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  • 6 weeks ago
पिछले 12 सालों में आंदोलन के चलते पहली बार किसी मंत्री की जिम्मेदारी तय हुई

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00:00স্য়ামত্রিয়ে ইমন্টর দূত্য়ারে ইম্ত্য়ে মন্রিয়ে করিমে তেয়ে রাজনাত ়ার থা লেকরেভ গ্রিয়ে ইমনট্ডেয়ে মন্য়
00:31મૂદી સરકાર 12 સાર કઈ બડે આંદોલન
00:38સરકાર પર લગતાર દપાક વના
00:41લીકન સરકાર કેસલો પર ડટે રહના
00:45કઈ બાર વિરોધ હવા કઈ બાર સરકાર ને પરશાસલે પરશાસલે
01:37સરફ ઇતના નહાસલે કઈ એક મંત્રી કયો બદલા
01:44યહી વજાહહે કી સરકાર કઈ સર્રથા કઈસે નરનાયક નત્રત્વ
01:48કેતે રહી જબકી વીપक્ષ ઇસે અડિયલ રવીયા પતાતા રહા
01:52સબસે પहલે C.A. ઔર NRC
01:542019 મે C.A. આયા
02:18સીતે જાદા સમે તા કાંદોલઈ આખીર પરધાદ મંતી નરેન દ્રમોદી ને ખુદ તીને વાપસ લીને
02:41તેને આખીત કાંદે ને તેન્યાનાય શીત તેને મેને નીતી નીતીતીતી વતવતીતી તેનીતી તીરાદી
03:32
03:37यही इस आंदोलन को बाकी आंदोलनों से अलग बनाता है।
04:05राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और दूसरे विपक्षी निताओं ने इस मुद्दे को संसत से लेकर सड़क तक उठाया।
04:13विपक्ष का आरोप था कि परिक्षा प्रणाली की विफलता की राजनितिक जिम्मेदारी तैह होनी चाहिए।
04:19सरकार ने दूसरी तरफ जाच परिक्षा रद करने, दुबारा परिक्षा कराने और सुधारों की दिशा में कदम उठाने की बात
04:27कही।
04:28लेकिन क्या सिर्फ विपक्ष के दबाव से कोई सरकार इतना बड़ा फैसला लेती है।
05:26एक और फर्क समझे।
05:28सिफारिशों के बावजूद जब 2026 में फिर परिक्षा परनाली पर सवाल उठे तो विपक्ष ने इसे जवाब देही का मुद्दा
05:36बनाया।
05:36सरकार ने भी इसके बाद सिर्फ जाच की बात नहीं कही बलकि परिक्षा विवस्था में व्यापक सुधार के लिए नया
05:43टास्क फोर्स बनाया और कानून में बदलाव का प्रस्ताव रखा।
05:47यानि 12 साल की राजनीती के बाद अब सवाल सिर्फ नीतियों का नहीं बलकि जवाब देही का भी है।
05:54और यही शायद इस पूरे घटना क्रम का सबसे बड़ा राजनितिक संदेश भी है।
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