00:1426 दिन, 26 दिनों तक लगतार भूख हर्ताल, देश भर में छात्रों का बढ़ता गुस्सा, जुंतर मंतर से लेकर संसत
00:21तक हंगामा दिली हाई कोट की सुनवाई सबदर जंग अस्पताल, उसके बाद मेदानता में शिप्ट
00:27सरकार के दो वरिष्ट मंतरी और फिर देरात अचानक एक तस्वीर सामयादी है
00:31इस तस्वीर में सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांग्चुक जू स्पीकर अपना 26 दिन पुराना अंशन खत्म कर रहे है
00:39लेकिन इसके बाद एक सवाल गूंजने लगा है
00:41क्या सोनम वांग्चुक ने सरकार के सामने जुक कर अंशन तोड़ा
00:44क्या सरकार ने उनकी मांगे मान ली
00:46क्या शुक्षावंद्र धर्मिंद्र प्रधान का इस्तीफाब नहीं होगा
00:50क्या सीजेपी का आंदोलन खत्म हो गया है
00:53या अब और बड़ा होने वाला है
00:55सबसे एहम क्या ये सरकार की जीत है
00:58या छात्रों के आंदोलन की नहीं शुरुआत
01:01इन सभी सवालों के जवाब आज की इस विशेश रिपोर्ट में
01:04हम तीन भागों में जानेंगे
01:05नमस्कार मेरा नाम है रिचा पराशर और आप देख रहे हैं
01:08One India Hindi
01:17करीब चार हफ्तों तक देश की राजनीती और शिक्षा वैवस्था की केंद्र में रहे
01:22सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांग्चुक ने आखिरकार अपना 26 दिन पुराना आमरन अंशन समाप्त कर दिया
01:27गुरुग्राम के मेदानता अस्पताल में किंद्री स्वास्त मंतरी जेपी नडड़ा, किंद्री मंतरी डॉक्टर जीतेंद्र सिंग और लेह लद्दाख अपिक्स बॉड़ी
01:35के वरिष्ट नेताओं की मौझूदगी में वांग्चुक ने अपना उपवास तोड़ा
01:38इस पूरे घटना करम की जानकारे खुद सोनब वांग्चुक ने सोशल मीडिया प्लाटपॉम एक्स पर साजा करके दी
01:44उन्होंने लिखा कि 26 दिनों के लंबे उपवास के बाद उन्होंने ये फैसला काफी सोच विचार और लंबी बाच्वीत के
01:51बाद दिया है
01:51वांग्चुक के मताबिक देश में संभावित हिंसा की आशंका, लगतार बिगर्ती स्वास्ति स्थिति और सरकार की ओर से मिले लिखित
01:58आश्वासन को देखते हुए उन्होंने अपना अंशन समाप्त किया है
02:02उन्होंने देश भर के लोगों से अपील भी की है कि आंदोलन पुरीतर शांति पुर्ण रहे और किसी भी स्थिति
02:07में हिंसा का रास्ता ना अपनाया जाए
02:09अंशन खत्म करने के बाद जारी अपने वीडियो संदेश में सोनब वांग्चुक ने एक और बड़ा दावा किया
02:15उन्होंने कहा कि उन्होंने सरकार से लिखित आश्वासन लिया है
02:18वांग्चुक के मुताबिक सरकार ने भरोसा दिया है कि प्रत्योगी परिक्षाओं में लगतार सामने आ रहे पेपर लीग के मामलों
02:24को रोकने के लिए ठोस कदम उठाये जाएंगे
02:28साथ ही जिन जात्रों ने कथित पेपर लीग और परिक्षा विवादों के कारण खुद खुशी की है उनके परिवारों को
02:33उचित मुआवजा देने पर भी सरकार ने सकरात्म का आश्वासन दिया है
02:37हलाकि इस दोरान एक बात पर सभी की नजर गई
02:40सोनव वांग्चुक ने अपने बयान में शिक्षा मंतरी धर्मिंद्र प्रधान के स्तीफे की मांग का उलेख नहीं किया
