00:00नाम जियाएंशी है, मैं इंडस पब्लिक स्कूल से हूँ
00:02आज आप हाइड्रोजन ट्रेन में ट्रेवल करने हो, कैसा फिल हो रहा है?
00:06अभी तो बहुत अच्छा फिल हो रहा है, बाकी अभी इसके चल लेके बात पता लगेगा कि कैसा एक्स्पिरेंस रहने
00:12वाला है इसका
00:33इसके अंदर हाइड्रोजन स्टोर होगा, भार से ऑक्सिजन लेके ये एनर्जी प्रोड्यूस करेगी, जिससे वाटर वैपर बहार निकलेंगे
00:41तो उसे इन्वाइर्मेंट भी जादा सेफ रही है
00:49हाँ कि इसके जो हर एक पुर्जा है, मतलब सभी सारे इंडिया में ही बने हैं और ये इसकी बहुत
00:55बड़ी बात है कि पूरा ही इंडिया में बनी है
01:02मैं अवीसा हूँ फ्राम इंडिस पैबलिक स्कूल जीन
01:04और ये जीन वासियों के लिए बहुत बड़ी अपॉर्चिनिटी है कि जीन पे इतनी बड़ी ट्रेन यहां लंकि एशिया की
01:14सबसे लॉंगेस्ट और सबसे स्ट्रॉंगेस्ट ट्रेन है
01:16इसका हर एक पार्ट इंडिया में बनाया गया है इसका डिजाइन लखनाओ में हुआ है और ये जीन नहीं में
01:22बनाई गई है
01:23इतनी लोकल डिस्टिक में इतनी बड़ी ट्रेन का लॉंच हुआ है ये बहुत बड़ी गर्व की बात है ये भारत
01:32ने एक बार फिर से थाबित कर दिया कि भारत किसी से कम नहीं
01:40मेरा नाम मायरा है मैं इंडिस पब्लिक स्पूल से हूँ
01:43जो इंडियन डेलवे के जो इंजीनियर्स हैं जो साइंटिस्ट हैं उनके बार में क्या कहना है ये जो हमारे इंजीनियर्स
01:51हैं साइंटिस्ट हैं इन्होंने ये साबित किया कि ये मिलकर भी और अकेले भी दोनों तरीके से बहुत अच्छा काम
01:58कर सकते हैं
01:59जैसे कि आप देख रहे हैं, इतनी डेवलब कंट्री, चायना, जर्मनी, जपैन में, इतनी बड़ी ट्रेन नई बन पाई, होर्स
02:06पावर कम है, सीटिंग पावर कम है, पर हमारे भारत में, हमारे भारत में इतनable जीजिनियर और साइनटिस्ट थे लोग
02:15इतने अच्छे हैं, कि
02:16हमने इतनी बड़िया ट्रेन बनाई हैं, जो हाइडोजन से पावर हैं.
02:46In today's world global warming is increasing so much so i would say like this is the best initiative that
02:52is taken especially in Jeend.
02:54this train will highlight Jeend as a district.
03:16झाल झाल
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