00:00आचारी जी देश का युवा बहुत जादा संघर्ष है और दूसरे वो जो बहुत जादा पैंपर्ड है तो ये दोनों
00:09लोग दो तरिके के लोग इनका भविश्य बहतर कैसे वाज़गा
00:14संघर्ष ते कि उनको भी करना ही पड़ेगा जो पैंपर्ड है बस ये है कि बाहरी रूप से वहते करीकों
00:21से उन्हें कुछ सिवगाई मिली हुए है आपको विरासत में जो मिल्या कुष्टाइनी जो कुछ है वह आपको सही संघर्ष
00:28ते कुछा नहीं से अच्छा अच्छा अ
00:42हम हर शकरजाय हो कि नहीं हमको अकसर ज्यादा मतब इस बात से हो जाता है कि हम हारे की
00:48जीते ज्यादा बड़ा मतब इस बात से होना कहिए कि हमारा युद्ध भी सही था कि नहीं आपको गलत लडाई
00:54लड़ रहे हैं आप गलत मैदान में मौजूद हो आप ऐसे युद्ध मे
01:10तो जीत और यदि हार भी मिली तो जीत पराबर ही होती है असली चीज यह होती है कि इंसान
01:16जाने कि कौन सा संखर्ष स्विकार करने लायक है और संखर्ष तो स्विकार करना पड़ेगा जीवन युद्ध है इसलिए भगवत
01:24गीता आज भी प्रसंगिक है
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