Skip to playerSkip to main content
जानकी स्तुति | Janaki Stuti | Sita Jayanti | भई प्रगट कुमारी भूमि-विदारी | Ramcharitmanas #sitaram

जय श्री राम! आज के इस वीडियो में हम 'जानकी स्तुति' का श्रवण करेंगे। यह स्तुति भक्तों के मन को शांति और शक्ति प्रदान करती है।

तुलसीदासजी द्वारा रचित श्री जानकी स्तुति

भई प्रगट कुमारी भूमि-विदारी जनहितकारी भयहारी।
अतुलित छबि भारी मुनि-मनहारी जनकदुलारी सुकुमारी।।

सुन्दर सिंहासन तेहिं पर आसन कोटि हुताशन द्युतिकारी।
सिर छत्र बिराजै सखि संग भ्राजै निज-निज कारज करधारी।।

सुर सिद्ध सुजाना हनै निशाना चढ़े बिमाना समुदाई।
बरषहिं बहुफूला मंगल मूला अनुकूला सिय गुन गाई।।

देखहिं सब ठाढ़े लोचन गाढ़ें सुख बाढ़े उर अधिकाई।
अस्तुति मुनि करहीं आनन्द भरहीं पायन्ह परहीं हरषाई।।

ऋषि नारद आये नाम सुनाये सुनि सुख पाये नृप ज्ञानी।
सीता अस नामा पूरन कामा सब सुखधामा गुन खानी।।

सिय सन मुनिराई विनय सुनाई सतय सुहाई मृदुबानी।
लालनि तन लीजै चरित सुकीजै यह सुख दीजै नृपरानी।।

सुनि मुनिबर बानी सिय मुसकानी लीला ठानी सुखदाई।
सोवत जनु जागीं रोवन लागीं नृप बड़भागी उर लाई।।

दम्पति अनुरागेउ प्रेम सुपागेउ यह सुख लायउं मनलाई।
अस्तुति सिय केरी प्रेमलतेरी बरनि सुचेरी सिर नाई।।

दोहा- 
निज इच्छा मखभूमि ते प्रगट भईं सिय आय।
चरित किये पावन परम बरधन मोद निकाय।।

Category

📚
Learning
Transcript
00:00जानकी स्तुती भई प्रकट कुमारी भूमि विदारी जन हितकारी भय हारी अतुलित छबिभारी मुनिमन हारी जनक दुलारी सुकुमारी
00:23सुन्दर सिंहासन तेहि पर्यासन कोटि हुताशन द्युति कारी सिर छत्र बिराजय सक्षंग भ्राजय निज निज कारज करधारी
00:44सुरसिद्ध सुजाना हन निशाना चड़ बीमाना समदाई
00:54बरश ही बहु फूला मंगल मूला अनुकुलासि गुन गाई
01:05देख ही सब ठाड़े लोचन गाढ़े सुख बाढ़े उर अधिकाई
01:15अस्ति मुनिकरही आनंद भरही पायन परही हरशाई
01:27रिशिनारद आये नाम सुनाये सुनि सुख पाये निप ज्यानी
01:36सीता सनामा पूरन कामा सब सुख धामा गुन खानी
01:47सीयसन मुनिराई विनय सुनाई सते सुहाई मृद बानी
01:57लालनी तननी जय चरित सुकी जय यह सुख दी जय निर्प रानी
02:08सुनि मुनि बरबानी सीय मुसे कानी लीला ठानी सुख दाई
02:18सुवत जनु जागी रोवन लागी निर्प बड़ भागी उरलाई
02:29दंपतिय नुरागेऊ प्रेम सुपागेऊ यह सुख लायं मन लाई
02:39अस्ति सीय केरी प्रेमल तेरी बरनि सुचेरी सिरनाई
02:50निजित छामक भूमिते प्रगट भई सीय आय चरत किये पावन परम बरधन मोद निकाय
03:09झाले झाले
Comments
Mere Krishna
Creator
Jai Maa janaki

Recommended