00:08मध्यपूर्व की राजनीती में एक बर फिर बड़ा मोड आता दिखाए दे रहा है।
00:12अमेरिका की राष्ट्रपती डॉनल्ड ट्रंप ने साउधी अरब के साथ प्रस्तावित सिविल न्यूक्लियर डील को ले कर बड़ा बयान दिया
00:19है।
00:19ट्रंप ने साफ कहा है कि अमेरिका साउधी अरब को शांतिपूर्ण उद्देशों के लिए परमाणू उर्जा कारेकरम विक्सित करने में
00:27सहयोग देने के लिए तयार है।
00:28लेकिन इसके साथ एक स्पष्ट और महत्वपूर्ण शर्त जुड़ी होगी।
00:32ये शर्त है कि साउधी अरब पहले इसराइल की साथ संबंध सामान्य करते हुए अबराहम अकॉर्ड में शामिल हो।
00:39आखिर ट्रंप ने क्या कहा अबराहम अकॉर्ड क्या है और इस बयान की क्या रणनीतिक माइने हैं आईए जानते हैं
00:46इस रिपोर्ट में।
00:47अमेरिकी राष्ट्रपती डॉनल्ड ट्रंप ने साउधी अरब के साथ प्रस्तावित सिविल न्यूक्लियर समझोते को लेकर बड़ा संकेत दिया है।
00:54ट्रंप ने कहा कि अमेरिका साउधी अरब को शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए पर्मानू उर्जा कारिक्रम विक्सित करने में सहयोग देने
01:01के लिए तैयार है।
01:02लेकिन इसके साथ एक स्पष्ट और महत्वपूर्ण शर्ट जुड़ी होगी।
01:06ट्रंप के मुताबिक साउधी अरब को सबसे पहले अबराहम अकॉर्ड में शामिल होकर इस्राइल के साथ अपने संबंथ सामान्य करने
01:13होंगे।
01:14उनका कहना है कि जब तक साउधी अरब इस समझोते का हिस्सा नहीं बनता, तब तक अमेरिका और साउधी अरब
01:20के बीच प्रस्तावित परमानू समझोते को अंतिम मन्जूरी नहीं दी जाएगी।
01:24ट्रम्प ने अपने बयान में ये भी स्पेष्ट किया कि प्रस्तावित समझोता केवल शांति पूर्ण और असैन्य उद्देश्यों के लिए
01:31होगा।
01:31उन्होंने कहा कि अमेरिका साउधी अरब को बिजली उत्पादन और उर्जा जरूरतों के लिए सिविल न्यूकलियर सुविधाएं विक्सित करने में
01:38सही होग दे सकता है, लेकिन उसे किसी भी स्थिती में यूरेनियम संबर्धन यानि एन्रिच्मेंट की अनुमती नहीं �
01:50दी जाएगी और ये अमेरिका की स्पष्ट रेड लाइन है। ट्रम्प का कहना है कि पर्मानु कारिक्रम पूरी तरह अमेरिकी
01:57निग्रानी और अंतराष्ट्रिय सुरक्षा मानकों के अनुरूप होना चाहिए। अपने बयान में ट्रम्प ने संयुक्त अरब अमीरात यान
02:16पर्मानु सामगरी तयार करने की क्षमताविक्सित हो। हाला कि ट्रम्प के बयान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा राजनीतिक शर्थ को ले
02:24कर रहा। उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका और साओधी अरब के बीच रणनीतिक सहयोग तथा पर्मानु समझोते का भविश्य अ�
02:43आपचारिक राजनाइक संबंध स्थापित किये थे। अब तक संयुक्त अरब अमीरात, बहरेन, मोरक्को और सूडान इस पहल का हिस्सा बन
02:51चुके हैं। लंबे समय से साओधी अरब को इस समझोते का सबसे महत्वपूर्ण संभावित सदस्य माना जाता रहा है लेकिन
02:58अ�
03:30अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि साओधी अरब इस प्रस्ताव और इस से जुड़ी राजनीतिक शर्त
03:36पर क्या फैसला लेता है।
03:49अपस्थरा लेता हैं।
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