02:45यही वो मांग थी जो पिछले कई सब्ता से बहीनों से इस आंदोलन का सबसे बड़ा राजणितिक मुद्दा बढ़ चुकी
02:51थी
02:51यही से नई राजणितिक बहस शुरू हो गई है कि सरकार ने आंदोलन को शांत करा दिया है या फिर
02:57ये किवल रणीती वदलने का फैसला है
03:00इधर वांग्चुक का अनुशन खत्म हुआ
03:02उधर को अकरोट जंता पार्टी यानि कि सीजेपी ने साफ कर दिया है कि उनका आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ
03:08है
03:08सीजेपी के संस्थापक अभिजवी दीपके ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्हें खुशी है कि सोनम वांग्चुक सुरक्षित हैं और
03:15उन्होंने अपना ववास समापित कर दिया है
03:17लेकिन उन्होंने ये भी साफ किया कि जंतर मंतर पर चल रहा आंदोलन जारी रहेगा
03:22उन्होंने कहा कि जब तक केंद्रिय शुक्षा मंति धर्मिंद पधान इस्तीफा नहीं देते तब तक आंदोलन पूरी तरशांतिक पुन्ट तरीके
03:29से चलता रहेगा
03:30यानि साफ है कि वांग्चुक ने अपना अंशन जरूर खत्म किया है लेकिन आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है
03:35अब ये आंदोलन केवल एक व्यक्ती नहीं बलकि देश भर के छात्रों और युवाओं का आंदोलन बन चुका है
03:42यही वज़ा है कि अब पूरे देश की नजर इस बात पटिकी है कि आने वाले दिनों में ये विरोध
03:47प्रदर्शन किस दिशा में आगे बढ़ता है
03:51लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती
03:54सुनम वांग्चुक के अंचरन खत्म करने के पीछे सिर्फ उनकी बिगर्टी सेहत की वज़े नहीं थी
03:58इसके पीछे पिछे कुछ दिनों में कुछ ऐसी घटनाए हुई जिनोंने पूरे आंदोलन की दिशा बदल दी
04:04दरसल भूख हर्ताल की 21 दिन दिल्ली पुलिस ने सुनम वांग्चुक को जंतरमंतर से हटा कर सब्दजंग अस्पताल में भरती
04:11कराया
04:11पुलिस का कहना था कि लगतार बिगर्टी सेहत को देखते हुए ये पैसला उनकी जान बचाने के लिए लिया गया
04:17लेकिन वांग्चुक और उनके समर्थकों ने इसे जबरन कारवाई बताया
04:21अस्पताल पहुँचने के बाद भी सोनम वांग्चुक ने अपना आंशन नहीं तोड़ा
04:25इसी दोरान उनकी पत्तनी गितांजली आंगमो दिल्ली हाई कोट पहुँची
04:30उन्होंने अदालत से मांग की कि वांग्चुक को उनकी पसंद के अस्पताल गुरुग्राम के मेदानता अस्पताल में शिफ्ट करने की
04:36अनुमती दी जाए
04:37हाई कोट में सुनवाई के दोरान मेडिकल रिपोर्ट पेश की गई
04:40डॉक्टरों ने बताया कि लगतार उपोस की वज़े से उनके शरीर में कई बायो केमिकल पैरामिटर प्रभावित हो चुके हैं
04:47पुटेशियम का स्तर सामाने से नीचे जा चुका था
04:50श्वेत रक्त कोशिकाओं की संख्या कम हो रही थी और संक्रमन का खत्रा भी बढ़ गया था
04:55अलाकि डॉक्टरों ने ये भी कहा कि उस समय उनकी जीवन रक्षव गतिविधिया स्थिर थी
04:59लेकिन लगतार निगरानी बहत जरूरी थी
05:02सभी पक्षों की दलीले सुनने के बाद दिल्ली हाई कोट ने सोनव वांक्चुक को मेदानता अस्पताल में स्थनांतरिंत करने की
05:09अनुमती दे दी
