00:08पढ़ाई में मन नहीं लगता क्योंकि वो पढ़ाई तुम कर ही रहे हो उनके दबाव में जो तुमको एक तरह
00:17से स्पांसर कर रहे हैं
00:19कि तु घर बैठ तुझे रोटी पानी की अभी फिकर करने कोई जरूरत नहीं साल दो साल तु बैठ और
00:24तु तैयारी कर
00:25वो तैयारी तुम्हें करनी ही नहीं है सबका अपना वैक्तित तो अपना मन अपना जीवन होता है सबको एक तरफ
00:31नहीं जाना होता
00:31ये बात सीधे सीधे माबाप से बोल तो न ये तुम्हारा दाइट तो भी है भाई
00:37समझो तुम पर उनिवेश कर रहे हैं तुम पर पैसा लगा रहे हैं
00:41और तुम ही ने कहा कि वो अपक्षाएं रख रहे हैं आगे के लिए
00:44उनको बता तो दो कि तुम्हारे इरादे क्या है तुम्हारा मन कि धर को जा रहा है
00:47ने उनको भी धोखा होगा ये मैं नवेश की दृष्टी से बोल रहा हूँ
00:51प्रेम की दृष्टी से बोलू तो भी यही बात है
00:54अगर माबाप और संतान में प्यार है वास्ताव में तो वो एक दूसरे से खुल करके दिल की बात करेंगे
01:00या नहीं करेंगे
01:01ऐसे रिष्टे को हम क्या समझे जहां बेटा माबाप से अपना हाल बताई नहीं पा रहा
01:06ये बात घर बैठ करके माबाप से करो
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