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  • 4 hours ago
Set against Indias 1990 economic crisis, Governor follows Raman, a reluctant bureaucrat unexpectedly appointed as the Governor of the RBI when the nation stands on the brink of bankruptcy. As inflation rises, fuel runs low, and panic spreads, Raman must navigate political pressure and a collapsing system to prevent the country from falling apart.
Transcript
00:12कि अगर हमारे फॉरन एक्स्चेंज रिजर्व वन बिलियन डॉलर के ऊपर है मतलब हम इस रेड लाइन के ऊपर है
00:18और वन बिलियन से नीचे मतलब
00:23इंडिया हस गॉन बेंक्रप्ट वन मन्त इस मुद्दे पर तो हमारी सरकार चली जाएगे
00:29कुर्सी पे दिमक लग जाएगा तो नेया कुर्सी आ जाएगा
00:35देश दुसरा कहां से लाएगा सर
00:40महिंगाए सिर्फ अके लिए नहीं आती सर
00:42भूख के साथ आती है और भूख उच भी करवा सकती है
00:46प्रई, दंगे फसाद, अनार्खी और मेभी ये सिविल वाइग
00:57अगर कल हमको इस देश को कुशाल देखना है
01:01तो आज हमको ये पोईसन पीना ही पड़ेगा
01:07आपको लगता है कि हमारा देश सिफ पॉलिटिशन और आप जैसे ब्यूरोक्राट्स के वज़े से चल रहा है
01:12वी देपल, वी आ देशन
01:16असली धन वही है जो अपने हाथ में हो
01:20सर, हमारा रखा हुआ सोना जरुट में काम नहीं आए
01:25तो ये कैसा धन है?
01:27क्या हमें सोना फिज़कली देश के बाहर भीजना होगा?
01:30ठोकेगा पुरा देश हम पर
01:31ये हमारा आखरी चास है
01:35हम इसको एक सीक्रेट मिशन की तरिके से
01:38एक्जेक्यूट करेंगे
01:42साट टन सोना एरलिफ्ट कैसे करेंगे
01:46इतना बड़ा लेड़ा है हमारी सरकार नहीं ले सकती है
01:49अपरेशन रोखना होगा
01:52हमारी सरकार गिर गई है
01:55आप फेल हो चुके हैं
01:58I will not let India fail.
02:01मैं नन खबर पक्की है.
02:03Switzerland और England दो जगा जा रहा है.
02:07RBI का सोना, देश का सोना, देश पेचने निकले आप लोग?
02:12पेचना और मचाना में एक मात्रा का डिफरेंस है.
02:29झाज का सक Q अर में एक अरो जब चा रहा है.
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