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Sonam Wangchuk Ends Fast: 26 दिनों की लंबी भूख हड़ताल के बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन, लेकिन क्या यह आंदोलन की समाप्ति है या नई शुरुआत? जानिए मेदांता अस्पताल से आई उस तस्वीर का पूरा सच और सरकार के रुख का विश्लेषण।

26 दिनों तक लगातार भूख हड़ताल, जंतर-मंतर से लेकर संसद तक छात्रों का हंगामा, दिल्ली हाईकोर्ट की सुनवाई और सफदरजंग से मेदांता अस्पताल तक का सफर... आखिरकार केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी में एक तस्वीर सामने आती है, जिसमें सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक जूस पीकर अपना अनशन समाप्त करते हैं।

इस विशेष रिपोर्ट में हम तीन भागों में इस पूरे घटनाक्रम का विश्लेषण करेंगे। क्या सोनम वांगचुक के इस कदम के बाद NEET पेपर लीक विवाद और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग ठंडे बस्ते में चली जाएगी? या फिर CJP का यह प्रदर्शन और उग्र रूप लेने वाला है?

इस वीडियो में समझिए कि क्या यह सरकार के कूटनीतिक रुख की जीत है या छात्रों और युवाओं के आंदोलन का एक नया मोड़। हम आपको बताएंगे कि पर्दे के पीछे की क्या कहानी रही और आगामी दिनों में भारतीय शिक्षा व्यवस्था और छात्र राजनीति पर इसका क्या प्रभाव पड़ने वाला है।

About the Story:

Activist Sonam Wangchuk has ended his 26-day indefinite hunger strike at Medanta Hospital following interventions by top Union Ministers. This special report analyzes the political and social impact of this development, exploring whether the student protest over examination irregularities and paper leak issues will cool down or enter a fresh phase of agitation.


#SonamWangchuk #HungerStrike #NEETPaperLeak

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Transcript
00:1426 दिन, 26 दिनों तक लगतार भूख हर्ताल, देश भर में छात्रों का बढ़ता गुस्सा, जुंतर मंतर से लेकर संसत
00:21तक हंगामा दिली हाई कोट की सुनवाई सबदर जंग अस्पताल, उसके बाद मेदानता में शिप्ट
00:27सरकार के दो वरिष्ट मंतरी और फिर देरात अचानक एक तस्वीर सामयादी है
00:31इस तस्वीर में सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांग्चुक जू स्पीकर अपना 26 दिन पुराना अंशन खत्म कर रहे है
00:39लेकिन इसके बाद एक सवाल गूंजने लगा है
00:41क्या सोनम वांग्चुक ने सरकार के सामने जुक कर अंशन तोड़ा
00:44क्या सरकार ने उनकी मांगे मान ली
00:46क्या शुक्षावंद्र धर्मिंद्र प्रधान का इस्तीफाब नहीं होगा
00:50क्या सीजेपी का आंदोलन खत्म हो गया है
00:53या अब और बड़ा होने वाला है
00:55सबसे एहम क्या ये सरकार की जीत है
00:58या छात्रों के आंदोलन की नहीं शुरुआत
01:01इन सभी सवालों के जवाब आज की इस विशेश रिपोर्ट में
01:04हम तीन भागों में जानेंगे
01:05नमस्कार मेरा नाम है रिचा पराशर और आप देख रहे हैं
01:08One India Hindi
01:17करीब चार हफ्तों तक देश की राजनीती और शिक्षा वैवस्था की केंद्र में रहे
01:22सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांग्चुक ने आखिरकार अपना 26 दिन पुराना आमरन अंशन समाप्त कर दिया
