00:00अगर हर्मूज से तेल का बहाव रुख गया तो कैसे संभलेगी एशिया की अर्थ्यवस्था क्योंकि IEA ने तो साफ चतावनी
00:07दे दी कि समय बहुत कम है आज की सबसे बड़ी चिंता सिर्फ मिडलीस वोर नहीं है बलकि दुनिया की
00:14तेल सप्लाई है क्योंकि अगर स्ट्रे�
00:27एकॉनमी जेल रही हैं यह उससे कहीं ज्यादा बड़ी हुए 16 जुलाई को अमेरिका ने इरान पर बड़े पैमाने पर
00:34हवाई और समुद्री हमले किये सेंचकॉम के मताबिक इस ऑपरेशन में फाइटर जेट्स ड्रोन और युद्पूत का इस्तमाल किया गया
00:41निशाने प
00:57समेथ कई लाखों में धमाके हुए। कई जगहों पर सैने ठेकानों को नुकसान भी पहुचा है। कुछ पुल शतिग्रस्त हुए
01:04और बिजली विवस्था भी प्रभावित हुए। ये तो थी वो खबर, वो वार की खबर जो हम आपको लगातार अपडेट्स
01:12के साथ देते
01:26पॉर्मूज अभी भी उनके ही नियंद्रण में है। IRGC नचताव नहीं दी है। कि अगर अमेरिका अपनी सैने कारवाई जारी
01:33रखता है, तो वो इस एहम समुत्री रास्ते से तेल और गैस के एक्स्पोर्ट को पूरी तरहा रोग देंगे।
01:40IRGC का ये भी कहना है कि प्रोडक्शन में बड़ी गिरावट आ चुकी है और तेल का एक्स्पोर्ट लगभग रुक
01:47चुका है। हाला कि ये IRGC का दावा है और इसकी कोई भी इंडिपेंडेंट पुष्टी नहीं हुई है। साफ तोर
01:54पर नहीं कहा जा सकी।
01:55अब सबसे एहम बात पर आए।
02:25पास एक बिलियन बैरल से ज्यादा तेल का स्टॉक मौचूट है। और इसकी अलावा चीन में इलेक्ट्रिक गाडियों और पब्लिक
02:31ट्रांस्पोर्ट का इस्तमाल भी लगातार बढ़ा है।
02:34आए ने मार्च में करीब 400 मिलियन बैरल तेल बाजार में छोड़ा था जिसे कच्छे तेल की कीमत करीब 20
02:41डॉलर प्रती बैरल तक नीचे आ गई थे।
02:43लेकिन आए ने अब साफ कहा है कि ये राहत हमेशा के लिए नहीं रहेगी।
02:50इजेंसी का कहना है कि अमेरिका ने प्रोडक्शन बढ़ा कर रोजाना 1-2 मिलियन बैरल एक्स्ट्रा तेल बाजार में भीचा
02:56है लेकिन अगर सप्लाई में 10 मिलियन बैरल रोजाना की कमी आती है तो इतनी सप्लाई उसके भरपाई नहीं कर
03:03पाईगी।
03:04अब सवाल यह कि इसका सबसे ज्यादा असर किस पर पढ़ रहा है आईए के मुताबिक सबसे ज्यादा असर एशिया
03:11एदेशों पर पढ़ेगा एशिन कंट्री से पर जसमें जपान नक्षिन कोरिया और भारत जैसे बड़े ओईल इंपोर्ट करने वाले देश
03:19शामिल है सा�
03:33अगर हॉर्मूज को लेकर के कोई भी टेंशन भरी ख़बर आती है तो इंडियन एकॉनमी पर उसका असर हम पिछले
03:41कुछ महीनों से लगाता देख रहे हैं
03:43सबसे एहम रास्ता स्ट्रेट ओफ हॉर्मूज ही है कच्छे तेल का भारत में आने के लिए
03:48अब अगर यहां से तेल की सप्लाई रुख गई तो सबसे पहले अंतराश्य बाजार में कच्छे तेल की कीमते बढ़ेंगी
03:53उसका सीधा असर आएगा पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और दूसरे पेट्रोलियम चीजों की कीमतों पर
03:58इसके साथ ही भारत का ओयल इंपोर्ट बिल बढ़ने लगेगा
04:02चालू खाते के घाटे पर दबाफ पड़ेगा यानि current account deficit बढ़ेगा
04:06रूपीया कमजोर होता जाएगा और महगाई और भी बढ़ सकती है
04:10अब ये जो हम आपको लूप बता रहे हैं जो भी भारत ने अभी हाल के महीनों में जहेला
04:15उसको और कई गुना multiply कर दीजिए ये वहाँ तक भूख सकता है
04:21अब ऐसी स्थी में सरकार रणनीतिक तेल भंडार का इस्तमाल कर सकती है
04:26यानि strategic oil reserve का इस्तमाल किया जा सकता है
04:28टाक्स में बदलाव, सबसीडी या दूसरे रहात के कदम भी उठाए जा सकते हैं
04:32लेकिन लंबे समय में भारत के लिए सबसे जरूरी क्या होगा
04:36वो ये कि तेल के नई supply source को ढूंडा जाए
04:40अपने strategic reserve को मजबूत किया जाए
04:43और घरेलू energy production को बढ़ाया जाए
04:46अब बात कर लेते हैं थोड़ा shipping और व्यापार पर असर की
