00:00गांधी के पास क्या था ताकत थी क्या था दुबला पतला आदमी और नेत्रत तो भी गरीब लोगों का कर
00:06रहा है पर उस आदमी को अपनी नजर से जो कुछ भी इमांदारी से ठीक लगता था ना उस पर
00:12वो अड़ जाता था गांधी जी की ताकत थी उनकी जिद सच को लेकर �
00:18उनका आग्रफ अभी अलग बात है कि जिसको वो सच समझते थे वो किस हद तक सच था उस पर
00:24बहस हो सकती है पर एक बात पक्की थी जो उनको ठीक लगा फिर उससे पीछे नहीं हटते थे वो
00:29यह नहीं देखते थे कि दुश्मन कितना ताकत वर है यह नहीं देखते थे अं�
00:33अंजाम कुछ भी हो सकता था कुछ निश्यत नहीं था अंग्रेजों का कुछ नहीं भीड़ जाता ऐसी इनको ही मार
00:38दे तो कितनों को मार दी अंग्रेजों ने एक लाठी लगनी थी बुड़ा आदमी निश्काम कर्म और क्या सिखाती यह
00:45गीता जो सही है उसके अंजाम की �
00:48परवाह मत करो एक बार तो आपसे यह भी कहा था मैंने कि सही काम के अंजाम की परवाह करना
00:56ही पाप है जिस इनसान के जीवन में कृष्ण का कुरुक्षेत्र उतरने लग गया न उसको दवाया नहीं जा सकता
Comments