00:00सीजेपी प्रोटेस्ट के 33 वे दिन तक पहुंचते पहुंचते तमाम ऐसे प्रतिबंध नियम अब लागू करने शुरू हो गए हैं
00:06जिसको लेकर इस प्रोटेस्ट को दभाया जाए रुका जाए और इसी श्रेणी में इसी क्रम में सोल है मेट्रो स्टेशन
00:12जिनित किये गए
00:12हैं वहां से एंट्री एक्जिट बंद रहने वाली है कौन से वो स्टेशन है वो आपको बता दू उसके बाद
00:17आखिर क्या है प्लान क्या है डर उस पर समझेंगे क्रिशव जी से क्या हो सकता है आगे
00:42पर आप दूसरी मेट्रो बदल सकते हैं लेकिन एंट्री एक्जिट की परमिशन यहां पर नहीं रहने वाली है आप चलते
00:48हैं दूसरी पक्षिय और जहां पर इतना बड़ा अगर डिशितन लेना पड़ रहा है सोला स्टेशन से मेट्रो सेशन बंद
00:54करने पड़ रहे हैं ए
01:07इसलिए एक महीने से कौकरोज जन्ता पाटी का प्रोटेस्ट जन्तर मंतर पर चलता रहा बीस से जादा दिनों तक सोनम
01:14वांग्चुक और कौकरोज जन्ता पाटी के कुछ और वोलेंटियर्स ने भी अपना भूख हरताल जारी रखा बाद में सोनम को
01:20सिफ्ट कर दिया गया
01:24है परलियामेंट का जब सेसन शुरू होता है मौनसून सेसन उस दिन सीजेपी एलान करती है कि वो परलियामेंट मार्च
01:32करेंगे जन्तर मंतर से और उस दिन का जो द्रिश्च था और उस दिन जिस तरह से भारत का विफक्ष
01:38एक ही कृत हुआ जिस तरह से कॉंसॉलिडेट ह�
01:52बाहर जिस प्रोटेस्ट में अखिलेश यादव, राहूल गांधी, प्रियंका गांधी सब को डिटेन किया गया था, हलां कि आदे घंटे
01:58के बाद उन्हें पुलिस स्टेशन से छोड़ भी दिया गया, लेकिन सरकार को अब इस मामले की गंभीरता समझ में
02:05आ रही है, मामले की
02:19बता रहे थे और ये परफेक्ट सूचना भी है, मेट्रो के ओफिसियल वेबसाइट पे भी बताया गया है, दिल्ली मेट्रो
02:26ने ट्वीट करके भी इसकी जानकारी दी है कि कौन-कौन से मेट्रो रूट परभावित हैं, मेट्रो रेल के जो
02:31स्टेशन हैं, वहां पर किस तरह
03:02किसे परचालन होगा?
03:05पर जिस तरह से वह बदलता नजरा है हिंसा में, वह अपने आप में चौक आने वाला था.
03:09जी मिउकुंदा, और दिल्ली मेट्रो की बात करें, तो लगभग हर दिन 14 लाख से जादा लोग मेट्रो से सफर
03:15करते हैं, लगभग. ये संख्या इससे जादा भी हो सकती हैं. और दिल्ली के ट्रांस्पोर्टेशन की आप कह सकते हैं,
03:21मेट्रो एक तरह से लाइफ लाइन है
03:39सरकार को आशंका है कि यह प्रोटेस्ट और ही इंटेंसीफाई होगा, और ज्यादा इंटेंसीफाई होगा, क्रैक डाउन की नौवत आती
03:47है, भगदर की नौवत आती है, इन सब से बचने के लिए सरकार ने एहतियातन 16 मेट्रो एस्टेशन पर आवाजाही
03:53की रोक लगा द
04:08देश दो घंटे के बाद भी आजाए और दो दिन के बाद भी आजाए या नहीं भी आए, लेकिन 16
04:13मेट्रो एस्टेशन बंद रहेंगे, इससे लोगों को कितनी अस्वधाओं का सामना करना पड़ेगा, मेट्रो एल को कितना माली नुक्षान होगा,
04:22और इसका जो एक इमप
04:38जो ही नहीं दे रहे थी, अचानक 16 मेट्रो एस्टेशन बंद हुए है, बहुत बड़ा निड़ने है या केवल एक
04:43ट्रांसपोर्ट की दृष्टी से इससे नहीं देखा जा सकता है, ये बहुत ही बड़ा पॉलिटिकल डिसीजन है, बहुत ही बड़ा
05:03अडिनिस्ट्रेटि�
05:05असने माल करते हैं, और जब वो वापस आ रहे होंगे, तो अब शायद उने 2 स्टेशन, 4 स्टेशन आगे
05:10जाना पड़े, या दूसरी किसी ट्रांसपोर्टेशन का असने माल करना पड़े, क्योंकि सोलर स्टेशन तो बंद रहने वाले हैं, अगले
05:15आदेश तक, और जैसे हम
05:32आपको नया नजर आए, आपको नजर आएगी सारी सुवेदाएं, सामान्य हो चुकी है, लेकिन अगर नहीं होता, तो वास्तम में
05:38ये परिशान करने वाला है, उन यात्रियों को इसके साथ साथ एक मैसेज भी है
05:42जी मुखुनद और गें, सिर्फ मेटरो बंद होने से क्या होगा? ऐसा नहीं है कि मेटरो बंद होना लोगों के
05:49जीवन को ठप कर देगा, लेकिन इससे ये होगा कि जो मेटरो परिचालन होता है, जो मेटरो का रूट है,
05:55वहां से आराम से लोग आते जाते हैं, आपने कहा कि
05:58दो-चार मेट्रो इस्टेशन आगे, दो-चार मेट्रो इस्टेशन पीछे, आपको उतरना होगा, मेट्रो की सवारी लेनी होगी, इससे जो
