Skip to playerSkip to main content
देश में NEET-UG पेपर लीक को लेकर मचे राष्ट्रव्यापी बवाल और छात्रों के लगातार जारी उग्र विरोध प्रदर्शनों के बीच एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, हफ़्तों से जारी भारी राजनीतिक और सामाजिक दबाव के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश कर दी है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर पर आप नेता संजय सिंह ने प्रतिक्रिया दी है। देखें उन्होंने क्या कहा।
#dharmendrapradhan #dharmendrapradhanresign #abhijeetdipke #cjp #cjpprotest #studentsprotest #sanjaysingh #sanjaysinghaap #neetpaperleak #modigovernment #pmmodi #news

📰 Breaking news. ⚡Live updates. 🔍 Trusted stories — all in one app. Download Asianet News App today 👇
🍎 iOS: https://apps.apple.com/in/app/asianet-news-official/id1093450032
🤖 Android: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.vserv.asianet&hl=en_IN

For the full story:

To get the latest news, subscribe to our channel-

Log In Website- https://hindi.asianetnews.com/

Follow Us On Twitter-https://twitter.com/AsianetNewsHN

Follow Us On Instagram- https://www.instagram.com/asianetnews_hindi

Follow Us On Facebook- https://www.facebook.com/AsianetnewsHindi/

Follow Us On Telegram- https://t.me/AsianetnewsHindi

Follow Us On Kooapp-https://www.kooapp.com/profile/asianetnewshindi

Category

🗞
News
Transcript
00:00देखे इस देश के करोनो युवाओं की ये बहुत बड़ी जीत है और एक लाइन है हम लोग अपने आंदोलन
00:09के दिनों में कहते रहे हैं कि जिस ओर जवानी चलती है उस ओर जमाना चलता है
00:14तो आज इस देश के करोनो युवाओं ने मजबूर किया कि जो सरकार कुम करन की नीन सो रही थी
00:21वो जागी और सिक्षा मंत्री का इस्तीफा हुआ युवाओं की मांग उनको माननी पड़ी अभी उनकी कुछ और डिमांड है
00:29जिसके लेके उनकी बाच्ची चल लई है
00:31तो मुझे लगता है कि ये एक बहुत बड़ी विजय है बारा साल में पहली बार सरकार के किसी मंत्री
00:38को इस्तीफा देना पड़ा है और इससे जवाब देही की परंपरा सुरू होगी
00:43जो भी गलती करेगा उसकी जवाब देही तेह होगी कीस बच्चों की मौत हो गई पेपर लीक के कारण ये
00:49बहुत बड़ी घटा है और इस पर कोई जवाब देही तेह नहों ये बिलकुल गलत होता तो इसलिए ये एक
00:57बड़ी जीत है इस देश के नौजवानों की
00:59दूसरी बात ये की जिस तरह से आंदोलन को कुचलने का प्रयास मोधी जी ने किया तो उसमें वो सफल
01:07नहीं हुए वो जितना नौजवानों से लड़ रहे थे नौजवान उनसे कई गुना ज़्यादा तेजी से लड़ रहा था पूरे
01:14देश में इसका विस्तार हो रहा था
01:16दूलन का तो उन्होंने समझ लिया कि अब शायद इसके लावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है मैं फिर से एक
01:23बार इस देश के करोनो युवाओं को नमन करता हूं सोनम वांचुक जी जिनोंने अंसन रखा इतने दिनों तक अब
01:31जीद दीप के और उनके सभी साथी और इस द
01:45जार तक आगे बढ़ेगी ऐसी मेरी ऐसी ऐसा मेरा मानना है और ऐसी मेरी उन्मीद है कि प्रधान मंतरी ये
01:55समझ गए कि गोदी मीडिया से अब काम नहीं चलेगा और आपने देखा होगा कि पहले आठ वजे शाम को
02:05वो प्रकट होते थे तो सारे टीवी चैनल लाइब करते �
02:08इस बार वो इस चक्कर में नहीं पड़े क्योंकि उन्होंने पता कर लिया कि अब तो कोई टीवी चैनल देखी
02:14नहीं रहा है इस आंदोलन की बड़ी विजय यह है कि अब लोगों ने टीवी चैनल देखना छोड़ दिया इंस्टा
02:21देख रहे हैं एक्स देख रहे हैं फेस्
02:37कि अपने पत्र में क्या लिखा उसके बारे में कोई टीपड़ी नहीं करना चाहता है मैं सिर्फ इतना कहना चाहता
02:47हूँ कि जवाब दे ही तो तैह होनी ही चाहिए और अगर 21 बच्चों ने अपनी जान दी है पेपर
02:55लीग के कारण तो इस देख का युवा जो मांग कर रहा
02:59था उसको सरकार ने मजबूरी में सही माना तो अभी एक बात ये तैह हो गई कि आप लाठी से
03:07नौजमानों से नहीं पड़ सकते और दूसरी बात ये भी कि जो ये कायर नेता हैं जो इनके आगे जुख
03:13जाते हैं EDCBI के डर से उनको उनके लिए भी एक सबक है कि यार छोटे
03:19चोटे बच्चों ने हरा दिया मोदी को तुम नतमस्तक हो जाते हो इस आदमी के आगे तुम एकदम कायरों की
03:26तरह घुटने टेक देते हो EDCBI का डर देखके तो ये बहुत ही आजीब बात है जो पॉलिटिकल पार्टी के
03:35लीडर्स इस तानसा के आगे जुखते हैं उनको भ
03:55अब ये कोई नहीं कह सकता कि अभी आंदोलन इसमें आगे बढ़ाएंगा देखे एक समवेदन सील राजनीतिक दल का काम
04:02क्या है कोई भी आंदोलन इस देश में जायज मांगों के लिए चल रहा है उसका समर्थन कीजिए
04:09किसानों ने आंदोलन किया उसका भी हमने समर्थन किया मैं सस्पेंड हुआ उसमें पार्लिमेंट था हमारी पूरी पार्टी ने सपोर्ट
04:16किया केजरिवाल साब मुख्यमंत्री थे हमने यहाँ पे गरिफतारी के लिए स्टेडियम नहीं दिया तो जो हम मुस्वक्त कर सकते
04:25थे हमने किसानों के साथ रह के किया और बाद में एक साल के आंदोलन के बाद सरकार को मजबूर
04:31होना पड़ा तीनों काला कानून वापस हुआ नौजवानों का अंदोलन चल रहा था इसमें एक संवेदंसी लाजनीतिक दल होने के
04:38नाते हमने उनका साथ दिया और एक कारकरता क
04:54तोड़ के हमने उनका साथ दिया, उनके अंदोलन में रहे.
Comments

Recommended