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  • 21 minutes ago
गया का बोधगया दुनिया भर के बौद्ध अनुयायियों के लिए सबसे पवित्र स्थान है. आज भी यहां भगवान बुद्ध की निशानियां हैं. रिपोर्ट- सरताज आलम

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00:07बिहार के गया जिले का बुध गया दुनिया भर के बौध अनुयाईयों के लिए सबसे पवित्र तिर्थ स्तल ग्यान की
00:17यही वो पावन धरती है जहां राजकुमार सिदार्थ गौतम आये तो भगवान बुध बन कर लोटे
00:24बुध बनने का ये सफर आसान नहीं था ग्यान की खोज में सिदार्थ ने गया के डुंगेश्वरी पहाड़ी की इस
00:32अंधेरी गुफा में लगातार छे वर्षों तक ऐसी कठिन तपस्या की कि उनका शरीर कंकाल जैसा हो गया
00:45इस तरह की तपस्या की थी कि पुरा शरीर का एक कंकाल की तरह हो गया था
00:52भूके प्यासे रहकर ऑने यहां पर
01:12The name of the Valshya was built in the Kitech of the Buddha,
01:19the Svastya name was an extension of the Valshya.
01:22He said, I am sure he knew where he was,
01:28Which was the Mahahtima Buddha, Santi Purnah.
01:31The Svastya name was built by the Valshya,
01:40you
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01:49। बोध गया का डंगेश्वरी पहाडी, सुजाता अस्थल, महाबोधी मंदिर, जेठियन, गुर्पा और गयाजी शहर में स्थेत, ब्रामनी पहारी भी,
02:00भगवान बुद्ध और उनके शिश्यों के इतिहास से जुड़ा हुआ है।
02:30बोध गया टेंपल प्रमंधन समीती की सचेव महाश्वेता महादाटी बुद्ध गया टेंपल प्रमंधन समीती की सचेव
02:35बताती हैं कि यहां BTMC, बिहार सरकार और जिला प्रशासन की ओर से परियटकों और शर्धालों के लिए पहले की
02:43तुलना में बहुत कुछ और बड़ी व्यवस्था हो चुकी है।
02:48यहां पर देश दुनिया से परियटक आते हैं।
03:12बोध गया में भगवान बुद्ध की सबसे बड़ी प्रतिमा 80 फीट की है।
03:22इस प्रतिमा की आधार शिला 1982 में रखी गई थी।
03:28तो अगली बार आप बिहार की यात्रा पर आएं तो बुद्ध की ग्यानस्थली बुद्ध गया आना ना भूलें।
03:37तो यह दुनगश्वरी पहारी है और यहीं पर उन्होंने कड़ी तपसिया की थी।
03:41एटीवी भारत के लिए गया जी से सर्ता आजमात है।
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