णे का आधार ये भी होना चाहिए,
21:18कि इसे देश को क्या फाइदा होगा,
21:23इसे देश की कौन सी जरुरत पूरी होगी,
21:27आज भारत,
21:30एकोनामिक सेल्फ रिलाइस,
21:34टेक्नोलोजिकल सेल्फ रिलाइस,
21:37इंडिस्ट्रियल सेल्फ रिलाइस,
21:41ऐसे हर सेक्टर में आत्मन निर्भर बंडेर के लिए काम कर रहा है,
21:49यही विख्षिद भारती मजबूत नीव का सबूत है,
21:57इस मजबूत नीव पर,
22:01आपको एक भव्य सुन्दर विख्षिद भारत का,
22:05निर्माण करना है,
22:08साथियों,
22:10विख्षिद भारत की स्यात्रा में,
22:14आपकी भूमी का बहुत बड़ी है,
22:18देश का युवाज जितना ससकत होगा,
22:22उतना ही देश ससकत होगा,
22:27इसी सोच के साथ,
22:29हमने कई ऐसे सेक्टर्स ओपन किये हैं,
22:34जहां युवाओं के लिए,
22:36एंट्री ही,
22:39एक तरह से बंद हुआ करती थी,
22:43सरकार की आधुनिक नीतियों की वज़़ से,
22:47आदेश में,
22:49युवाओं के लिए,
22:51नए नए सेक्टर्स भी बन रहे हैं,
22:54साथियों,
22:56पिछली बार जब मैं,
23:00आपके सीनियर्स के कॉन्वोकेशन से,
23:03वर्चुली जुड़ने का मुझे उसर मिरा था,
23:07तब मैंने युवाओं के लिए,
23:10स्पेस सेक्टर में हो रहे हैं,
23:12रिफॉर्म्स की चर्चा की थी,
23:15तब तक इस सेक्टर में,
23:18लगभग,
23:20पूरा काम,
23:22सरकार ही करती थी,
23:25लेकिन आज,
23:28वही स्पेस सेक्टर हाजारों युवाओं के लिए,
23:34नए आउसरों का आकास बन चुका है,
23:39आज हमारे युवाओं अपने लॉंच वेहिकल से बना रहे हैं,
23:47रोकेट लॉंच कर रहे हैं,
23:49और ऐसी उपलब्द्य हासिल कर रहे हैं,
23:53जो दुनिया के गिने चुने देशी ही हासिल कर पाए हैं,
24:00मुझे भी स्वाँ से,
24:03आज कहीं न कहीं,
24:06देश का कोई वाओं इंजिनियर,
24:09गर्ब से कह रहा है,
24:13फस्ट इन माइ ब्लॉड लाइन तो बिल अ रोकेट।
24:24समिकंडॉक्टर सेक्टर का उधान भी हमारे सामने हैं,
24:29जब हमने इस दिशा में कदम गढ़ाया,
24:32तो कुछ लोगों ने सवाल उठा ले,
24:35कहा गया,
24:37भारत ये नहीं कर पाएगा,
24:40लेकिन आज,
24:43पहली सेमिकंडॉक्टर उनिट्स में,
24:47प्रोड़क्शन शुरू हो चुका है,
24:55और मैं साब मानता हूँ,
24:59चीप से लेकर के शीप तक,
25:03सब कुछ यहीं पर आपी के हाथों से बढ़ेगा,
25:13और कहीं कोई हुआ पूरे आत्म विश्वात से कह रहा है,
25:27आज आप हमारे ड्रोण सेक्टर को भी देखिये,
25:32आज इस सेक्टर में युवा नहीं नहीं संभावनाय तयार कर रहे हैं,
25:37कहीं ड्रोण से खेतों में काम दिया जा रहा हैं,
25:42ड्रोण दवाईयां पहुचा रहा हैं,
25:45ड्रोण देश की रक्षा सुरक्षा में बदद कर रहा है,
25:49और आज कहीं कोई युवा कह रहा है,
25:55first in my bloodline to make a ड्रोण,
26:01साथियों, भारत की start-up revolution को इसी पेड़ी के आप जैसे युवाओ नहीं तरहासा भी हैं,
26:09ताकत भी दी हैं,
26:12इसी institute से कितने ही founders निकले हैं,
26:17अगर एक institute से इतना कुछ हो सकता है,
26:21तो सोचिये, पूरे देश में कितनी बड़ी ताकत तयार हो रही हैं,
26:30unicorns, digital payments, fintech revolution,
26:37इन सभी ने देश के लाखो युवाओं को पहली बार,
26:43कुछ नया करने का आउसर दिया है,
26:47साथियों,
26:49अभी ऐसे भी अनेक sectors हैं,
26:54जहां भारत,
26:56अपनी नई यात्रा शुरू कर रहा है,
