दो सत्र से बंद खेल मद, प्रतियोगिताओं से पहले सरकार की खुली पोलइस माह के अंत तक शुरू होगी खेल प्रतियोगिताएं, अब तक नहीं आया बजट
सवाईमाधोपुर. राज्य सरकार स्कूलों में लाखों का बजट खर्च कर खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए कई योजनाएं चला रही है लेकिन प्रदेश समेत जिले के सरकारी स्कूलों में अब तक न तो खेल सामग्री का बजट मिला न ही खेल सामग्री प्राप्त हुई। ऐसे में सरकार के खेलों को बढ़ावा देने के दावे फेल होते नजर आ रहे है। उधर, सरकार खेलो इंडिया का नारा बुलंद कर रही है लेकिन सरकारी विद्यालयों में खेल सामग्री के अभाव में यह सपना अधूरा दिख रखा है। स्कूल गेम्स फैडरेशन ऑफ इंडिया(एसजीएफआई)_तथा राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए खेल कैलेंडर जारी हो चुका है। आगामी दिनों में जिला स्तरीय प्रतियोगिताएं शुरू होगी। इसके बावजूद खेल सामग्री के बिना खिलाडि़यो की तैयारियां अधूरी है।
जिले के सरकारी विद्यालयों को शैक्षणिक सत्र 2025-26 बीतने के बाद भी खेल बजट नहीं मिला। पूरे सत्र में नई खेल सामग्री की खरीद नहीं हो पाई। खिलाड़ी पुराने उपकरणों के सहारे अभ्यास करने को विवश है। कई विद्यालयों में खेलकूद उधार के भरोसे संचालित हो रहे है।हालात यह है पिछले दो सालों से खेल सामग्री के लिए राशि नहीं मिली है। शारीरिक शिक्षकों को ग्रामीणों और भामाशाहों के सहयोग से सामग्री जुटानी पड़ रही है। छात्र पुराने उपकरणों से अभ्यास को मजबूर सरकारी विद्यालयों में खेल सामग्री का संकट गहरा गया है। छात्र आज भी पुराने और अनुपयोगी उपकरणों से अभ्यास करने को मजबूर है। सत्र 2024-25 में वितरित सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठे थे। इसके बाद सत्र 2025-26 में भी कई विद्यालयों को न तो खेल मद की राशि मिली है और ना ही नई सामग्री उपलब्ध हुई है। शारीरिक शिक्षकों के अनुसार हॉकी, फुटबॉल, क्रिकेट जैसे खेलों के लिए गेंद, बैट, नेट, मैट, जूते जैसे कई आवश्यक उपकरण नहीं मिल रहे है। बीते दो वर्षो से उच्च माध्यमिक विद्यालयों को 25 हजार रुपए, उच्च प्राथमिक को 10 हजार रुपए और प्राथमिक विद्यालयों को 5 हजार रुपए की नियमित खेल मद राशि नहीं मिल रही है। विद्यालयों के पास अन्य मद से भी सामग्री खरीदने का पर्याप्त बजट नहीं है।
इस माह के अंत में होगी खेल प्रतियोगिताएं
अगस्त माह के अंतिम सप्ताह में जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिताएं शुरू होने जा रही है। 17 से 19 वर्ष आयु वर्ग क विद्यार्थियों के लिए 33 खेलों में जिला और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं होगी। इन प्रतियोगिताओं में हजारो खिलाड़ी पदक जीतने के सपने के साथ मैदान में उतरेंगे। खेल कैलेंडर के अनुसार प्रथम समूह की जिला स्तरीय प्रतियोगिताएं अगस्त के अंत से सितंबर के शुरूआती सप्ताह तक होगी। द्वितीय समूह की प्रतियोगिताएं सितम्बर में, तृतीय समूह की प्रतियोगिताएं सितम्बर-अक्टूबर में और चतुर्थ समूह की प्रतियोगिताएं अक्टूबर में होगी। ...................... इनका कहना है...
पिछले दो शैक्षणिक सत्रों से ना बजट आया और ना ही खेल सामग्री आई है। इससे खेल गतिविधियों के संचालन में परेशानी आ रही है। पर्याप्त खेल सामग्री के अभाव में खिलाडि़यों की मेहनत बेकार चली जाती है। खेल सामग्री उपलब्ध कराने के लिए सरकार से मांग की जाएगी। कमेलश गुर्जर, जिला महामंत्री, राजस्थान शारीरिक शिक्षा संघ सवाईमाधोपुर
इनका कहना है... अभी खेल सामग्री एवं खेल मद की राशि के संबंध में कोई आदेश नहीं आए है। जैसे ही मुख्यालय से आदेश मिलते है, वैसे ही स्कूलों को आवंटित की जाएगी। इस बार खेल बजट आने की संभावना है।
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