00:00बिहार सरकार ने छात्र आंदोलन से जुड़े प्रदर्शनकारियों को राहत दने का फैसला लिया है
00:04सरकार ने घोच्टा की है कि आंदोलन की दौरान छात्रों पर दर्ज कई मामलों को वापस लिया जाएगा
00:09उन्हें राहत दी चाएगी
00:11सरकार का कहना है कि ये फैसला शात्रों के भविशों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है लेकर इस
00:16फैसले नेक नई बहस भी छेट दी है
00:18सवाल उच रहे हैं कि अगर किसी प्रजर्शन के दोरान हिंसा हुई है पुलिस पर पत्थरा हुआ है सरकारी संपत्ति
00:25को नुकसान पहुचा है लोगों के दुकानों को नुकसान पहुचा है और पुलिस अधिकारी गायल भी हुए है तो क्या
00:31ऐसे मामलों में भी केस वापस ल
00:48बिहार सरकार ने छात्र आंदोलन से जुड़े प्रदर्शिनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेनी की प्रक्रियाश शुरू करने का
00:54फैसला किया है।
00:55सरकार का तर्क है कि बड़ी संख्या में ऐसे छात्र भी आंदोलन का हिस्सा थे जिनका उदेश केवल अपनी मांगो
01:02को शांतिपूर्ण धंग से रखना था।
01:03ऐसे युवाओं का भविश्य आपराधिक मामलों की विज़े से प्रभावित नहीं होना चाहिए।
01:08लेकिन इस फैसले के बाद कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
01:38पहीर को नियंतरत करने के लिए लाठे चार्ज आसू कैस और अन्यभीर नियंतरन के उपाय अपनाने पड़े।
01:43बाद में कई संदिग्दों की पहचान विडियो, फुटेज और सेसी टीवी के अधार पर की गई।
01:48यही सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है।
01:50अगर कोई छात्र केवल शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहा था तो उसके खिलाफ कारवाई की समीक्षा होना एक अलग विशय है।
01:58लेकिन यदि किसी व्यक्ति पर हिंसा, पत्रा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुचाने या पुलिस पर हमला करने के आरोप
02:06हैं तो क्या ऐसे मामलों में भी रहत मिलने चाहिए।
02:08कानून के जानकारों का मानना है कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन हर नागरी का अधिकार है। लेकिन हिंसा किसी भी
02:15स्थिती में समवैधाने का अधिकार का हिस्ता तो नहीं माना जा सकता।
02:18पुलिस और प्रिशासन पर हमला करना भारतिय दंड कानूनों के तहत गंभीर अपराध किष्रेनी में आता है।
02:23यही कारण है कि सरकार के इस फैसले पर अलग-अलग प्रतिक्रियाय सामने आ रही है।
02:28कुछ लोगों का कहना है कि छात्रों के भविश्यों को बचाने के लिए यह मानविया फैसला है।
02:58रहती है कि शांतिपुर्ण प्रदर्शन करने वालों और हिंसा में शामिल लोगों के बीच सपश्ट अंतर कैसे किया जाए।
03:04फिलाल यह देखना में तो पुर्ण होगा कि सरकार किन मामलों को वापस लेती है।
03:09क्या राहत किवल उन लोगों तक समित रहेगी जिनके खिलाफ मामली या सामान्यधर आये हैं।
03:13या फरहिंसा और फुलिस पर हमले जैसे गंभीर आरोपों वालों मामलों में भी यही निती अपनाई जाएगी।
03:19आने वाले दिनों में सरकार के विस्तरित अधिसूचना और प्रिशासनी कारवाई से ये तस्वीर और सपष्ट होगी।
03:25लेकिन इतना तय है कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार जुक्ता महतोपुर्ण है, उतना ही महतोपुर्ण कानून का शासन और
03:32सारवजनिक व्यवस्था बनाए रखने की भी है।
03:34नहीं हम अपने राइट older में तो बहुत बात करते हैं लेकिन हमारी जुटर करते हैं,
03:48सम्मिधान में कि ओल राइट्स की बाते नहीं होती, सम्मिधान में आपको ड्यूटीज भी दी गई हैं, लेकिन आप सबकी
03:53नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार छात्रों के भविश्य और कानून वेवस्था, इन दोनों के बीच संतुलन किस तरह
03:59से स्थापित करती है, फिलाल
04:00इस ख़बर में इतना ही, लेकिन आपकी क्या राय है, हमें कॉमेंट में जरूर बताइए, क्या उपद्रवियों को यूही छोड़
04:07देना चाहिए, क्या इलेक्शन का लालच, क्या सरकार इसकदर मजबूर हो गई है, कि उपद्रवियों पर बात करने से भी
04:13कत्रा रही है, आ
04:27चाहित वोजों का लाइए, क्या से एंलग प कहा यूह से बात करने से भी कत्रा ठाट र cars species
04:31oczywiście कि ऊवबूंह के लिदा प्लाच, क्या सब्सक्राइए, क्यांट Guardirosoft
Comments