06:05on-road transportation है, उसकी भीड बढ़ेगी, traffic jam की समस्या बढ़ेगी, बरसात का दिन है, कई सारे लोग मेट्रो
06:12पर ही आस्रित रहते हैं, उनक
06:26ही हमें समझना होगा, मुझे तो लगता है कि पिछले 12 सालों में ऐसा पहली बार लग रहा है, कि
06:33केंदर की सरकार, मोधी सरकार 3.0 बैक फूट पर है, कितने सारे आंदोलन हुए, किसी भी आंदोलन में हमने
06:41नहीं देखा कि सरकार को ऐसी पहल करे, आंदोलन कारियों से मिले,
06:45उनके घर जाए, उनके नुकसान पर उनकी जो छती है उस पर अपसोस जाहिर करे, लेकिन पहली बार दिख रहा
06:54है, और ये एक महीने से नहीं दिख रहा था, पिछले 2-3 दिनों में चीजे बदली है, देखिए, जनतर
07:01मंतर पर जो प्रोटेस्टर्स थे, इतने महीन ओभर ब
07:15वांग्चुक से बातचीत की भी है कि हॉस्पिटल पहुंचे नड़ा और उन्होंने यही समझाने की कोशिश की है, अपील की
07:20है वलकि वांग्चुक से कि आप छात्रों को समझाईए, इस तरह के प्रदरिशन से बचे, हम आपकी मांग पर आपके
07:26जो डिमांड्स है उस पर
07:41पर लिग का मुद्धा था, चात्रों की भविश्य का मुद्धा था, इतने दिनों से जिसको सीजे पी लेकर आगे बढ़
07:46रही थी, सडली वो पूरा मुद्धा कॉंग्रेस के पाले में आ गया है, देश की मुख्य विपक्ची पार्ठी और याद
07:54रखिए कि इस पार्लियम
08:09लेकि निनानवे सांसद उनकी लोग सवा में हैं, राहूल गांधी प्रदर्शन दर प्रदर्शन, आंदोलन दर आंदोलन, जिस तरह से उनका
08:16नेत्र तो निकर रहा है, जिस तरह से और जादा मैच्योर हो रहे हैं, वो कल हमें देखने को मिला
08:22पीम आवास के बाहर, सेवन आ
08:37जाहूल गांधी नहीं, वो विवक्ष का चेहरा है, और यू कहें, तो वो देश का लोकतंत्र जमीन पर गिरा हुआ
08:43था, लोकतंत्र में समवाद की सबसे बड़ी भूमिका होती है, डायलोग हो नहीं रहा है, आप बल प्रियोग करके सरकार
08:51को यहां पर बहुत ही समस्दारी
08:52दिखानी चाहिए थे, बल प्रियोग करके कुछ देर के लिए आप किसी आवाज को दबा सकते हैं, लेकिन याद रखिए
08:58कि हमारा देश सदियों की गुलामी के बाद ऐसे ही नहीं सस्त्र आंदोलनों के द्वारा स्वतंत्र हुआ था, हम अगले
09:06महीने देश की आजादी का �
09:07वर्सगाठ मनाएंगे, और हम वो सारे रास्ते भूलते जा रहे हैं, जिस रास्ते प्रदेश को आजादी मिली, वो तो छोड़
09:14दीजी अगर हम जेपी के आंदोलन को याद करें, जिसमें ये तमाम लोग शामिल थे जो आज किंदर की सरकार
09:19में भी मौजूद हैं, उसमें �
09:20जेपी नड़ा हो या प्रदान मंतरी मोदी हो, नितीश कुमार हो, अनेक लोग जेपी आंदोलन की उपज हैं, उसमें शामिल
09:26हैं, और सरकारी दमन के खिलाफ हम सड़कों पर उत्रे थे और इसकी वर्तसना और निंदा कर रहे थे उस
09:33समय में, जो सरकारी तंत्र उन पर क्रै
09:48भी कर सकते थे, प्रधान मंतरी धर्मंदर प्रधान से बात कर सकते थे, अब तो ये समझने आता है कि
09:53प्रधान मंतरी प्रधान मंतरी हैं, धर्मंदर प्रधान मंतरी हैं, समझी नहीं आ रहा है, नीट का पेपर लिग होता है,
10:00अगर सरकार ने उस पर कारवाई की होती, तो �
10:03आज ये दिन नहीं देखना पड़ता मज़ेदार बात ये है कि इस सरकार में सारी जिम्मेदारी लोगों पर डाल दी
10:10जाती है कोवीड आ गया लोग निपटले नोट बंदी हो गया लोग निपटले थोड़ी दिक्कत होगी लोग निपटले इरान और
10:19अमेरिका में युद्ध
10:20हो रहा है पेट्रोल की कीमत बर गई लोग निपटले नीट का पेपर लीग हो गया लोग निपटले मतलब सरकार
10:27अपनी जिम्मेदारी से कब तक भागेगी यह एक बड़ा प्रश्ण मन गया है पिछले 12 सालों में कुछ भी हो
10:33तो पहले नहरू जिम्मेदार थे और अब लो
10:50भी थूई है और यह बड़ा राजनितिक निर्नय है मुझे लगता है कि खासकर कल जिस तरह से राहूल गांथी
10:57ने प्रश्ण किया उनको डिटेन करना पड़ा ये सरकार को इस तरह के फैसले लेने पर मजबूर कर रही है
11:05हमें मुश्तेद रहना होगा देखना होगा कि अग
11:20को देंगे आप बनी रही है वन इंडिया के साथ नमाई साथे कृषव जी मेरा नाम है मुकुन्द आप बनी
11:24रही है वन इंडिया के साथ शुक्रिया
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