05:10अदालत ने निर्देश दिया कि सभी जंग अस्पताल की पूरी मेडिकल हिस्ट्री और रिपोर्ट तुरंत मेदानता के डॉक्टरों को बलब्ध
05:17कराई जाए ताकि इलाज में कोई बाधा ना आए
05:19दिल्चस्प बात ये रही कि केंद सरकार ने भी इस स्थनांतरन का विरोध नहीं किया
05:24इसके बाद सोना वांग्चुक को मेदानता अस्पताल शिप्ट कर दिया गया है जहां उनकी चिकित सिक्या निगरानी जारी रही
05:32सोना वांग्चुक ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में देश के अलग-अलग राजनितिक दलों के करीब
05:37पैसर्ट सांसर या तो उनसे मिलने पहुंचे या फिर उन्हें पत्र लिकर उनसे अंशन खत्म करने की या समात्र करने
05:44की अपील की
05:46वांग्चुक का कहना है कि उन्होंने केवल स्वास्त कारणों से नहीं बलकि व्यापक सामाजिक और राश्रितिक को ध्यान में रखते
05:52हुए ये फैसला दिया
05:53उन्दा कहना था कि अगर आंदोलन के कारण देश में कहीं भी इंसा होती है तो उससे मूल मुद्दा कमजोर
06:00पढ़ जाएगा
06:01यहीं से इस आंदोलन को लेकर अलग-अलग राश्रितिक व्याख्याएं शुरू हो गए
06:05कुछ लोगों ने इस सरकार और आंदोलन के वीच संबाद की सफलता बताया तो कुछ राजणितिक विशलेशकों ने सवाल उठाया
06:12कि क्या आंदोलन अपने सबसे बड़े राश्रितिक लक्ष से पीछे हट गया
06:16दिल्ले विश्व विध्याले के प्रफेसर और राजणितिक टिपनिकार अपुर्वानन्द ने सोचल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आंदोलन की
06:23जवाब देही सरकार से हट कर विपक्ष पर डाल दी गए
06:26उनके अनुसार अगर आंदोलन का उदेश सरकार से जवाब मांगना था तो विपक्षी नेताओं से आश्वासन मांगना उस मूल लक्ष
06:34को कमजोर करता है
06:36दूसरी और सोना वांग्ष की पतनी गितांजली आंगों ने भी उस समय विपक्ष के कुछ कदमों पर सवाल भाये थे
06:42उन्होंने कहा कि केवल प्रतिकात्मक राजनीती से समधान नहीं निखलेगा और जो भी राजनीतिक दल छात्रों के साथ खड़े होने
06:48का दावा करता है उसे जंतर मंतर पर मौजूद रहकर आंदोलन का समर्थन करना चाहिए
06:55इन बयानों के बाद सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ गई
06:58कुछ लोगों ने इसे विपक्ष पर अनावश्यक हमला बताया जबकि कुछ ने कहा कि वांग्चु किसी राजनीतिक दल से नहीं
07:04बलकि छात्रों के आंदोलन का समर्थन कर रहे है
07:07यानि अब ये आंदोलन केवल सरकार बना मिपक्ष की लड़ाई नहीं रह गया था
07:11इसकी केंदर में देश की परिक्षा प्रणाली युवाओं का भरोसा और शुक्षा ववस्था की जवाब देही का सवाल आ चुका
07:18था
07:18और इसे वजह से सोनम वांग्चु का अंशन खत्म होने के बावजूद ये मुद्दा राजुनितिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर
07:26पहले से ज्यादा बढ़ता दिखाई दिया
07:31सोनम वांग्चु के अंशन और चात्रों के अंधुलन का असर केवल सडकों तक सिमित नहीं रहा इसका प्रभाव सत्ता पक्ष
07:39के भीतर भी दिखाई दिया
