Skip to playerSkip to main content
Sonam Wangchuk Visit Rajghat : अस्पताल से डिस्चार्ज होते ही राजघाट पहुंचे सोनम वांगचुक, क्या कहा ?

26 दिन के आमरण अनशन और अस्पताल में इलाज के बाद सोनम वांगचुक सोमवार को सबसे पहले राजघाट पहुंचे. महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के बाद उन्होंने बड़ा संदेश दिया. वांगचुक ने कहा कि आज भी बापू का अहिंसा का रास्ता सबसे प्रासंगिक है. लोकतंत्र तभी मजबूत होता है, जब सरकारें जनता की आवाज सुनें और हर मुश्किल का हल बातचीत से निकालें.

After a 26-day fast-unto-death and subsequent hospital treatment, Sonam Wangchuk first visited Rajghat on Monday. After paying tribute to Mahatma Gandhi, he delivered a significant message. Wangchuk stated that Bapu's path of non-violence remains highly relevant even today. Democracy is strengthened only when governments listen to the voice of the people and resolve every challenge through dialogue.

#SonamWangchukVisitRajghat #SonamWangchukRajghatTribute #SonamWangchukNews

~HT.410~PR.338~VG.HM~

Category

🗞
News
Transcript
00:00बहुत बहुत धन्यवाद आप सब सुन पा रहे हैं।
00:11धन्यवाद 26 दिन के अंशन और इस आंडोलन के खात्मे पर अंध पर
00:25मैं सबसे पहले बाकू को याद करने, मादमा गांधी को याद करने, उन्हें क्रिक्तक गिता व्यक्त करने, धन्यवाद देने, राजगाट
00:37आना चाहता था
00:39और देश को बताना चाहता था कि उनका बताया जो रास्ता है वो आज भी उतना ही प्रसंगिक है उतना
00:48ही उप्यूग्ट है जितना की सौ साल पहले था
00:53दर असल ये लोग कहते रहे हैं कि ये ऐसे शासन में ऐसे शासक के साथ ये तरीके नहीं चलते
01:02हैं
01:03मेरी समझ है कि ये शासक या शासन से ज्यादा जन मानस जनता के दिल तक संदेश पहुंचाता है
01:13और कोई भी सरकार हो कोई भी शासन हो वो जनता की सुनते हैं चाहे मेरी ना सुने या गंदोलन
01:23जो करते हैं उनकी ना भी सुने
01:25तो ये जो उनका तजुर्बा था एक एक्सपेरिमेंट था उसे फिर सफल होते देखा मैंने
01:33इससे पहले 5-6 सालों में लदाक के स्तर पर हम इस प्रियोग का गांदी जी के इस प्रियोग का
01:43उपयोग करते उस पे अभ्यास करते आये हैं
01:46और उसे बहुत उप्यूप बहुत प्रसंगिक देखा मगर मुझे देश के स्तर पर नहीं पता था और इस पार मुझे
01:54ये तसली हुई कि ये आज भी देश के स्तर पर सो साल बाद भी और शायद सो साल या
02:03हजार साल बाद भी प्रसंगिक रहेगा
02:06इसलिए मैं भारत की जनता और विश्व की जनता से यही कहूंगा
02:10कि वो बापू के दिखाए हुए शांती के रस्ते पे ही अपने व्यथा अपनी फर्याद सुनाएं
02:19और उसका हल जरूर होता है देर से होता है मगर अंधेर नहीं होता है यह हमने देखा
02:27एक बार में आप सफल हो जरूरी नहीं है मगर अधिकतर आप सफल होते हैं अगर इस रास्ते पे चलते
02:35हुए
02:35खुद को पीडा दे खुद के शरीर पे पीडा ले और किसी दूसरे को पीडा ना ले तो वो किसी
02:43भी कठोर से कठोर दिल को भी पिगला सकता है
02:46यह हमने फिर देखा है मैं बदाई देना चाहता हूँ इस देश की युवा पीडी को इस देश के जन