27:00और बड़ी जिम्मेदारी के साथ,
27:02और बड़ी उम्मिदों के साथ,
27:05देश,
27:07आप जैसे युवाओं की और देख रहा है,
27:11artificial intelligence,
27:14data centers,
27:16critical minerals,
27:18deep-sea exploration,
27:22batteries,
27:24power shortage,
27:26energy security,
27:28electric mobility,
27:31quantum computing,
27:33ऐसे अनेक शेत्र,
27:36आपके टैलेंट,
27:38आपके इनोवेशन,
27:41और आपकी लेडर्शिप का इंतजार कर रहे हैं,
27:44और मैं भी इंतजार कर रहा हूँ,
27:52साथियो,
27:55अब एक और बड़ी संभावना आप सब के सामने है,
28:00और वो नया आउसर है,
28:02रिसर्च,
28:05आज देश को नई नई रिसर्च की बहुत ज़रुत है,
28:11और रिसर्च पर हमारा उतना ही फोकस भी है,
28:16प्राइम मिनिस्टर्स रिसर्च फेलोशिप हमारे प्रतिभाश साली उवाओं को रिसर्च करने का अउसर दे रही है,
28:26आइडियाज को आगे बढ़ाने का मौका मिले है,
28:30इसके लिए रिसर्च, डेवलोप्मेंट, एन इनोवेशन स्कीम शुरू की गई है,
28:38अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना भी हुई है,
28:42ताकि देश में साइन्स और रिसर्च को नई ताकत मिल सके,
28:50रिसर्च सेक्टर में एक लाग करोड रुपिय तक की फंडिंग की विवस्ता की जा रही है,
29:01अंग्रेजी मैं बोलू, वन लेक करोड, यह आपके लिए बता रहा हूँ,
29:10इसी तरह साथियों,
29:14एकेडेमिक रिसर्च के एक्सेस को भी आसान बनाया गया है,
29:19वन नेशन, वन सब्सक्रिप्शन के आध्यम से,
29:24आज दुनिया की प्रतिश्टित, रिसर्च जर्नल्स,
29:29देश के छोटे से छोटे शहर में,
29:32बीना किसी अतिरिक तलागत के पहुँच रही हैं,
29:41साथियों, मुझे पता है,
29:44अभी इस दिसा में हमें लंबी दूरी ताय करनी है,
29:50और ये काम रिसर्च को लेकर,
29:55आप सब के कमिट्मेंट से ही हो सकता है,
30:00इसके लिए देश को आप से अपेक्षा भी हैं,
30:05और सबसे बड़ी बात आप पर बरोसा भी है,
30:24अब मैं आप से थोड़ा डिस्ट्रेक्शन की बात करूँगा,
30:32जब बड़े गोल्स को एच्चिव करने के लिए प्रारम करते हैं,
30:38निकलते हैं,
30:41तो एक बड़ा डिस्ट्रेक्शन भी हमारे सामने आता है,
30:46ये डिस्ट्रेक्शन होता है,
30:49एक दूसरे से कमपेरिजन का,
30:54किसी को क्या पैकेज मिला,
30:58कौन किस कमपनी में गया,
31:01किस शहर में गया,
31:03किस देश में गया,
31:05किस ने स्टार्ट अप शुरू किया,
31:08आज के सोशल मेडिया के धौर में,
31:11ये तुलना कभी खत्म नहीं होती,
31:17लेकिन याद रखिये,
31:21जिन्दगी कोई लीडर बॉर्ड नहीं है,
31:27आपकी असली दोड़ किसी और से नहीं,
31:33खुद अपने आप से हैं,
31:42हर दिन कल से बहतर बनने की कोशिश करते रहिएगा,
31:50साथ ही अपनी फीजिकल हेल्थ,
31:55अपनी मेंटल हेल्थ का भी ध्यान रखिएगा,
32:01साथियों, मैं सभी स्टुडेंस को एक बार फिर बहुत बहुत बढ़ाई देता हूँ,
32:15आपके माता पिता को, परिवार जनों को विशेस बढ़ाई देता हूँ,
32:25आपके शिख्षकों को, और उन सभी लोगों को भी,
32:31मेरी बहुत बहुत सुबकामना हैं,
32:35जो इस पूरी आत्रा में हर कदम पर आपके साथ खड़े रहे हैं,
32:44आप सभी का भविष्य उजवल हो, आप निरंतर नहीं उचाईयों को चुए,
32:51इसी मंगल कामना के साथ, बहुत बहुत धन्यवाद.
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