07:40पहली बार भारतिय चंता पार्टी के कुछ वरिष्ट नेता उन्हें भी चात्रों के साथ हुए वैभार और शिक्षाय ववस्था को
07:47लेकर सारवजनिक रूप से चिंता जताई
07:49सबसे पहले पूर्व केंद्रिय शिक्षा मंत्री और बीजेपी के वरिष्ट नेता डॉक्टर मुरली मनोहर जोशी ने सोशल मीडिया पर एक
07:56भावुक संदेश लिखा
07:57उन्होंने कहा कि चात्रों के चिंताएं पूरी तिरह वास्तविक हैं और उनका सामाधान सवेदिंशील्था के साथ किया जाना चाहिए
08:05उन्होंने ये भी कहा कि इस पूरे मुद्दे को केवल कानून व्यवस्था की समस्या मान कर नहीं देखा जाना चाहिए
08:13जोशी ने विशेश रूप से छात्राओं पर पुलिस कारवाई का जिक्र करते हुए कहा कि महीलाओं के साथ वलप्रयोग की
08:19तस्वीरे देखकर उन्हें गहरा दुख हुआ
08:21उनका ये बयान इसलिए भी महतोपूर्ण माना गया क्योंकि वो लंबे समय तक देश के शिक्षा मंतरी रह चुके हैं
08:27और शिक्षा व्यवस्था को लेकर उनकी राय को गंभीता से देखा जाता है
08:31इसके बाद बीजेपी सांसाद निश्रीकांत दूबे ने भी पेपर लीक मामले में प्रिशास्रीक स्तर पर लापरवाही क्योर इशारा किया
08:38उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में उदान सींता बढ़ती गई और सरकार ने इसी कारण शिक्षा मंतराले में बड़े
08:45प्रिशास्रीक बदलाव किये
08:48इसे बीच प्रधान मंतरी नरेंद्र मोधी ने भी पहली बार सारवजनिक रूप से नीट पेपर लीक मुद्धे पर विस्तार से
08:54अपनी बात रखी
08:55प्रधान मंतरी ने इसे छात्रों के भविश्य के साथ खिलवार बताते हुए का कि सरकार इस तरह की घटनाओं को
09:01किसी भी कीमत पर बरदाश नहीं करेगी
09:03प्रधान मंतरी ने जानकारी दी कि मामले में कई आरोपियों को गिरफतार किया जा चुका है
09:08तो बारा परिक्षा कराई गई परेणाम घोशित किये गए और अब सरकार इससे भी आगे बढ़कर कानूनी धांचे को मजबूत
09:15करने की तयारी कर रही है
09:17प्रधान मंतरी के अनुसार सरकार ने एक ऐसे विधेयक का मसौदा तयार किया है जिसमें पेपर लीक अमामलों के लिए
09:23पास्ट्रेक अदालतों, समयवाध सुनवाई और दोशियों के खिलाफ वकड़ी सजा का प्रावधार नुका
09:30उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव पर केंद्रिय मंतरी मंडल में चर्चा होगी और संसद में इसे जल्द पेश करने का
09:36प्रयास किया जाएगा
09:37यानि सरकार ने साफ संकेत दिया कि वो इस मुद्डे को केवल प्रशासनी कारवाई तक सिमित नहीं रखना चाहती बलकि
09:43कानूनी इस तर पर भी बड़े बदलाव करना चाहती है
09:46उधर शुक्षय मंतराले में भी बड़े फेर बदल देखने को मिले
09:49आपको बता दे कि उच्चो शिक्षा विभाग और स्कूली शिक्षा विभाग के सचीवों में बदलाव किया गया
09:55राश्ट्य परिक्षा एजंसी यानि कि NTA में भी नेत्रतु परिवर्तन पहले ही किया जा चुका था
10:00इसके लावा सिब्यसी से जुड़े कुछ वरिष्ट अधिकारियों का भी तबादला हुआ
10:04राश्ट्य परिष्टिक में श्रीशकों का मानना है कि इन फ्यासलों के जरिये सरकार ये संदेश देना चाहती है
