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अंतरिक्ष विज्ञान के इतिहास में पहली बार वैज्ञानिक पहले से तैयार हैं, क्योंकि SpaceX के फाल्कन-9 रॉकेट का एक बड़ा हिस्सा 8,700 किमी/घंटे की रफ्तार से चंद्रमा की सतह से टकराने जा रहा है। जानिए इस ऐतिहासिक टक्कर और NASA के अध्ययन की पूरी इनसाइड स्टोरी!

दुनिया भर के अंतरिक्ष वैज्ञानिकों और खगोलशास्त्रियों की नजरें चंद्रमा पर टिकी हुई हैं। स्पेसएक्स (SpaceX) के फाल्कन-9 (Falcon 9) रॉकेट का लगभग 4,000 किलोग्राम वजनी ऊपरी हिस्सा चंद्रमा से टकरा रहा है। जनवरी 2025 में अमेरिका और जापान के संयुक्त चंद्र मिशन के तहत लॉन्च किया गया यह रॉकेट ईंधन खत्म होने के कारण अंतरिक्ष में भटकता रहा और अंततः चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण में आकर उसकी ओर बढ़ गया।

कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के खगोलशास्त्री डॉ. मैट बोथवेल के अनुसार, 8,700 किमी/घंटे की सुपरसोनिक रफ्तार से होने वाली इस टक्कर से चंद्रमा की सतह पर 60 से 90 फीट चौड़ा नया क्रेटर (गड्ढा) बनेगा और धूल व मलबे का गुबार 50 किलोमीटर की ऊंचाई तक उठेगा। नासा के नियर-अर्थ ऑब्जेक्ट स्टडीज (CNEOS) ने स्पष्ट किया है कि इससे पृथ्वी को कोई खतरा नहीं है।


नासा का लूनर रिकॉनिसेंस ऑर्बिटर (LRO) इस दुर्लभ घटना की तस्वीरें लेगा, जिससे चंद्रमा की अंदरूनी परतों, मिट्टी की संरचना और भविष्य के मानव बेस व माइनिंग मिशनों के लिए महत्वपूर्ण डेटा मिलेगा। देखिए इस ऐतिहासिक घटनाक्रम पर हमारी यह विशेष रिपोर्ट।


A discarded 4-tonne upper stage of a SpaceX Falcon 9 rocket is set to strike the lunar surface near Einstein Crater at a speed of 8,700 km/h. Confirmed by NASA's Center for Near-Earth Object Studies (CNEOS), the impact will carve a new crater and eject a massive dust plume up to 50 km high, providing scientists and orbiting spacecraft like NASA's LRO a rare opportunity to study lunar geology and surface dynamics without posing any threat to Earth.


