00:08दर्मेंद्र प्रधान के इस्तिफिक के बाद जंतर मंतर में मोचा खोलने वाली कौक्टरो जंता पाटियने की सीजेपी की मांगे अब
00:14पूरी हो चुकी है
00:15उनका धरना प्रदर्शन खत्म हो चुका है और सड़के भी खाली हो चुकी है
00:19लेकिन इस पूरी राचनीतिक हल्चर से जरा अपनी नजरे हटाई और देखिये आसम का वो खौफनाक मंजर जिसने पूरे देश
00:25को हिला कर रख दिया है
00:26आसम में इस वक्क कोई राचनीतिक प्रदर्शन नहीं चल रहा है वहां मौत और तबाही का सन नाटा पसरा हुआ
00:32है
00:49जो अपने उजड़े आशियानों को छोड़कर नाशनल हाइवेज बांधो और तिरपालों की नीचे भूके प्यासे दिन काटने को मजबूर है
00:57राजे के पांच जिलों में 5,24,000 से जादा लोग अभी भी जलबराव की सीधी मार झेल रहे हैं
01:04सरकारी आकडो और डिजास्टर रिपोर्टिंग और इन्फॉमेशन मानेजमेंट सिस्टम की ताजा रिपोर्ट के मताबिक असम का चुराई देव जिलाइस वक्त
01:12सबसे जादा प्रभावित है
01:14जहां के लिए लगबग 1,90,000 लोग पानी से खेरे हुए
01:18वही शिफसागर जिले में हालात पिछले 50 सालों में सबसे खराब बताए जा रहे हैं
01:22शिफसागर के उपयायुक्त मृदुल यादव के अनुसार जिले के 301 गाउं के करीब 4,000,000 लोग इस तबाही की
01:29चपेट में
01:29नाजिरा और शिफसागर विधान सबाच खेतरों में हजारों परिवारों ने अपनी खेती, अपने घर अप और अपनी जीवन भर की
01:37कमाई खूदी
01:38अकेले शिफसागर में 30 लोगों की मौत की पुष्टी हो चुकी
01:41जपी साथ लोग अभी भी लापता, लापता लोगों की तलाश में इंडियारेफ और गोता खोर पानी की में खाक चान
01:48रहे हैं
01:49लेकिन उनके परिजनों का रोरो कर दुरा हाल है
01:52इतबाही सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं है, इस बाड का सबसे दर्दनाग चहरा बेजुबान जानवर उपर दिख रहा है
01:57विश्र प्रसिद काजरंगा नाशनल पार्क से आई तस्वीरे का लेजा का पादेने बाली
02:02बाड के गहरे पानी में फसकर एक दुरलब एक सीग वाला गेंड़ अपनी जान गवा बेठा पानी के ऊपर तेरती
02:08उसकी लाश वन्य जीवों पर पड़े इस कहर की गवा ही दे रही
02:12गाउं गाउं में परशुपालक अपने मवेशियों जैसे गाए, भैस और बकरियों को बचाने के लिए जान जोखिम में डाल रहे
02:19हैं
02:19लोग चाती तक पानी में खड़े होकर अपने जानवरों के लिए सूखा चारा ढूंड रहे हैं
02:23कोई बास की अस्थाई राफ्ट पर अपने घर का थोड़ा बहुत समानलाद कर निकलने की कोशिश कर रहा है
02:29तो कोई बकरी के बच्चों को गले से लगा कर पानी पार कर रहा है
02:33सड़के, पुल, स्कूल और बिजली के खंबे पूरी तरह तबाह हो चुकी है
02:37इस संकट की घड़ी में भारती सेना, इंडी आरेफ, स्टी आरेफ, फायर सर्विस और असम पुलिस दिन रात राहत और
02:43बचाव कारे में चुटी हुई
02:45अब तक करीब 20,000 लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों तक पहुँचाया गया है
02:50चार प्रभावे जिलों में 354 राहत शिविर और राहत वितरंड केंद्रों चलाए जा रहे हैं
02:55जहां 37,000 से जादा विस्थापित लोगों को आर्श्रे देया जा रहा है
