00:00पुस्सा कहीं जले सेगें पर मत दिखानों अपनी क्रूद को
00:04ब्रह्मान से कहीं और वहां थागों मेरे खिक्रो एस भी साव
00:10मैं भुले वारा प्राणी नहीं में याद हूँ
00:14विब्बन हो गया था हूँ और मंच पर उदिसामें बढ़ें
00:18अजिए पर आशवारे कारिकर काउंट यहां थे लेकि उसके पाद जो आपका करना है
00:24कि यह से जी मंदुखी हुआ तुमने उसकी दिसामें उस दिसामें तसामों नहीं बोले दाला कि आशव का एक बदला
00:37भाई अपास हैं
00:40हजरा ले जा आएं पुली समस्से कहने हैं जो आज तो उसके की बाद के लिए आज वोल्स में टेंट
00:58काट हैं आज तो उसकी शकता है
01:08पर बात कर दो नहीं है वहां हम करेंगे तुम जाने लोगे हमें घरे ने हम करेंगे
01:21तो एक यह फुस्सा नहीं ज़रे जगे पर मत दिखावा अपनी क्रूब
01:26ब्रह्मार्श नहीं और मत आवा मेरे खिक्रों अगर ब्रह्मार्श जलस एक प्रदाजिया तो जो मेरे यूद देना वहां से चूप
01:36जाओ
01:39आप मेरे जिल के बहुत नहीं को ना पुरा शहर जिल के नहीं के वह यह सबने साविश कर दिना
01:47तो इसके बड़ी गौर क्या किसी वेक्तिल को उपलब दी चाहिए
01:50क्या है दो दो स्बतीत है नचा यह करी मत मत बुटेती तो छा जान तुमgreg और वहां यह वेयर
02:07जिस्टा है यहाप सो दिल का लग्यादिया मैरे उस्थन ने तेरिया रिश्टा ने पहुत कहा लग रही है विर्णा गराएं
02:15ना टीनियां प्राक नहीं को इसमें मैं रहे कि ब
02:20तुम इस पे दोगे अगर, तुम इस पे दोगे, इस पे दोगे तो दूसरा आएगा
02:40तुम इस पेदा, आपने में टोड़ी आप्सका जनके दोगे तुम इस पे दोगे, इस पेदा में तो दोगे, आपने में
02:58पर दोगे तो
03:10इजब फीचाव
03:13मैं भुलीए वारा पाड़ी नहीं में यादू
03:29ने दोस्त वोगों और गुस्मनी दोनों याद रखाऊ है।
03:38मैं परेम और प्रेम और ये माईक की आवाज आप तक पहुचे गें मुझे पारों मैं इसे लिए खेहरा हूँ।
03:46ने दोस्त वारे चांप पे शीज लागाना।
03:51ने दोस्त वोगों को प्रेंगें प्रीशन के लिए प्रवाज रहा हूँ।
04:07इसे लिए लिए लिए लोगों और आगे की लायन ही लोगों।
04:36पूरा एक निसकर से आपने सोय नहीं जिखा होगा आप मुझे पूझ रहे हैं आपका क्या आंकलंग है
04:44यह उच्छा बला रहेगा आज से लेकर पीस तक तो फिर तीम को जलूज के रूपनों परवर्ति दो जाए आपने
04:52घर को समाल ले वारती जी की चिंता करे अर्देश चाचा की चिंता करे विगलिया सिंग जो साड़े तीन लाग
05:06से बोपाल हार गए डेल लाग से अपना घर हा
05:10में वो दूसरों की चिंता करते हैं अचमा होता है यही लोकतंद की खुबसूर्थी है मजबूती से एक मुप्ठी की
05:20तरह कसके मोहन खंडेलवाल की नितुक्त पर हैंगा एमंद खंडेलवाल जी और मोहन यादभी की नितुक्त पर हैंगा
05:43झाल
Comments