#SpaceX #MoonCrash #Falcon9 #NASA

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Transcript
00:12दुनिया भर के वैज्यानिक आस्मान की तरफ टक्टकी लगाए हैं
00:15अंतरिक्ष लैब में सारी तयारियां पूरी कर ली गई है
00:18स्पेस एक्स का रोकेट चांद की तरफ तेजी से बढ़ चुका है और वो पल आ चुका है
00:24जब वैज्यानिक पहली बार अंतरिक्ष में चांद से टक्राती किसी चीज को देखेंगे
00:30वैसे तो चांद अब तक अंगिनत बार उलका पिंडो की टक्कर जहल चुका है लेकिन ये बहुत खास है
00:35कलपना कीजिए अंतरिक्ष में एक ऐसा धमाका होने वाला है जिसका इंतजार दुनिया भर के वैज्यानिक महीनों से कर रहे
00:43है
00:43आज पहली बार वैज्यानिकों को पहले से पता है कि एक विशाल रॉकेट का हिस्सा चंद्रबा से टक्राने वाला है
00:49ये सिर्फ एक दुर्घटना नहीं बलकि अंतरिक्ष विध्यान के लिए एक ऐसा प्रयोग है जिससे चंद्रबा के कई रहे से
00:56खुल सकते है
00:57नमस्कार मेरा नाम है रिचा पराशर और आप देख रहे हैं One India India
01:00दुनिया भर की अंतरिक्ष एजेंसियों और वैज्यानिकों की नजरे आज चंद्रबा पटी की हुई है
01:05SpaceX के Falcon 9 रॉकेट का एक बड़ा हिस्सा चंद्रबा की से टक्राने जा रहा है
01:10ये टकर भारतिया समया नुसार दोपहर करीब 12 बच कर 5 मिनट पर होने की संभावना जटाई गई है
01:17ये रॉकेट का वही हिस्सा है जिसे जन्वरी 2025 में अमेरिका और जापान के स्तयुक्त अंतरिक्ष मिशन के दोरान लॉंज
01:25किया गया था
01:25मिशन पूरा होने के बाद इसे प्रिशीर पर वापस लाया जाना था लेकिन इंधन फत्म होने के कारण इसे नियंतरिक
01:32तरीके से डी और्बिट नहीं किया जा सका
01:35इसके बाद ये अंतरिक्ष में भटकता रहा और अब चंद्रमा के गुत्वाकर्शन के प्रभाव में आकर उसकी स्यतह की ओर
01:41टेजी से बढ़ रहा है
01:43रैग्यानिकों के मताबक इस रोकेट के हिस्से का वजन लगभग 4000 किलोग्राम है और करीब 8700 किलोग्राम प्रति घंटे की
01:51रफतार से चंद्रमा से टकराएगा
01:52हलाकि चंद्रमा पर उलका पिंडो की टकर कोई नई बात रही है और बोवर्शों से वहाँ लगतार टकराव कोते रहे
01:59हैं लेकिन ये घटना इसलिए अतिहासिक मानी जा रही है क्योंकि पहली बार ग्यानिकों को पहले से पता है कि
02:06कौन सी वस्तू कितने वजन की किस गती से
02:09है और किस स्थान पर चंद्रमा से टकराएगी यही मजए किस घटना को अंतिरिक्ष अनुसंधान की लिए बेहत महतोपुन माना
02:17जा रहा है
02:18केंब्रिज विश्विद्याले के सार्वजनिक खगोल शास्त्री डॉक्टर मैट बोथवेल के अनुसार इस टकर से चंद्रमा की सथै पर एक नया
02:25क्रेटर बनेगा और धूल का विशाल गुबार बलगभग 50 किलोमेटर या उससे अधिक उचाई तक उच सकता है
02:33चुकि चंद्रमा पर प्रित्वी की तरह कोई वायू मंडल नहीं है इसलिए ना तो रॉकेट की गति कम होगी और
02:39नहीं उसे उड़ने वाला मलबा हवा में रुप पाएगा
02:42कमजोर गृत्वाकर्शन के कारण धूल और चटानों के कंड काफी दूर तक पैल सकते हैं
02:49अच्छी बात यह है कि इस टकर से प्रित्वी को किसी भी तरह का खत्रा नहीं है नासा के सेंटर
02:55फॉर नियर अर्थ ऑब्जट स्टाडीज यान की CNEOS ने साफ किया है कि ये पूरी तरह वैग्यानिक अध्ययान का विशाय
03:02है और प्रित्वी पर इसका कोई प्रतिकूल प्र
03:19इस से भविशन में चंद्रमा पर बनने वाले मानोबेस, रोबोटिक मिशन, खनन पर योजनाओं और अन्य अंतरिक्ष अभियानों की योजना
03:27तयार करने में भी मदब देगा
03:29इतना ही नहीं, नासा का लूनर रिकॉनेंसेंस ओर्बिटर इस से टकर से पहले और बाद की तस्वीरे लेकर नय बने
03:36एक लेटर का विशलेशन करेगा
03:38इस से ये समझने में मदद मिलेगी कि चंद्रमा जैसी वायो मंडल रहित सथे पर किसी बड़ी वस्तु के टकराने
03:44पर मलबा कैसे फैलता है और उर्जा का प्रभाव कितना होता है
03:49यानि ये सिर्फ एक रॉकेट का चंद्रमा से टकराना नहीं है बलकि अंतरिक्ष विज्ञान से इतिहास का एक दिवला प्रियोग
03:56है
03:56इस टकर से बिलने वाला डेटा आने वाले वर्षों में चंद्रमा पर इंसानी बस्तियां बसाने और भभुष्य के स्पेस मिशनों
04:04के दिशा पै करने में में है तुकुन उम्खिनी का निभा सकता है
04:08अब पूरी दुनिया की नजरे इस अर्थिहासिक पल पर टिपनी है
04:26अब कर दो बस्तिया को एंप आने में है
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