01:27गुरुग्राम के मेदानता अस्पताल में किंद्री स्वास्त मंतरी जेपी नडड़ा, किंद्री मंतरी डॉक्टर जीतेंद्र सिंग और लेह लद्दाख अपिक्स बॉड़ी
01:35के वरिष्ट नेताओं की मौझूदगी में वांग्चुक ने अपना उपवास तोड़ा
01:38इस पूरे घटना करम की जानकारे खुद सोनब वांग्चुक ने सोशल मीडिया प्लाटपॉम एक्स पर साजा करके दी
01:44उन्होंने लिखा कि 26 दिनों के लंबे उपवास के बाद उन्होंने ये फैसला काफी सोच विचार और लंबी बाच्वीत के
01:51बाद दिया है
01:51वांग्चुक के मताबिक देश में संभावित हिंसा की आशंका, लगतार बिगर्ती स्वास्ति स्थिति और सरकार की ओर से मिले लिखित
01:58आश्वासन को देखते हुए उन्होंने अपना अंशन समाप्त किया है
02:02उन्होंने देश भर के लोगों से अपील भी की है कि आंदोलन पुरीतर शांति पुर्ण रहे और किसी भी स्थिति
02:07में हिंसा का रास्ता ना अपनाया जाए
02:09अंशन खत्म करने के बाद जारी अपने वीडियो संदेश में सोनब वांग्चुक ने एक और बड़ा दावा किया
02:15उन्होंने कहा कि उन्होंने सरकार से लिखित आश्वासन लिया है
02:18वांग्चुक के मुताबिक सरकार ने भरोसा दिया है कि प्रत्योगी परिक्षाओं में लगतार सामने आ रहे पेपर लीग के मामलों
02:24को रोकने के लिए ठोस कदम उठाये जाएंगे
02:28साथ ही जिन जात्रों ने कथित पेपर लीग और परिक्षा विवादों के कारण खुद खुशी की है उनके परिवारों को
02:33उचित मुआवजा देने पर भी सरकार ने सकरात्म का आश्वासन दिया है
02:37हलाकि इस दोरान एक बात पर सभी की नजर गई
02:40सोनव वांग्चुक ने अपने बयान में शिक्षा मंतरी धर्मिंद्र प्रधान के स्तीफे की मांग का उलेख नहीं किया
02:45यही वो मांग थी जो पिछले कई सब्ता से बहीनों से इस आंदोलन का सबसे बड़ा राजणितिक मुद्दा बढ़ चुकी
02:51थी
02:51यही से नई राजणितिक बहस शुरू हो गई है कि सरकार ने आंदोलन को शांत करा दिया है या फिर
02:57ये किवल रणीती वदलने का फैसला है
03:00इधर वांग्चुक का अनुशन खत्म हुआ
03:02उधर को अकरोट जंता पार्टी यानि कि सीजेपी ने साफ कर दिया है कि उनका आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ
03:08है
03:08सीजेपी के संस्थापक अभिजवी दीपके ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्हें खुशी है कि सोनम वांग्चुक सुरक्षित हैं और
03:15उन्होंने अपना ववास समापित कर दिया है
03:17लेकिन उन्होंने ये भी साफ किया कि जंतर मंतर पर चल रहा आंदोलन जारी रहेगा
03:22उन्होंने कहा कि जब तक केंद्रिय शुक्षा मंति धर्मिंद पधान इस्तीफा नहीं देते तब तक आंदोलन पूरी तरशांतिक पुन्ट तरीके
03:29से चलता रहेगा
03:30यानि साफ है कि वांग्चुक ने अपना अंशन जरूर खत्म किया है लेकिन आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है
03:35अब ये आंदोलन केवल एक व्यक्ती नहीं बलकि देश भर के छात्रों और युवाओं का आंदोलन बन चुका है
03:42यही वज़ा है कि अब पूरे देश की नजर इस बात पटिकी है कि आने वाले दिनों में ये विरोध
03:47प्रदर्शन किस दिशा में आगे बढ़ता है
03:51लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती
03:54सुनम वांग्चुक के अंचरन खत्म करने के पीछे सिर्फ उनकी बिगर्टी सेहत की वज़े नहीं थी
03:58इसके पीछे पिछे कुछ दिनों में कुछ ऐसी घटनाए हुई जिनोंने पूरे आंदोलन की दिशा बदल दी
04:04दरसल भूख हर्ताल की 21 दिन दिल्ली पुलिस ने सुनम वांग्चुक को जंतरमंतर से हटा कर सब्दजंग अस्पताल में भरती