03:00जिन इलाकों तक गाड़िया नहीं पहुँच पा रही है
03:02वहां वायू सीना के हेलिकॉप्टरों से अब तक 10,000 किलो ग्राम से जादा राशन एर ड्रॉप किया जा रहा
03:08है
03:08मुख्यमंत्री हिमंद बिस्वा सर्मा ने कहा कि सरकार की पहली प्रात्मिक्ता बिजली सप्लाई बहाल करना और स्वास्ते सेवा पहुचाना है
03:16बीजेपी विधायक मानव डेका ने दावा किया है कि बार नदियों के समाने उफान से नहीं
03:21बलकि समाने से 400 से 500 प्रतीशत अधिक हुई रिकॉर्ड तोड़ बारिश की वज़ा से आई है
03:27जिसे वो उचे इलाखे में भी डूब गए जो हमेशा सुरक्षित मानी जाते थे
03:32लेकिन इस मानवे तबाही के बीच राजनीती भी पूरी तरह गर्मा गई है
03:36कॉंग्रेस सद्यक्ष मलिकार जुन खर्गे और विपक्ष के नेता राहूल गांदी ने सरकार के बाढ़ मुक्त असम के
03:412016 के वादे पर तीखा हमला बोला है
03:43खर्गे ने सवाल उठाया कि सत्ता में एक दशक रहने के बावजूद स्थाई समधान क्यूं नहीं
03:49विपक्ष ने मांग की है कि पीम के असपंड से प्रभावितों को तुरंत आर्थिक मदत और मृत्तिकों के परिवारों को
03:54उचित मुआबजा दिया जाने
03:56दूसरी तरफ मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सर्मा का कहना है कि सरकार का पूरा ध्यान अब पुनर निर्वास पर है
04:02शिवसागर, जोरहाट, बोंगाई, गाव जैसे इलाकों में कटी हुई बिशली को सुरक्षा जाच के बाद धीरी दीदे बहाल किया जा
04:09रहा है
04:09शतिग्रा स्कूलों, पुलों और सडकों की मरमत के निर्देश दिये गए हैं लेकिन यहाँ एक बड़ा और कड़वा सवाल खड़ा
04:16होता है
04:17आखिर हर साल असम ही क्यों डूबता है
04:19हर साल कड़ोणों, अर्बो रुपेओं का बजट, बाढ़, नियंटरन और इम्बाक्मेंस की मरमत के नाम पर जारी होता है
04:26फिर भी जैसे ही मौनसुन आता है, यह सरकारी दावे ताश के पत्तों की तरह क्यों बह जाते हैं
04:31आखिर क्यों आधी सदी भी जाने के बाद भी हम अपनी नगियों के पानी को संभाले का कोई ठोस, तक्नीकी
04:37और स्थाई समधान में ही ढूंड पाई
04:39क्या सम के लोगों की नियती यही बन चुकी है कि वो हर साल अपने आश्यानियों जड़ते हुए देखे
04:44हर साल अपनों की लाशे उठाई और फिरशूने से अपनी जिंदगी वापस शुरू करें
04:49जो घर एक-एक पाई जोड कर बनाए गए थे वो आज पानी के नीचे है
04:54जो बच्चे कल तक स्कूलों में मुस्कुरा रहे थे वो आज तरपाल के नीचे भूके पेट सोने को मजबूर है
04:59असम के इन 6 लाग बेगर लोगों को इस वक्त भाशनों की नहीं सहानू भूती के दो खोकले शब्दों की
05:05भी नहीं
05:05बलकि एक ठोस मदद और इस सालाना तबाही से हमेश्वा हमेश्वा के लिए आजादी की जरुरत है
05:11आपके इस पूरी स्थिती पर क्या राए है क्या आपको लगता है कि असम की बाढ़ को राष्ट्य आपदा घुशत
05:16करक इसका स्थाई समधान निकाला जाना चाही
05:19अपनी राए हमें कमें सेक्शन में जरूर बताए फिलहाल बस इतना ही देश और दुनिया की तमाम बड़ी खब्दों के
05:24लिए देखते रहे
05:25One India Hindi
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