00:00आचारे जी, हम महिलाओं को अकसर कहा जाता है कि जब तक मा नहीं बनोगी, अधूरी ही रहोगी, क्या बच्चा
00:07पैदा करना ही हमारी पहचान है?
00:30यहां से कुछ हो जाता है, खाना पचाने में भी तो ऐसे ही होता है, फ्रिज में दूद रखा था,
00:34एक बूंद बस डाली, और वो क्या दही बन गया पूरा, ऐसे ताली क्या बजा रहे हैं, कोई नई बात
00:42बोल दी, आपको पता नहीं थी पहले से, पर इतना उसको सेक्रेड ब
00:59उनसे आग्रह है, इस चीज को अपनी आइडेंटिटी का हिस्सा मत बनने देना, तुम इनसान हो, तुम्हारे साथ एक छुन्नू
01:09चल रहा है, छोटा नहीं चल रहा है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता
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