04:11कराया
04:11पुलिस का कहना था कि लगतार बिगर्टी सेहत को देखते हुए ये पैसला उनकी जान बचाने के लिए लिया गया
04:17लेकिन वांग्चुक और उनके समर्थकों ने इसे जबरन कारवाई बताया
04:21अस्पताल पहुँचने के बाद भी सोनम वांग्चुक ने अपना आंशन नहीं तोड़ा
04:25इसी दोरान उनकी पत्तनी गितांजली आंगमो दिल्ली हाई कोट पहुँची
04:30उन्होंने अदालत से मांग की कि वांग्चुक को उनकी पसंद के अस्पताल गुरुग्राम के मेदानता अस्पताल में शिफ्ट करने की
04:36अनुमती दी जाए
04:37हाई कोट में सुनवाई के दोरान मेडिकल रिपोर्ट पेश की गई
04:40डॉक्टरों ने बताया कि लगतार उपोस की वज़े से उनके शरीर में कई बायो केमिकल पैरामिटर प्रभावित हो चुके हैं
04:47पुटेशियम का स्तर सामाने से नीचे जा चुका था
04:50श्वेत रक्त कोशिकाओं की संख्या कम हो रही थी और संक्रमन का खत्रा भी बढ़ गया था
04:55अलाकि डॉक्टरों ने ये भी कहा कि उस समय उनकी जीवन रक्षव गतिविधिया स्थिर थी
04:59लेकिन लगतार निगरानी बहत जरूरी थी
05:02सभी पक्षों की दलीले सुनने के बाद दिल्ली हाई कोट ने सोनव वांक्चुक को मेदानता अस्पताल में स्थनांतरिंत करने की
05:09अनुमती दे दी
05:10अदालत ने निर्देश दिया कि सभी जंग अस्पताल की पूरी मेडिकल हिस्ट्री और रिपोर्ट तुरंत मेदानता के डॉक्टरों को बलब्ध
05:17कराई जाए ताकि इलाज में कोई बाधा ना आए
05:19दिल्चस्प बात ये रही कि केंद सरकार ने भी इस स्थनांतरन का विरोध नहीं किया
05:24इसके बाद सोना वांग्चुक को मेदानता अस्पताल शिप्ट कर दिया गया है जहां उनकी चिकित सिक्या निगरानी जारी रही
05:32सोना वांग्चुक ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में देश के अलग-अलग राजनितिक दलों के करीब
05:37पैसर्ट सांसर या तो उनसे मिलने पहुंचे या फिर उन्हें पत्र लिकर उनसे अंशन खत्म करने की या समात्र करने
05:44की अपील की
05:46वांग्चुक का कहना है कि उन्होंने केवल स्वास्त कारणों से नहीं बलकि व्यापक सामाजिक और राश्रितिक को ध्यान में रखते
05:52हुए ये फैसला दिया
05:53उन्दा कहना था कि अगर आंदोलन के कारण देश में कहीं भी इंसा होती है तो उससे मूल मुद्दा कमजोर
06:00पढ़ जाएगा
06:01यहीं से इस आंदोलन को लेकर अलग-अलग राश्रितिक व्याख्याएं शुरू हो गए
06:05कुछ लोगों ने इस सरकार और आंदोलन के वीच संबाद की सफलता बताया तो कुछ राजणितिक विशलेशकों ने सवाल उठाया
06:12कि क्या आंदोलन अपने सबसे बड़े राश्रितिक लक्ष से पीछे हट गया
06:16दिल्ले विश्व विध्याले के प्रफेसर और राजणितिक टिपनिकार अपुर्वानन्द ने सोचल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आंदोलन की
06:23जवाब देही सरकार से हट कर विपक्ष पर डाल दी गए
06:26उनके अनुसार अगर आंदोलन का उदेश सरकार से जवाब मांगना था तो विपक्षी नेताओं से आश्वासन मांगना उस मूल लक्ष
06:34को कमजोर करता है
06:36दूसरी और सोना वांग्ष की पतनी गितांजली आंगों ने भी उस समय विपक्ष के कुछ कदमों पर सवाल भाये थे
06:42उन्होंने कहा कि केवल प्रतिकात्मक राजनीती से समधान नहीं निखलेगा और जो भी राजनीतिक दल छात्रों के साथ खड़े होने
06:48का दावा करता है उसे जंतर मंतर पर मौजूद रहकर आंदोलन का समर्थन करना चाहिए
06:55इन बयानों के बाद सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ गई
