00:10इरां और अमेरिका की बीच जारी सैन्य संगर्ष अब और अधिक खरतक होता जा रहा है।
00:15ताजा घठना क्रम में चार अमेरिकी सैनिकों की मौथ ने पूरे अमेरिका को जगजोर दिया है।
00:20इन में से तीन सैनिक जॉर्डन स्थित अमेरिकी एर बेस पर इरानी मिसाइल और ड्रोन हमले में मारे गए, जबकि
00:26चौथे सैनिक की मौत उत्तरी एराक में एक सैन्य अभ्यान के दौरान एक गिरे हुए गिरानी ड्रोन को निश्क्रिये करते
00:33समय हुई।
00:34सबसे पहले बात करते हैं फर्स लेटनेंट टाइलर जेम्स फीहान की, महस पचीस वर्ष के टाइलर एर डिफेंस आर्टिलरी अधिकारी
00:41थे और नौथ कैरोलाइना के फोर्ट ब्राग्स थित दूसरी बटालियन पचपनवी एर डिफेंस आर्टिलरी रेजमिंट में तैनात �
00:48उनके साथ ही उन्हें टीवो के नाम से जानते थे, सेन्य सेवा के साथ-साथ उन्हें रोमान्चक यात्राओं का भी
00:54शौक था, वे एवरिस्ट बेस कैंप तक ट्रेकिंग कर चुके थे और स्पीन के प्रसिद एल कमीनो मार्क की पैदल
01:00यात्रा भी पूरी कर चुके थे, मरन
01:17में शामिल होने के तुरंत बाद उन्होंने स्वेच्छा से जॉर्डन में तैनाती स्वीकार की थी, उनके परिवार और साथियों के
01:23अनुसार वे हमेशा मुस्कुराने वाली निडर और उर्जा से भरपूर युवती थी, मिसाइल हमले में उनकी मौत के बाद उन्हें
01:29मरनो
01:29परांथ प्राइविट फर्स्ट क्लास के पतपर पदोनत किया गया। तीसरी सैनिक थी साजेंट अंजल सारा रैंपरसाड जिनकी उम्र 28 वर्ष
01:37थी, न्यू यॉक के क्वीन्स की रहने वाली रैंपरसाड सिग्नल ऑपरेशन सपोर्ट स्पेशलिस्ट थी और उसी एर डिफ
02:00अमेरिकी सैना के अनुसार वे एक गिरे हुए इरानी ड्रोन को नियंतरित विस्फोट के जरिये निश्क्रिय करने की कारिवाही में
02:06शामिल थे। इसी दोरान हुए विस्फोट में उन्होंने अपनी जान गवा दी। इन चारों सैनिकों के पार्थिव शरीर को अमेरिका
02:13ल
02:29में इन चार सैनिकों के नाम आधिकारिक सूची से अस्थाई रूप से हटाए जाने पर सवाल उठाए गए हैं। चार
02:35अमेरिकी सैनिकों की मौत ने एक बार फिर ये सपष्ट कर दिया है कि इरान अमेरिका संघर्ष अभी खत नहीं
02:40हुआ है। दोनों देशों के बीच बढ
02:48से भारी कीमत चुका रहे हैं।
03:18कि अव्यू प्रबड़ को जाए हैं। आप लिए और नहीं हुआ है।