04:50क्योंकि straight of almost दुनिया का सबसे एहम तेल मार गया है
04:54दुनिया का करीब 20% तेल का कारोबाय इसी रास्ते से होता है
04:58अगर ये रास्ता बंद हुआ या लंबे समय तक बाधित रहा
05:01तो जहाजों को एक दूसरे लंबे रास्ते से जाना पड़ेगा
05:04इससे सामान पहुंचने में ज्यादा समय लगेगा
05:07खर्च बढ़ेगा और जहाजों का जो इंशॉरंस है वो भी महगा हो जाएगा
05:11अमेरिका रूट और कुछ अफ्रीकी और लाटन अमेरिकी देश
05:14एक्स्ट्रा तेल की सप्लाई देने की कोशिश कर सकते हैं
05:17लेकिन उनकी केपासिटी काफी लिप्टेट है
05:20अब IEA इसको लेकर के कर क्या रहा है
05:23देखे वर्निंग तो IEA ने दे दी ये भी कहा कि
05:26इस टाइम टू गेट वारेट
05:28यानि टेंशन लेने का समय है
05:30स्रेट ओफ हॉर्मूस को लेकर के
05:32और दुनिया की एनर्जी सप्लाई को लेकर
05:34लेकिन IEA ने कुछ कदम भी उठा है
05:36उनके बारे में जान लीजिए
05:37क्योंकि हर देश के उपर
05:39खास्तों से इशियाई देशों के उपर इसका सथ पड़ेगा
05:42IEA पहले ही करीब 400 मिलियन बैरल
05:44तेल बाजार में छोड़ चुका है
05:46हमने आपको बता दिया
05:47अब यह किया इसलिए गया था
05:49जिससे कीमतों पर दबाफ कम किया जा सके
05:51एजेंसी के मताबिक उसके
05:52कोल स्ट्राटेजिक रिजर्फ का करीब 20 प्रतिशत
05:55तेल इस्तमाल किया जा चुका है
05:57और जबकि 80 प्रतिशत स्टॉक अभी भी बचा हुआ है
06:00तो टेंशन थोड़ी कम बीचिये
06:02फाटी बियोल ने ये संकेत दे दिये
06:05कि अगर हालात और बिगड़ गए
06:06तो एक बार फिर तेल का स्टॉक बाजार में छोड़ा जा सकता है
06:10इसी उम्मीद की वज़े से
06:27चेन रियाक्शन बहुत अच्छे से जानते हैं
06:29उसका सीधा असर हमारी आपकी जेब पर बढ़ता है
06:31अमेरिका और उसके सहीयोगी देशों के बीच
06:34उज़ा और सुरक्षा सहीयोग बढ़ सकता है
06:36वहीं दूसरी तरफ इरान के जो समर्थक ग्रूप से
06:49अगर आप निवेशक है या बाजार पर नजर रखते हैं
06:53तो फिलहाल कुछ बातों का खास ध्यार दीचेगा
06:56तेल से जुड़ी कंपनी के स्टॉक्स में तेज उतार चड़हव आ सकता है
07:00इसलिए उनके फॉंडमेंटल्स और रिस्क संभालने की स्ट्राटजी को
07:04जरूर ध्यान से देखिएगा पढ़िएगा
07:06एवियेशन और लॉजिस्टिक कंपनीज पर भी नजर रखिएगा
07:09क्योंकि फ्यूल महंगा होने से उनके मुनाफ़े पर भी दबावा सकता है
07:13इसके अलावा सरकार के फैस्ट प्लेस, स्ट्राटजिक, ओईल रिजर्फ से जुड़ी घोशना है
07:17और IEA के अगले कदम बाजार की दिशा जरूर टे करेंगे
07:21लॉंग टर्म में रिनियोबिल एनरजी, घरेलू प्रोडक्शन और अलग-अलग एनरजी सोर्स पर
07:27फोकस ही सबसे बड़ा समाधान माना जा रहा है
07:29तो कुल में लाकर IRGC के चतावनी और IEA की चिंता साफ बता रही है
07:35कि दुनिया इस समय उर्जा सुरक्षा के बेहद नाजुग दौर से गुजर रही है
07:39अगर आने वाले कुछ हफतों में हॉर्मूस के जरिये तेल की सप्लाइ नॉर्मल नहीं हुई
07:44तो इसका असर सिर्फ तेल की कीमत तो तक्सीमित नहीं रहेगा
07:47पूरी दुनिया की economies खासकर एशिया लंबे समय तक इसकी मार्च शेल सकते है
07:51अब क्या कुछ करना है बाजार में आपको किन companies पर नजर रखनी है किसमित पर नहीं रखनी है
07:57क्या अपनी जेप के लिए आप परिशान हो रहे हैं
08:00ये सारे suggestions आपको comment box में अगर देना चाहते हैं आपको बीचे जरूर
08:17और किस तरीके से ध्यान देने की जरूरत है रिस्क प्रोफाइल को अनलाइज करिएगा
08:21companies किस तरीके से इस रिस्क को मैनेज कर रही है ये जान लीजेगा
08:25company की policies क्या है ये भी जान लीजेगा
08:27और किसी भी निवेश से पहले financial advisor की राइज ज़रूर ले लिचेगा
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