00:00तेहरान से इस वक्की सबसे संसनी खेस खबर, अपनी नीतिया बगलो का गिजी समझोतों से सुरक्षा की भीक मांगना बंद
00:08करो।
00:08जी हाँ, एकोई आम बया नहीं बोलकि इरान की संसत से उठी वो चिंकारी है जुसने पूरे मिडली इस में
00:14आग लगा दी।
00:15आगर ऐसा क्या हुआ कि इसलाम के सबसे पवितर शहर मक्का में हुए एक फैसले ने इरान की नींदे उड़ा
00:21दी।
00:22क्यों तहरान का पारा साथवे आसमान पर है और क्यों इरान का सीधा इशारा साओधी अरब की तरफ है।
00:28बात सर्फ साओधी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये के हाथ मिलाने की नहीं है।
00:46आये सबसे पहले आपको बिताते हैं कि तहरान में हुआ।
00:49जैसे ही मक्का से इस्त्री पक्षिय समझोते की खबर आई इरानी संसत के राष्ट्रे सुरक्षा और विदेश नीती आयो के
00:56वरिष्ट सदसे इबराहिम रजाई ने सीधे हमला बोल दिया।
00:59इबराहिम रजाई ने सोशिल मीडिया प्लाटफॉर्म एक्स पर बिना लाग लपेट के लिखा कि साउदी अरब को ये बात समझनी
01:05चाहिए कि तुर्किय और पाकिस्तान के साथ कागिजी समझोते करने से उसे कभी सुरक्षा नहीं मिलेगी।
01:11उन्होंने अमेरिका का जिक्र करते हुए साउदी पर तंज कसावर आगे कहा कि जिस तरह सालों तक अमेरिकियों का हुकुम
01:17सहने और उन्हें एक तरफा फाइदा पहुचाने के बावजूद साउदी को सुरक्षा के यारिंटी नहीं मिली ये नया समझोता भी
01:24ठीक वैसा ही
01:24साबित होगा अपनी नीतियों को वदलिये ताकि दूसरों के सामने सुरक्षा के लिए गिड़गिडाना ना पड़े
01:30सोचे इरान का ये बयान बताता है कि मक्का में जो हुआ है उसने तहरान के रणनीती कारों के माथे
01:36परचिंता की लखीरे खीच दी है
01:39अब सवाल ये है कि आखिर मक्का में ऐसा क्या दस्तिकत हुआ जिसने इरान का पारा बढ़ा दिया
01:44मक्का में एक हाई प्रोफाइल बैठक हुई जिसमें तीन बड़े नेता मौझूद थे
01:49साउदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहमद बिन सल्मान, तुर्किये के राश्ट्रपती रजब तेयब एर्दोगन और पाकिस्तान के प्रुधान मंतरी शहबाश
01:57शरी
01:57इन तीनों नेताओं के बीच मक्का सयुक्स रक्षा समझोता हैं कि मेका जोइन डिफेंस अग्रिमेंट साइन हुआ
02:04पाकिस्तान के विदेश मंतराले के मुताबिक इस तील का सबसे एहमनियम ये है कि अगर इन तीनों में से किसी
02:10भी एक देश पर कोई भी हमला होता है
02:12तो उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा यानि अब साउदी पर हमला हुआ तो पाकिस्तान की सेना और तुर्किये
02:18की सेना तकनीक भी उस जंग में सीधे उतर जाएगी
02:21इरान के भड़कने की सबसे बड़ी वज़ा यही ट्रिपल पावर है इसलामाबाद के रक्षा विशलेशक अब्दिल्ला खान के मताबिक ये
02:28तीनों देश एक दूसरे की ताकतों को पूरा करते है
02:30साओधी अरब के पास अपार पेट्रो डॉलर यानि आर्थिक ताकत है पाकिस्तान की पास एक विशाल परमाणू संपन और जंग
02:38का नुभाव रखने वाली सेना है तुर्किये के पास बयारक्तार जैसे खतरनाक ड्रोंस और आधुनिक रक्षा तकनीक है
02:44इरान और अमेरिका के बीच चल रही जंग के महौल में जब साओधी अरब अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी इन दो
02:50बड़े देशों की साथ साज़ा कर रहा है तो इरान को लगता है कि उसकी छेत्रे सीमाओं पर एक नया
02:56सेन्ने गुट तयार हो रहा है
02:57अलाकि साओधी अरब और तुर्किये ने साफ कहा है कि ये समझोता पूरी तरह से डिफेंसिव है और ये किसी
03:03एक विशेश देश के खिलाफ नहीं बनाया गया
03:06लेकिन यहाँ ये समझना भी ज़रूरी है कि साओधी अरब को इस कदम की जुरत आखिर पड़ी ही
03:11साओधी अरब की तेल प्रतिश ठानू और महत्वपूर इंफ्रास्ट्रक्चर पर यमन के हूती विद्रोहियों और इरान समर्थित गुटों की तरफ
03:17से बार-बार मिसाईल और ड्रोन हमले होते जा रहे हैं
03:20पहले साओधी अपनी सुरक्षा के लिए केवल अमेरिका पर निर्फर रहता था लेकिन अमेरिका के अनिश्चत रवये को देखते हुए
03:27साओधी क्राउन प्रिंस में अपनी कूटनीती बदल दी
03:30अब वो अमेरिका के भरोसे रहने के बजाए मुस्लिम दुनिया के दो सबसे मजबूत सेने देशों तुर्किय और पाकिस्तान को
03:37अपने पाले में ले आए
03:38तो मामला अपके वल एक कागजी समझोते का नहीं रहा मक्का का ये फैसला मिडलीस की पूरी बाजी पलट रहा
03:44है एक तरफ साओधी तुर्किय और पाकिस्तान का ये नया चक्र व्यू है तो वही दूसरी तरफ इरान का तीखा
03:49तेवर अब देखना ये होगा कि इरान का ये
04:08कॉमेंट बॉक्स में जरूर लिखे अगर आपको ये निस्पक्ष और सतीक विशलेशर पसंद आया तो वीडियो को लाइक शेर और
04:13सब्सक्राइब जरूर करें अगर आपको ये निस्पक्ष और सतीक विशलेशर पसंद आया तो वीडियो को लाइक और शेर जरूर करें
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