00:00क्या मैं आज कल से बहतर इंसान हूँ, इसके अलावा कोई प्रश्ण मायने रखते ही नहीं, जीवन का और उत्तर
00:06प्रगति, हम सीखने के लिए पैदा होते हैं, हम बहतर होने के लिए पैदा होते हैं, लर्निंग का ही दूसरा
00:13नाम मुपति है, और कुई देश नहीं जीए, आ
00:27उनको आज ठोड़ा पीछे छोड़ा, कमजोरियों को कुछ त्याड़ा, दुनिया कुछ पहतर समझ भया रही है, मन कुछ बली हुआ
00:35है पहले से, यह हो रहा है अधर तो जिन्दगी सफल जा रही है, यह नहीं हो रहा है, तो
00:39बस सांसे बजा रही है
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