1 अप्रैल 2026 , बुधवार से भारत की पहली डिजिटल जनगणना का काम शुरु हो गया. जनगणना के काम में लगे कर्मचारी डेटा कलेक्शन के लिए मोबाइल एप का प्रयोग करेंगे....पहली बार, नागरिकों के पास खुद अपनी गिनती करने का विकल्प भी होगा. जिसके लिए वे मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल का इस्तेमाल कर सकेंगे. जो हिंदी और अंग्रेजी समेत 16 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होंगे. ये भारत की 16वीं जनगणना है और आजादी के बाद 8वीं जनगणना है. जनगणना दो चरणों में की जाएगी. पहले चरण में हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना होगी. जिसे HLO के नाम से भी जाना जाता है.इस चरण में मकानों की स्थिति, घर में मौजूद सुविधाओं की जानकारी इकट्ठा की जाएगी. ये चरण अप्रैल से 30 सितंबर 2026 के बीच छह महीनों में पूरा किया जाएगा.केंद्र सरकार ने शुरुआती चरण के लिए 33 सवाल भी जारी किए हैं. जबकि दूसरे चरण में जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में की जाएगी. हालांकि, केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख, जम्मू-कश्मीर के बर्फ प्रभावित गैर-समकालिक क्षेत्रों तथा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ क्षेत्रों में जनगणना सितंबर 2026 में कराई जाएगी. दूसरे चरण में लोगों से जाति की जानकारी भी ली जाएगी. आखिरी बार जाति आधारित जनगणना 1881 और 1931 के बीच की गई थी. स्वतंत्रता के बाद से सभी जनगणनाओं से जाति को बाहर रखा गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की राजनीतिक मामलों की समिति ने पिछले साल अप्रैल में जनगणना में जातिगत गणना को शामिल करने का फैसला लिया था. ये जनगणना साल 2021 में होनी थी. लेकिन कोरोना वायरस महामारी की वजह से इसमें देरी हुई. इससे पहले देश में जनगणना 2010-11 में की गई थी.
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