00:00बहुत बहुत धन्यवाद आप सब सुन पा रहे हैं।
00:11धन्यवाद 26 दिन के अंशन और इस आंडोलन के खात्मे पर अंध पर
00:25मैं सबसे पहले बाकू को याद करने, मादमा गांधी को याद करने, उन्हें क्रिक्तक गिता व्यक्त करने, धन्यवाद देने, राजगाट
00:37आना चाहता था
00:39और देश को बताना चाहता था कि उनका बताया जो रास्ता है वो आज भी उतना ही प्रसंगिक है उतना
00:48ही उप्यूग्ट है जितना की सौ साल पहले था
00:53दर असल ये लोग कहते रहे हैं कि ये ऐसे शासन में ऐसे शासक के साथ ये तरीके नहीं चलते
01:02हैं
01:03मेरी समझ है कि ये शासक या शासन से ज्यादा जन मानस जनता के दिल तक संदेश पहुंचाता है
01:13और कोई भी सरकार हो कोई भी शासन हो वो जनता की सुनते हैं चाहे मेरी ना सुने या गंदोलन
01:23जो करते हैं उनकी ना भी सुने
01:25तो ये जो उनका तजुर्बा था एक एक्सपेरिमेंट था उसे फिर सफल होते देखा मैंने
01:33इससे पहले 5-6 सालों में लदाक के स्तर पर हम इस प्रियोग का गांदी जी के इस प्रियोग का
01:43उपयोग करते उस पे अभ्यास करते आये हैं
01:46और उसे बहुत उप्यूप बहुत प्रसंगिक देखा मगर मुझे देश के स्तर पर नहीं पता था और इस पार मुझे
01:54ये तसली हुई कि ये आज भी देश के स्तर पर सो साल बाद भी और शायद सो साल या
02:03हजार साल बाद भी प्रसंगिक रहेगा
02:06इसलिए मैं भारत की जनता और विश्व की जनता से यही कहूंगा
02:10कि वो बापू के दिखाए हुए शांती के रस्ते पे ही अपने व्यथा अपनी फर्याद सुनाएं
02:19और उसका हल जरूर होता है देर से होता है मगर अंधेर नहीं होता है यह हमने देखा
02:27एक बार में आप सफल हो जरूरी नहीं है मगर अधिकतर आप सफल होते हैं अगर इस रास्ते पे चलते
02:35हुए
02:35खुद को पीडा दे खुद के शरीर पे पीडा ले और किसी दूसरे को पीडा ना ले तो वो किसी
02:43भी कठोर से कठोर दिल को भी पिगला सकता है
02:46यह हमने फिर देखा है मैं बदाई देना चाहता हूँ इस देश की युवा पीडी को इस देश के जन
02:55साधरन और सभी नागरिकों को बड़े बुड़े छोटे बड़े और जो आयोजक युवा थे जिनोंने इस आंदोलन को बहुत ही
03:06शांती पूर्ण तरीकों से आगे लिय
03:08उन सब को बढ़ाई देना चाहता हूँ हमें यह समझना होगा कि ये अगर हल कुछ हुआ है कुछ उपलबदी
03:17हुई है तो वो हमारे बाजुओं की ताकत से या हमारे लाथियों या पत्थर से नहीं हुआ है यह हमारे
03:24शांती की अपील से हुआ है खुद पर जो हमने पीड�
03:38शांतीपूर्ण पथ को समय से पहले ही रोकना भी पड़ा क्योंकि हम सब शांतीपूर्ण रहे यही मैं चाहता था चाहता
03:47रहूंगा और यही संदेश दूंगा कि यह प्रयोग बहुत ही सफल प्रयोग है आज के बारत में भी कल के
03:55बारत और विश्व में भी इसी पथ पर हम �
03:58जाहेंगे और देश को भी यही संदेश देंगे इसलिए हम यहां पर प्रणाम करने उन्हें याद करने आये हैं
04:05सर पूरा जो जरनी रही सबसे बड़ा इसमें अध्याय रहा कि धर्मीन प्रधान का इस्तीफ़ा हुआ आपको क्या लगता है
04:12इस्तीफ़े के बाद अब यह सिस्टम में वो सुधार जो जरूरी थे वो हो जाएंगे इस्तीफ़ी पर क्या क्या नहीं
04:17है पूरी उमीद है वरना
04:18इस्तीफ़े का कोई मतलब नहीं है इस्तीफ़ा एक शुरुवात है इसके बाद कबूल होने के बाद इसका इलाज हो तो
04:27हमारा देश एक बहतर देश बनेगा जो की मेरे खायल से शुरू हो रहा है अभी इस पर चर्चा चल
04:32रही है और मुझे उमीद है एक बहुत ही सकारात
04:35ट्मक चर्चा के बाद देश के लिए जो भी उपयूपत हो उसे अपनाया जाएगा और प्यार मुहबत से हम एक
04:41बहतरीन प्रिणाली को अपना पार आज
04:47अच्छी बात है उसमें चर्चा हो जर्चा के बात जो भी उप्यूप्त हो अच्छी तरह चर्चा करके उसे अपनाया जाने
04:55लगातार है
05:02सिए सिसगे यह कह रही है कि जो एक्षिन हो रहा है पुलिस ने
05:05और सरकार ने वादा किया था कुछ एक्षिन नहीं होगा लेकिन एक्षिन राज पांच बेजे
05:09दिदेञे निवारे जाएंगे जो शन्ती पूल्न जो परदर्शन कर रहे हैं उन पर untax
05:17एक्षन नहीं होगा अगर शरारती तत्व हो जो साफ शरारत के लिए कर रहे हो तो हम यह नहीं कह
05:23सकते हैं कि कहीं भी कुछ ना हो और कुछ भी हो मगर यह बहुत साफ करना चाहूंगा कि शांती
05:30पून प्रदर्शन हमारा समयदानिक अधिकार है उसको आधर किया जाए बाकी �
05:47प्रदर्शन प्रदशन होता है लोक तंत्र मैं हर एक मंत्री जवाब दे तो होते ही हैं और जवाब को तो
05:55क्यों ना दें यह होनी चाहिए मैं यह कहूंगा जहां भी जनता सवाल करे उसका जवाब
06:00वो जवाब देही की जगा हो और वो संसत और विदान सबाएं हैं।
06:03मैं ज्यादा गांदी जी के इस पवित्र स्थल पर ज्यादा विवादों में नहीं फसना चाहूंगा।
06:11आप लोगों का बहुत बहुत धन्यवाद करना चाहूंगा।
06:15आप बहुत उसाइज हैं।
06:17चलिबरेट कर रहें।
06:18इस पर भी सवाल खड़े कर रहें कई लोग।
06:20अच्छा कुछ देश में हुआ तो इसको कुछी मनाएं।
06:24मगर विजय में भी विनम्रता हो।
06:27ऐसे ना करें कि किसी के दिल को दुखे।
06:29तो इसलिए मैं यही चाहूंगा कि बड़े दिल के साथ
06:33और प्यार और मुहबबत के साथ आगे बड़े।
06:36बहुत बहुत आप सभी का दन्यवाद जो आगे संदेश आगे लेजारें।
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