06:58कुछ लोगों ने इसे विपक्ष पर अनावश्यक हमला बताया जबकि कुछ ने कहा कि वांग्चु किसी राजनीतिक दल से नहीं
07:04बलकि छात्रों के आंदोलन का समर्थन कर रहे है
07:07यानि अब ये आंदोलन केवल सरकार बना मिपक्ष की लड़ाई नहीं रह गया था
07:11इसकी केंदर में देश की परिक्षा प्रणाली युवाओं का भरोसा और शुक्षा ववस्था की जवाब देही का सवाल आ चुका
07:18था
07:18और इसे वजह से सोनम वांग्चु का अंशन खत्म होने के बावजूद ये मुद्दा राजुनितिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर
07:26पहले से ज्यादा बढ़ता दिखाई दिया
07:31सोनम वांग्चु के अंशन और चात्रों के अंधुलन का असर केवल सडकों तक सिमित नहीं रहा इसका प्रभाव सत्ता पक्ष
07:39के भीतर भी दिखाई दिया
07:40पहली बार भारतिय चंता पार्टी के कुछ वरिष्ट नेता उन्हें भी चात्रों के साथ हुए वैभार और शिक्षाय ववस्था को
07:47लेकर सारवजनिक रूप से चिंता जताई
07:49सबसे पहले पूर्व केंद्रिय शिक्षा मंत्री और बीजेपी के वरिष्ट नेता डॉक्टर मुरली मनोहर जोशी ने सोशल मीडिया पर एक
07:56भावुक संदेश लिखा
07:57उन्होंने कहा कि चात्रों के चिंताएं पूरी तिरह वास्तविक हैं और उनका सामाधान सवेदिंशील्था के साथ किया जाना चाहिए
08:05उन्होंने ये भी कहा कि इस पूरे मुद्दे को केवल कानून व्यवस्था की समस्या मान कर नहीं देखा जाना चाहिए
08:13जोशी ने विशेश रूप से छात्राओं पर पुलिस कारवाई का जिक्र करते हुए कहा कि महीलाओं के साथ वलप्रयोग की
08:19तस्वीरे देखकर उन्हें गहरा दुख हुआ
08:21उनका ये बयान इसलिए भी महतोपूर्ण माना गया क्योंकि वो लंबे समय तक देश के शिक्षा मंतरी रह चुके हैं
08:27और शिक्षा व्यवस्था को लेकर उनकी राय को गंभीता से देखा जाता है
08:31इसके बाद बीजेपी सांसाद निश्रीकांत दूबे ने भी पेपर लीक मामले में प्रिशास्रीक स्तर पर लापरवाही क्योर इशारा किया
08:38उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में उदान सींता बढ़ती गई और सरकार ने इसी कारण शिक्षा मंतराले में बड़े
08:45प्रिशास्रीक बदलाव किये
08:48इसे बीच प्रधान मंतरी नरेंद्र मोधी ने भी पहली बार सारवजनिक रूप से नीट पेपर लीक मुद्धे पर विस्तार से
08:54अपनी बात रखी
08:55प्रधान मंतरी ने इसे छात्रों के भविश्य के साथ खिलवार बताते हुए का कि सरकार इस तरह की घटनाओं को
09:01किसी भी कीमत पर बरदाश नहीं करेगी
09:03प्रधान मंतरी ने जानकारी दी कि मामले में कई आरोपियों को गिरफतार किया जा चुका है
09:08तो बारा परिक्षा कराई गई परेणाम घोशित किये गए और अब सरकार इससे भी आगे बढ़कर कानूनी धांचे को मजबूत
09:15करने की तयारी कर रही है
09:17प्रधान मंतरी के अनुसार सरकार ने एक ऐसे विधेयक का मसौदा तयार किया है जिसमें पेपर लीक अमामलों के लिए
09:23पास्ट्रेक अदालतों, समयवाध सुनवाई और दोशियों के खिलाफ वकड़ी सजा का प्रावधार नुका
09:30उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव पर केंद्रिय मंतरी मंडल में चर्चा होगी और संसद में इसे जल्द पेश करने का
09:36प्रयास किया जाएगा
09:37यानि सरकार ने साफ संकेत दिया कि वो इस मुद्डे को केवल प्रशासनी कारवाई तक सिमित नहीं रखना चाहती बलकि
09:43कानूनी इस तर पर भी बड़े बदलाव करना चाहती है
09:46उधर शुक्षय मंतराले में भी बड़े फेर बदल देखने को मिले
09:49आपको बता दे कि उच्चो शिक्षा विभाग और स्कूली शिक्षा विभाग के सचीवों में बदलाव किया गया
