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तेहरान से आई एक तीखी प्रतिक्रिया ने मिडिल ईस्ट की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। मक्का में सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किए के बीच हुए कथित संयुक्त रक्षा समझौते पर ईरान ने कड़ा विरोध जताया है। ईरानी सांसद इब्राहिम रजाई ने सऊदी अरब को अपनी नीतियां बदलने और कागजी समझौतों के जरिए सुरक्षा तलाशना बंद करने की सलाह दी। इस समझौते के तहत किसी एक सदस्य देश पर हमला होने की स्थिति में उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। ऐसे में सऊदी की आर्थिक ताकत, पाकिस्तान की सैन्य क्षमता और तुर्किए की आधुनिक रक्षा तकनीक का मेल क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, सऊदी अरब और तुर्किए इसे रक्षात्मक समझौता बता रहे हैं। ईरान को आशंका है कि इससे उसके आसपास नया रणनीतिक गठबंधन मजबूत हो सकता है। अब सवाल है कि यह समझौता क्षेत्र में स्थिरता लाएगा या तनाव और बढ़ाएगा?
A sharp reaction from Tehran has stirred tensions across Middle East geopolitics. Iran has strongly opposed the reported joint defence agreement between Saudi Arabia, Pakistan, and Türkiye signed in Mecca. Iranian parliamentarian Ebrahim Rezaei reportedly urged Saudi Arabia to change its policies and stop seeking security through “paper agreements.” Under the reported pact, an attack on any one of the three member states would be considered an attack on all three. The combination of Saudi Arabia’s economic power, Pakistan’s military strength, and Türkiye’s advanced defence technology could significantly impact the regional balance of power. However, Saudi Arabia and Türkiye have described the agreement as defensive in nature.

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00:00तेहरान से इस वक्की सबसे संसनी खेस खबर, अपनी नीतिया बगलो का गिजी समझोतों से सुरक्षा की भीक मांगना बंद
00:08करो।
00:08जी हाँ, एकोई आम बया नहीं बोलकि इरान की संसत से उठी वो चिंकारी है जुसने पूरे मिडली इस में
00:14आग लगा दी।
00:15आगर ऐसा क्या हुआ कि इसलाम के सबसे पवितर शहर मक्का में हुए एक फैसले ने इरान की नींदे उड़ा
00:21दी।
00:22क्यों तहरान का पारा साथवे आसमान पर है और क्यों इरान का सीधा इशारा साओधी अरब की तरफ है।
00:28बात सर्फ साओधी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये के हाथ मिलाने की नहीं है।
00:46आये सबसे पहले आपको बिताते हैं कि तहरान में हुआ।
00:49जैसे ही मक्का से इस्त्री पक्षिय समझोते की खबर आई इरानी संसत के राष्ट्रे सुरक्षा और विदेश नीती आयो के
00:56वरिष्ट सदसे इबराहिम रजाई ने सीधे हमला बोल दिया।
00:59इबराहिम रजाई ने सोशिल मीडिया प्लाटफॉर्म एक्स पर बिना लाग लपेट के लिखा कि साउदी अरब को ये बात समझनी
01:05चाहिए कि तुर्किय और पाकिस्तान के साथ कागिजी समझोते करने से उसे कभी सुरक्षा नहीं मिलेगी।
01:11उन्होंने अमेरिका का जिक्र करते हुए साउदी पर तंज कसावर आगे कहा कि जिस तरह सालों तक अमेरिकियों का हुकुम
01:17सहने और उन्हें एक तरफा फाइदा पहुचाने के बावजूद साउदी को सुरक्षा के यारिंटी नहीं मिली ये नया समझोता भी
