00:02अगर हॉर्मुज में एक और हमला हुगा तो इरान को तबाह कर देंगे यह किसे फिल्म का डायलोग नहीं बलकि
00:09यह दुनिया की सबसे ताकतवर सैने शक्ती अमेरिका की ओर से आई चेताउनी है इस चेताउनी को सिर्फ एक बयान
00:17नहीं बलकि मेडेलिस्ट के नए टकराओ के स
00:24खुली धंकी देते हुए कहा कि अगर स्टेट ओफ हॉर्मुज से गुजरने वाले किसी भी चहाज पर मिसाइल, ड्रोन, रॉकेट
00:31या किसी भी तरह का हमला हुआ तो अमेरिका इस बार जबाब में इरान के किसी ब्रिज या पावर प्लांट
00:37को निशाना बनाएगा इतना ही
01:22नई चिंता लेकर आया है।
01:34अमेरिका उसके पूल या बिजली सरयंत को पूरी तरह नश्ट कर देगा।
01:54यानि की सेंट कॉम ने लगातार 21 रात इरानी ठीकानों पर हमले किये। अमेरिका के अनुसार इन हमलों में मिलिटरी
02:01ओपरेशन्स, सेंटर्स, ड्रोन स्टोरेज फैसिलिटीज और मिलिटरी लॉजिस्टिक्स, इंफ्राइस्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया।
02:08वाशिंटन का कहना है कि इन अभियानों का उदेश्टे स्टेट ओफ हॉर्मूज को फिर से सुरक्षित और अंतराश्टिय चहाजों के
02:14लिए खुला रखना है।
02:15दूसरी और इरान इसे अपनी संप्रभूता पर हमला बता रहा है।
02:47अगर यहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित होती है तो वैश्ट्रिक तेल आपूर्ती का स्तीधा असर यहां पर पड़ता हुआ नजराएगा।
02:55यही वज़ा है कि इस शेतर में बढ़ते तनाव की खबर आते ही अंतराश्ट्रिय वाजार में क्रूड ओयल की कीमतों
03:01में तेज उच्छाल देखने को मिला।
03:03बुधवार को ब्रेंट क्रूड फ्यूचर करीब 3.7% बढ़ कर 94.33 डॉलर प्रती बैरल पर पहुँच गया जबकि
03:10WTI क्रूड भी लगबग 3.5% बढ़ कर 87.28 डॉलर प्रती बैरल तक पहुँच गया।
03:17बाजार को डर है कि अगर तनाव और बढ़ा या हॉर्मुज में स्टिपिंग प्रभावित हुई तो क्रूड ओयल आसानी से
03:23100 डॉलर पती बैरल के पार जा सकता है।
03:47लोगों की जेप पर भी पढ़ सकता है। महंगा क्रूड मतलब पेट्रॉल, डीजल, लपीजी और एवियेशन, फ्यूल की लागत में
03:53बढ़ोतरी इससे ट्रांसपोर्ट कोश्ट बढ़ेगी जिसके कारण खाने पीने की चीजों से लेकर रोजमर्रा के समान तक महंगे हो स
04:17सकता है। वहीं ओयल, एक्स्प्लोरेशन, एनरजी और डिफेंस सेक्टर की कंपनियों में निविशकों की दिल्चस्पी बढ़ सकती है। अगर जियो
04:24पॉलिटिकल रिस्क और बढ़ा तो विदेशी, निविशक, सुरक्षित, निविशक योर भी रुख कर सकते हैं। जिस
04:47के नियंतरन और प्रबंधन का मुद्दा अंसुलजा रह गया। अब दोनों पक्ष अपनी अपनी सफाई दे रहे हैं और यही
04:52बिवाद एक बार फिर से टक्राओ की वज़ह बनता हुआ दिखाई दे रहा है। कुल मिलाकर डोनाल्ड ट्रम्प की यह
04:58चेतावनी केवल इरा
05:13मार्केट के साथ ही आयात मिरभर अर्थवरस्थाएं भी इसकी चपेट में आ सकती है। आने वाले कुष्टीन यह तै करेंगे
05:20कि मामला कुटनीती से सुलजेगा या फिर दुनिया एक और बड़े उर्जा संकट क्योर बढ़ रही है। आपको क्या लगता
05:26है अपनी राए क
05:27कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं और ऐसे ही तमाम अपडेट्स और शेयर मार्केट से जुड़ी तमाम जानकारी के लिए आप
05:32बने रहें गुट रिटर्न्स डिश्टल के साथ।
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