10:09कि परिक्षर प्रणाली में हुई गड़बडियों को गंभीरता से लिया जा रहा है और जवाब देही तय की जा रही
10:15है
10:16हाला कि आंदोलन चरा रहे छादर संगठनों और विपक्ष का तर्क कुछ अलग है
10:20उनका कहना है कि येवल अधिकारियों का तबादला परियाप्त नहीं है
10:24अगर इतनी बड़ी चूक हुई है तो राज़नितिक जवाब देही भी तय होनी चाहिए
10:29इसी वजह से केंद्रिय शुक्षा मंद्री धर्मेंदर प्रधान के स्तीफे की मांग अब भी जारी है
10:51इसमें लाखो चात्र, अभिवाव, क्युशिक्षग, सामाजी कारे करता और अलग-अलग राज़नितिक दल शामिल होते गए
10:57कौकरोजिंतर पाटी यानिकी सीजेपी ने भी साफ कर दिया है कि आंदोलन जारी रहेगा
11:01संगठन ने देश भर में शांतिपुन प्रदर्शन जारी रखने का आवाहन किया है
11:05और कहा है कि उनकी मूल मांगे अब भी वही हैं परिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, पेपर लिग के दोशियों
11:11के खिलाफ सक्त कारवाई और जवाब देही तय करना
11:14दूसरी और विशिशग्यों का मानना है कि सोनम बांग्चों का अंशन फत्म होना आंदोलन की समाप्ती नहीं वलकि रणनीती में
11:20बदलाव है
11:22उनका तर्क है कि यदे आंदोलन पूरी तरह शांतेपुन और संगठित तरीके से आगे बढ़ता है
11:27तो उसकी राजनितिक और सामाजिक स्विकारता और बढ़ सकती है
11:30तो अब नजरे संसद के मौनसूल सत्र पर टिक गई है
11:33क्या सरकार इसके विरोध में नया कानून लाएगी
11:36क्या विपक्ष इस मुद्दे को लगातार उठाता रहेगा
11:39क्या धर्मेंद्र प्रधान के स्टीफे की मांग और तेज होगी
11:42या फिर सरकार अपने प्रशासनिक और कानूनी कदमों के जरिए
11:46इस विवाद को शांत करने में सफल रहेगा
11:48इन सभी सवालों के जवाब आने वाले दिनों में मिलेंगे
11:52लेकिन एक बात तो साथ है
11:53सुनम वांग्चुक ने भले ही अपना 26 दिन पुराना अनुशन समाप्त कर दिया हो
11:57लेकिन पेपर लिख परिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता युवाओं के भविश्य की सुरक्षा और जवाब देही का मुद्दा भी खत्म नहीं
12:04हुआ है
12:04यह आंदोलन अब केवल एक व्यक्ति का नहीं बलकि उन लाखो युवाओं की आवाज बन चुका है
12:10जुनिश्पक्ष परिक्षा व्यवस्था परदर्शि भरति प्रक्रिया और अपने भविश्य की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं
12:16और यही कारण है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद से लेकर सड़क भारतिय राजडिती और शिक्षा व्यवस्था
12:24के केंदर में बना रहे सकता है
12:26तो जो लोग सोच रहे थे कि सोनम बांग्चु के इस हंगर स्ट्राइग को खत्म कर देने के बाद आंदूलन
12:32अगर शान पड़ रहा है
12:33तो उनके लिए ही यह विश्यरिश रुपोर्ट थे
12:36बाकि इस विडियो को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाईए ताकि सबको आगे क्या हो सकता है
12:40इसके महत्पर क्या है इसका मतलब क्या है सब कुर समझ में आ सके
12:43और ऐसी और खबरों के लिए देखते रही है One India है
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