09:55राश्ट्य परिक्षा एजंसी यानि कि NTA में भी नेत्रतु परिवर्तन पहले ही किया जा चुका था
10:00इसके लावा सिब्यसी से जुड़े कुछ वरिष्ट अधिकारियों का भी तबादला हुआ
10:04राश्ट्य परिष्टिक में श्रीशकों का मानना है कि इन फ्यासलों के जरिये सरकार ये संदेश देना चाहती है
10:09कि परिक्षर प्रणाली में हुई गड़बडियों को गंभीरता से लिया जा रहा है और जवाब देही तय की जा रही
10:15है
10:16हाला कि आंदोलन चरा रहे छादर संगठनों और विपक्ष का तर्क कुछ अलग है
10:20उनका कहना है कि येवल अधिकारियों का तबादला परियाप्त नहीं है
10:24अगर इतनी बड़ी चूक हुई है तो राज़नितिक जवाब देही भी तय होनी चाहिए
10:29इसी वजह से केंद्रिय शुक्षा मंद्री धर्मेंदर प्रधान के स्तीफे की मांग अब भी जारी है
10:51इसमें लाखो चात्र, अभिवाव, क्युशिक्षग, सामाजी कारे करता और अलग-अलग राज़नितिक दल शामिल होते गए
10:57कौकरोजिंतर पाटी यानिकी सीजेपी ने भी साफ कर दिया है कि आंदोलन जारी रहेगा
11:01संगठन ने देश भर में शांतिपुन प्रदर्शन जारी रखने का आवाहन किया है
11:05और कहा है कि उनकी मूल मांगे अब भी वही हैं परिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, पेपर लिग के दोशियों
11:11के खिलाफ सक्त कारवाई और जवाब देही तय करना
11:14दूसरी और विशिशग्यों का मानना है कि सोनम बांग्चों का अंशन फत्म होना आंदोलन की समाप्ती नहीं वलकि रणनीती में
11:20बदलाव है
11:22उनका तर्क है कि यदे आंदोलन पूरी तरह शांतेपुन और संगठित तरीके से आगे बढ़ता है
11:27तो उसकी राजनितिक और सामाजिक स्विकारता और बढ़ सकती है
11:30तो अब नजरे संसद के मौनसूल सत्र पर टिक गई है
11:33क्या सरकार इसके विरोध में नया कानून लाएगी
11:36क्या विपक्ष इस मुद्दे को लगातार उठाता रहेगा
11:39क्या धर्मेंद्र प्रधान के स्टीफे की मांग और तेज होगी
11:42या फिर सरकार अपने प्रशासनिक और कानूनी कदमों के जरिए
11:46इस विवाद को शांत करने में सफल रहेगा
11:48इन सभी सवालों के जवाब आने वाले दिनों में मिलेंगे
11:52लेकिन एक बात तो साथ है
11:53सुनम वांग्चुक ने भले ही अपना 26 दिन पुराना अनुशन समाप्त कर दिया हो
11:57लेकिन पेपर लिख परिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता युवाओं के भविश्य की सुरक्षा और जवाब देही का मुद्दा भी खत्म नहीं
12:04हुआ है
12:04यह आंदोलन अब केवल एक व्यक्ति का नहीं बलकि उन लाखो युवाओं की आवाज बन चुका है
12:10जुनिश्पक्ष परिक्षा व्यवस्था परदर्शि भरति प्रक्रिया और अपने भविश्य की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं
12:16और यही कारण है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद से लेकर सड़क भारतिय राजडिती और शिक्षा व्यवस्था
12:24के केंदर में बना रहे सकता है
12:26तो जो लोग सोच रहे थे कि सोनम बांग्चु के इस हंगर स्ट्राइग को खत्म कर देने के बाद आंदूलन
12:32अगर शान पड़ रहा है
12:33तो उनके लिए ही यह विश्यरिश रुपोर्ट थे
12:36बाकि इस विडियो को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाईए ताकि सबको आगे क्या हो सकता है
12:40इसके महत्पर क्या है इसका मतलब क्या है सब कुर समझ में आ सके
12:43और ऐसी और खबरों के लिए देखते रही है One India है
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