01:24ठीक वैसा ही
01:24साबित होगा अपनी नीतियों को वदलिये ताकि दूसरों के सामने सुरक्षा के लिए गिड़गिडाना ना पड़े
01:30सोचे इरान का ये बयान बताता है कि मक्का में जो हुआ है उसने तहरान के रणनीती कारों के माथे
01:36परचिंता की लखीरे खीच दी है
01:39अब सवाल ये है कि आखिर मक्का में ऐसा क्या दस्तिकत हुआ जिसने इरान का पारा बढ़ा दिया
01:44मक्का में एक हाई प्रोफाइल बैठक हुई जिसमें तीन बड़े नेता मौझूद थे
01:49साउदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहमद बिन सल्मान, तुर्किये के राश्ट्रपती रजब तेयब एर्दोगन और पाकिस्तान के प्रुधान मंतरी शहबाश
01:57शरी
01:57इन तीनों नेताओं के बीच मक्का सयुक्स रक्षा समझोता हैं कि मेका जोइन डिफेंस अग्रिमेंट साइन हुआ
02:04पाकिस्तान के विदेश मंतराले के मुताबिक इस तील का सबसे एहमनियम ये है कि अगर इन तीनों में से किसी
02:10भी एक देश पर कोई भी हमला होता है
02:12तो उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा यानि अब साउदी पर हमला हुआ तो पाकिस्तान की सेना और तुर्किये
02:18की सेना तकनीक भी उस जंग में सीधे उतर जाएगी
02:21इरान के भड़कने की सबसे बड़ी वज़ा यही ट्रिपल पावर है इसलामाबाद के रक्षा विशलेशक अब्दिल्ला खान के मताबिक ये
02:28तीनों देश एक दूसरे की ताकतों को पूरा करते है
02:30साओधी अरब के पास अपार पेट्रो डॉलर यानि आर्थिक ताकत है पाकिस्तान की पास एक विशाल परमाणू संपन और जंग
02:38का नुभाव रखने वाली सेना है तुर्किये के पास बयारक्तार जैसे खतरनाक ड्रोंस और आधुनिक रक्षा तकनीक है
02:44इरान और अमेरिका के बीच चल रही जंग के महौल में जब साओधी अरब अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी इन दो
02:50बड़े देशों की साथ साज़ा कर रहा है तो इरान को लगता है कि उसकी छेत्रे सीमाओं पर एक नया
02:56सेन्ने गुट तयार हो रहा है
02:57अलाकि साओधी अरब और तुर्किये ने साफ कहा है कि ये समझोता पूरी तरह से डिफेंसिव है और ये किसी
03:03एक विशेश देश के खिलाफ नहीं बनाया गया
03:06लेकिन यहाँ ये समझना भी ज़रूरी है कि साओधी अरब को इस कदम की जुरत आखिर पड़ी ही
03:11साओधी अरब की तेल प्रतिश ठानू और महत्वपूर इंफ्रास्ट्रक्चर पर यमन के हूती विद्रोहियों और इरान समर्थित गुटों की तरफ
03:17से बार-बार मिसाईल और ड्रोन हमले होते जा रहे हैं
03:20पहले साओधी अपनी सुरक्षा के लिए केवल अमेरिका पर निर्फर रहता था लेकिन अमेरिका के अनिश्चत रवये को देखते हुए
03:27साओधी क्राउन प्रिंस में अपनी कूटनीती बदल दी
03:30अब वो अमेरिका के भरोसे रहने के बजाए मुस्लिम दुनिया के दो सबसे मजबूत सेने देशों तुर्किय और पाकिस्तान को
03:37अपने पाले में ले आए
03:38तो मामला अपके वल एक कागजी समझोते का नहीं रहा मक्का का ये फैसला मिडलीस की पूरी बाजी पलट रहा
03:44है एक तरफ साओधी तुर्किय और पाकिस्तान का ये नया चक्र व्यू है तो वही दूसरी तरफ इरान का तीखा
03:49तेवर अब देखना ये होगा कि इरान का ये
04:08कॉमेंट बॉक्स में जरूर लिखे अगर आपको ये निस्पक्ष और सतीक विशलेशर पसंद आया तो वीडियो को लाइक शेर और
04:13सब्सक्राइब जरूर करें अगर आपको ये निस्पक्ष और सतीक विशलेशर पसंद आया तो वीडियो को लाइक और शेर जरूर करें
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