02:55साधरन और सभी नागरिकों को बड़े बुड़े छोटे बड़े और जो आयोजक युवा थे जिनोंने इस आंदोलन को बहुत ही
03:06शांती पूर्ण तरीकों से आगे लिय
03:08उन सब को बढ़ाई देना चाहता हूँ हमें यह समझना होगा कि ये अगर हल कुछ हुआ है कुछ उपलबदी
03:17हुई है तो वो हमारे बाजुओं की ताकत से या हमारे लाथियों या पत्थर से नहीं हुआ है यह हमारे
03:24शांती की अपील से हुआ है खुद पर जो हमने पीड�
03:38शांतीपूर्ण पथ को समय से पहले ही रोकना भी पड़ा क्योंकि हम सब शांतीपूर्ण रहे यही मैं चाहता था चाहता
03:47रहूंगा और यही संदेश दूंगा कि यह प्रयोग बहुत ही सफल प्रयोग है आज के बारत में भी कल के
03:55बारत और विश्व में भी इसी पथ पर हम �
03:58जाहेंगे और देश को भी यही संदेश देंगे इसलिए हम यहां पर प्रणाम करने उन्हें याद करने आये हैं
04:05सर पूरा जो जरनी रही सबसे बड़ा इसमें अध्याय रहा कि धर्मीन प्रधान का इस्तीफ़ा हुआ आपको क्या लगता है
04:12इस्तीफ़े के बाद अब यह सिस्टम में वो सुधार जो जरूरी थे वो हो जाएंगे इस्तीफ़ी पर क्या क्या नहीं
04:17है पूरी उमीद है वरना
04:18इस्तीफ़े का कोई मतलब नहीं है इस्तीफ़ा एक शुरुवात है इसके बाद कबूल होने के बाद इसका इलाज हो तो
04:27हमारा देश एक बहतर देश बनेगा जो की मेरे खायल से शुरू हो रहा है अभी इस पर चर्चा चल
04:32रही है और मुझे उमीद है एक बहुत ही सकारात
04:35ट्मक चर्चा के बाद देश के लिए जो भी उपयूपत हो उसे अपनाया जाएगा और प्यार मुहबत से हम एक
04:41बहतरीन प्रिणाली को अपना पार आज
04:47अच्छी बात है उसमें चर्चा हो जर्चा के बात जो भी उप्यूप्त हो अच्छी तरह चर्चा करके उसे अपनाया जाने
04:55लगातार है
05:02सिए सिसगे यह कह रही है कि जो एक्षिन हो रहा है पुलिस ने
05:05और सरकार ने वादा किया था कुछ एक्षिन नहीं होगा लेकिन एक्षिन राज पांच बेजे
05:09दिदेञे निवारे जाएंगे जो शन्ती पूल्न जो परदर्शन कर रहे हैं उन पर untax
05:17एक्षन नहीं होगा अगर शरारती तत्व हो जो साफ शरारत के लिए कर रहे हो तो हम यह नहीं कह
05:23सकते हैं कि कहीं भी कुछ ना हो और कुछ भी हो मगर यह बहुत साफ करना चाहूंगा कि शांती
05:30पून प्रदर्शन हमारा समयदानिक अधिकार है उसको आधर किया जाए बाकी �
05:47प्रदर्शन प्रदशन होता है लोक तंत्र मैं हर एक मंत्री जवाब दे तो होते ही हैं और जवाब को तो
05:55क्यों ना दें यह होनी चाहिए मैं यह कहूंगा जहां भी जनता सवाल करे उसका जवाब
06:00वो जवाब देही की जगा हो और वो संसत और विदान सबाएं हैं।
06:03मैं ज्यादा गांदी जी के इस पवित्र स्थल पर ज्यादा विवादों में नहीं फसना चाहूंगा।
06:11आप लोगों का बहुत बहुत धन्यवाद करना चाहूंगा।
06:15आप बहुत उसाइज हैं।
06:17चलिबरेट कर रहें।
06:18इस पर भी सवाल खड़े कर रहें कई लोग।
06:20अच्छा कुछ देश में हुआ तो इसको कुछी मनाएं।
06:24मगर विजय में भी विनम्रता हो।
06:27ऐसे ना करें कि किसी के दिल को दुखे।
06:29तो इसलिए मैं यही चाहूंगा कि बड़े दिल के साथ
06:33और प्यार और मुहबबत के साथ आगे बड़े।
06:36बहुत बहुत आप सभी का दन्यवाद जो आगे संदेश आगे लेजारें।
Comments

Recommended