00:00दुख की घड़ी में हमारे बहुत लोगप्रिय, बहुत सम्मानित, विधायक, आलमवदी साब के में परिवार और उनके सवी सगे साथी,
00:16सहयोगी और लोगों से मिलकर क्या हैं, परिवार के सवी सदस्कों से मिलने का मुझे मौका मिला,
00:22बेटे हमारे बगल में हैं, इनोंने और इनके साथियोंने पूरी सेवा की है, जब वो तकलिव और परिशानी और बीमारी
00:32के हालत में थी, तब भी देखवाल उनकी पूरी दवाई, इलाज, या क्या उस समय जरुवत हैं उनको पूरा किया,
00:43एक ऐसे इंसान को हम लोगों ने �
00:45होया, जो पूरा जीवन उसने गुजार दिया लोग की सेवा में, उन्होंने अपनी पहचान, अपनी मेहनस से, और उनका परशे,
01:01और जो सम्मान उन्होंने पाया, शायद उत्त्रपदेश की रादनीत में, इतना लोगप्रिय बिधाय कोई नहीं रहोगा,
01:12जिसका सम्मान हर वर्के लोग करते थी, हिंदु हो, मुसलिम हो, या किसी समाज के लोग रहे होंगे, उन्होंने हमेशा
01:23सम्मान किया उनके बीच में, जब भी गए होंगे विधाय жी, उन्होंने कभी भी किसी तरह का भीदवाम नहीं किया,
01:31एक तरीके से सुहार्थ कैसे बन
01:36आपस में प्रेम कैसे बढ़े हैं हमारी जो हिंदू मुस्लिम की एकता हिंदुस्तानियत को कैसे पैचान दें उसको जीवन भर्व
01:47करते रहें इतनी वार के विधाय होने के बावजूद भी उनके ऊपर कोई आरोप किसी तरह का नहीं लागा सकता
01:54और आम लोगों की तरह आम ज
02:00सूजबूज और अपने समाज की सूजबूज बहुत कम लोगों में रही होगी मैं व्यत्तिकत ये कह सकता हूँ कि जब
02:10कभी भी मुझे मिलते थे वो जो उनको जानकारी हासिल होती थी अख़वारों से या अपने समाज की क्या चर्चा
02:20चल लई है वो हम तक और पार्टी त
02:28समयने में आसानी होती थी समाज के भाव को समझते थे हम लोग हम लोग उने खोया है एक एक
02:36अच्छे इंसान को ऐसे इंसान कम आते हैं कम बनते हैं और मैं तो यह कहूंगा उनका जहन जो था
02:44वाहम लोगों के लिए था सेवा के लिए था और हम बरुसा दिलाते हैं उनके से
02:50ये साथियों को, उनके कामों को आगे बढ़ाएं, परिवार की लोग उनको काम आगे बढ़ाएं, हम समाजवादी लोग हमेसा उनके
02:56साथ रहें, आलांकि दुख की घड़ी में हम लोग आए हैं, लेकिन इधर जो एक खबर आई है, वो ऐसी
03:05खबर है, खास कर नई पीडी के ल
03:20आना था, तो बच्चों से बात करके, बुला करके, ये फैसला पहले ही ले लिया सकता था, और तब ले
03:28लेना चाहिए था, क्योंकि जब बच्चों की जान गई है कही हो, और सरकार ने कुछ स्विकार किया था, कि
03:34परिच्छा का पेपर लीक हुआ है, आपने अधिकारी ये �
03:41लिए लगे रहे हालां कि कैमेरी के सामने आप बोलते थी, लेकि जैन जी की ताकत को देख करके, आपको
03:50अपना मुबाइल भी तेडा करना पड़ गया, और मुबाइल तेडा करके आपको अपनी भाषा, अपना ब्योषार, अपनी भाषण देना पड़ा,
03:59और एक बार नही
04:00दो बार देना पड़ा
04:02क्योंकि नई PDK लोग रात में भी जगते हैं
04:06तो रात में भाषण दिया है
