Skip to playerSkip to main content
🧔🏻‍♂️ आचार्य प्रशांत से समझे गीता और वेदांत का गहरा अर्थ, लाइव ऑनलाइन सत्रों से जुड़ें:
https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita-course?cmId=m00021

📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं?
फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021
➖➖➖➖➖➖
पूरा वीडियो यूट्यूब पर : मुझे सुकून से जीना है, मगर मेहनत नहीं करनी || आचार्य प्रशांत (2024)

वीडियो जानकारी : 09.06.2024, बोध प्रत्यूषा सत्र, ग्रेटर नोएडा

#buddhism #bhiksha #spirituality #egoless #giving #monklife #innergrowth #philosophy #deepthinking #आचार्यप्रशांत

Category

📚
Learning
Transcript
00:00बुद्ध ने क्यों कर दिया कि जाओ और मांग के खाओ
00:03ऐसे भिक्षू जो हर तरीके से कावलंबी थे
00:10जग पर नहीं आश्रित थे
00:13उनके साथ ऐसा क्यों आश्रहता का तार जोड दिया
00:18कि खाना तो तो मांग के खाओगे
00:20भिक्षाम दे अपने लिए कुछ मांगने तो क्या ही निकलता है
00:24वो पूरे गाओं को कुछ दे आता है
00:27नहीं तो ही जंगल है बैठे रह जाओगे देने का मौका नहीं मिलेगा
00:30लोग सोचते हैं कि दे ही बोलो न भिक्षाम दे तो मांगने आएं
00:34मांगने नहीं आए वो देने आए पर ग्रहस्थों को बताओ कुछ देने आया तो उन्हें सोझ भी नहीं आएगा भिक्चु
00:42है भिखारी है कुछ मांगने आया है हम बड़े लोग है चलो इनको कुछ दे देते हैं इससे मारा बड़पन
00:47साबिद होता है कि वो बिचारा आप ख
01:04उसने कब का खुद का कमा के खा लिया होता तुम दे क्या रहे हो उसको उसने एक तार जोड़ा
01:10है कि विख्षा के बहाने तुम्हारे द्वार आएगा और तुम्हें कुछ दे पाएगा
Comments

Recommended