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Saudi Nuclear Deal: Trump ने रखी कड़ी शर्त! क्या Israel से दोस्ती करेगा Saudi Arabia? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब के साथ प्रस्तावित सिविल न्यूक्लियर डील पर बड़ा बयान देते हुए इज़राइल के साथ रिश्ते सामान्य करने की शर्त रख दी है।

मध्य पूर्व (Middle East) की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने सऊदी अरब (Saudi Arabia) को प्रस्तावित असैन्य परमाणु समझौते (Civil Nuclear Deal) को लेकर सख्त चेतावनी दी है। ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अमेरिका सऊदी अरब को शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम विकसित करने में मदद करने के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए रियाद को सबसे पहले इज़राइल (Israel) के साथ संबंध सामान्य करते हुए अब्राहम अकॉर्ड्स (Abraham Accords) का हिस्सा बनना होगा।

ट्रंप ने अपने बयान में अमेरिका की "रेड लाइन" भी खींच दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित समझौता केवल बिजली उत्पादन और ऊर्जा जरूरतों के लिए सिविल न्यूक्लियर सुविधाओं तक सीमित रहेगा। सऊदी अरब को किसी भी हाल में यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) की अनुमति नहीं दी जाएगी। परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से अमेरिकी निगरानी और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगा।

अगर सऊदी अरब अमेरिका की इस राजनीतिक शर्त को स्वीकार करता है, तो यह मध्य पूर्व की सुरक्षा और कूटनीति में ऐतिहासिक मोड़ साबित हो सकता है। हालांकि, यदि रियाद इस शर्त को खारिज करता है, तो प्रस्तावित न्यूक्लियर डील ठंडे बस्ते में जा सकती है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सऊदी क्राउन प्रिंस इस नए अमेरिकी प्रस्ताव पर क्या कदम उठाते हैं।


US President Donald Trump has linked Saudi Arabia's proposed civil nuclear deal to the normalization of ties with Israel through the Abraham Accords. Setting a strict red line, Trump clarified that Saudi Arabia will not be allowed uranium enrichment capabilities, making the nuclear agreement contingent upon recognizing Israel.


#Trump #SaudiArabia #Israel #AbrahamAccords

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00:08मध्यपूर्व की राजनीती में एक बर फिर बड़ा मोड आता दिखाए दे रहा है।
00:12अमेरिका की राष्ट्रपती डॉनल्ड ट्रंप ने साउधी अरब के साथ प्रस्तावित सिविल न्यूक्लियर डील को ले कर बड़ा बयान दिया
00:19है।
00:19ट्रंप ने साफ कहा है कि अमेरिका साउधी अरब को शांतिपूर्ण उद्देशों के लिए परमाणू उर्जा कारेकरम विक्सित करने में
00:27सहयोग देने के लिए तयार है।
00:28लेकिन इसके साथ एक स्पष्ट और महत्वपूर्ण शर्त जुड़ी होगी।
00:32ये शर्त है कि साउधी अरब पहले इसराइल की साथ संबंध सामान्य करते हुए अबराहम अकॉर्ड में शामिल हो।
00:39आखिर ट्रंप ने क्या कहा अबराहम अकॉर्ड क्या है और इस बयान की क्या रणनीतिक माइने हैं आईए जानते हैं
00:46इस रिपोर्ट में।
00:47अमेरिकी राष्ट्रपती डॉनल्ड ट्रंप ने साउधी अरब के साथ प्रस्तावित सिविल न्यूक्लियर समझोते को लेकर बड़ा संकेत दिया है।
00:54ट्रंप ने कहा कि अमेरिका साउधी अरब को शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए पर्मानू उर्जा कारिक्रम विक्सित करने में सहयोग देने
01:01के लिए तैयार है।
01:02लेकिन इसके साथ एक स्पष्ट और महत्वपूर्ण शर्ट जुड़ी होगी।
01:06ट्रंप के मुताबिक साउधी अरब को सबसे पहले अबराहम अकॉर्ड में शामिल होकर इस्राइल के साथ अपने संबंथ सामान्य करने
01:13होंगे।
01:14उनका कहना है कि जब तक साउधी अरब इस समझोते का हिस्सा नहीं बनता, तब तक अमेरिका और साउधी अरब
01:20के बीच प्रस्तावित परमानू समझोते को अंतिम मन्जूरी नहीं दी जाएगी।
01:24ट्रम्प ने अपने बयान में ये भी स्पेष्ट किया कि प्रस्तावित समझोता केवल शांति पूर्ण और असैन्य उद्देश्यों के लिए
01:31होगा।
01:31उन्होंने कहा कि अमेरिका साउधी अरब को बिजली उत्पादन और उर्जा जरूरतों के लिए सिविल न्यूकलियर सुविधाएं विक्सित करने में
01:38सही होग दे सकता है, लेकिन उसे किसी भी स्थिती में यूरेनियम संबर्धन यानि एन्रिच्मेंट की अनुमती नहीं �
01:50दी जाएगी और ये अमेरिका की स्पष्ट रेड लाइन है। ट्रम्प का कहना है कि पर्मानु कारिक्रम पूरी तरह अमेरिकी
01:57निग्रानी और अंतराष्ट्रिय सुरक्षा मानकों के अनुरूप होना चाहिए। अपने बयान में ट्रम्प ने संयुक्त अरब अमीरात यान
02:16पर्मानु सामगरी तयार करने की क्षमताविक्सित हो। हाला कि ट्रम्प के बयान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा राजनीतिक शर्थ को ले
02:24कर रहा। उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका और साओधी अरब के बीच रणनीतिक सहयोग तथा पर्मानु समझोते का भविश्य अ�
02:43आपचारिक राजनाइक संबंध स्थापित किये थे। अब तक संयुक्त अरब अमीरात, बहरेन, मोरक्को और सूडान इस पहल का हिस्सा बन
02:51चुके हैं। लंबे समय से साओधी अरब को इस समझोते का सबसे महत्वपूर्ण संभावित सदस्य माना जाता रहा है लेकिन
02:58अ�
03:30अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि साओधी अरब इस प्रस्ताव और इस से जुड़ी राजनीतिक शर्त
03:36पर क्या फैसला लेता है।
03:49अपस्थरा लेता हैं।
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