04:08वैसे तो आड़ बजे भाषण होता है
04:09अक्सर इस बार तो रात के
04:11बारा बजे के लग भाषण हो रहा है
04:14यह बड़ी जीत है नई PDK
04:16लोगों की
04:17और सरकार को ये बात
04:19समझ लेने चाहिए
04:22परिचा को लेकर के
04:23आ कौन सी सिक्षा
04:26प्राइमरी एजुकेशन से लेकर के
04:28हाइर एजुकेशन तक पर
04:30सरकार को बहुत जंभीट काज़े सोचना पड़ेगा
04:33परिचाओं के पेपर लीक नहों
04:36इसके लिए ठोस कदम उठाने पड़ेंगे
04:39कानून बनना तो अपनी जगे है
04:42सजा मिलना खोट से मिलेगी
04:44लेकिन कुईसी भी परिच्छा का
04:47पेपर लीक नहों ये सबक इस आंदोलन से सीखना चीए
04:51और एक बात जो हम समने देखा सीखा समझा
04:56भारती जन्ता पार्टी जो नकारात्मक रादनीत करती थी
05:00नकारात्मक रादनीत के लिए वो नजाने कितनी धन दौलत खर्च करते थे
05:05लेकिन नई पीड़े योवा के लोगों ने
05:09ऐसे नारे बनाए ऐसे पोस्टर बनाए
05:13जिनके बारे में और नारों के बारे में हम लोग सोच भी नहीं सकते थे
05:18वो नारे आए
05:21किसी का समर्दन रहा हो ना रहा हो पॉलिटिकल पार्टी का
05:24लेकिन एक एक युवाँ उससे जूड़ कर रहा
05:28ये युवाँ की और आज के जमाने के इंटरनेट
05:32और सोचल मीडिया के माद्यमसे और सडकों पर जो आंगोलन फैला
05:37उसकी वज़े से अंतोगत्वा भार्दी जन्ता पार्टी जो विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है
05:43जिनके पास नजाने कितने संगी साथी अंडरगाउंड अनरिस्टर्ड लोग है
05:49उनको भी जुकना पड़ गया
05:51ये इवाओं की बड़ी जीत है
05:53लेकिन इस सबी पॉलिटिकल पार्टी के लोगों को ये सबक लेना चाहिए
05:58कि हमारे आने वाले समय में जो परिच्छाएं हो
06:02उनको ठोस बना करके ही कोई टेपर लीक ना हो
06:05और इवाओं को रोजगार और नौकरी के लिए रास्ते खुलने पड़ेंगे
06:09अच्छा आपके ये भी आरों पेस्वर की
06:15क्योंकि मुझे उनकी कई बैठक हुई है
06:19क्योंकि अंदर बैठक में क्या बात होती है
06:22वो तो हम नहीं समझ सकते है
06:24सोशल मीडिया के माद्यम से
06:26या आप लोगों के माद्यम से जो बात आती है
06:29और जो हमारे साथ ही कुछ है
06:31जो जानकारी दित है उसके माद्यम से ही हम कोई बात कह पा रहे है
06:34क्योंकि बात हमारे बीच नहीं है
06:37लेकिन पहली बात जो थी
06:39विपक्ष की भी ये मांग थी जिसकी विए सदन नहीं चला था
06:42स्पीकर महोदे के सामने या अनिस मोखो पर
06:46यह जो धर्ने परदस्तन हुए जिन धर्ने परदस्तों में हम लोग शामिल हुए
06:50यही मांग थी के छात रिवाओं की मांगे मानी जाएं
06:54जिसमें सबसे पहली मांग यही थी के मंत्री को स्तीफा देना चाहिए
06:58वो पूरी हुई है उसके लिए बहुत बढ़ाई चात नौजवानों को
07:02जिन्होंने डट करके मिना परवा किये हुए
07:06और एक ऐसा अंदुलन जिसका एक्स्पिनेंस करने सब जा रहे थे
07:12बड़ी संख्या में लोग पहुँच रहे थे
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