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  • 9 hours ago
वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद के विवाद को सुलझाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया और कहां कि इस मामले में सीधे निर्णय देने के बजाय लोक अदालत और मध्यस्थता से समाधान निकल जाए। इस संबंध में 14 जुलाई को जिला एवं सत्र न्यायालय में मध्यस्थता की तिथि तय की गई थी। वहीं, अब इस मामले पर अखिल भारतीय संत समिति ने भी अपना पक्ष रखा है। समिति का कहना है कि यह मामला बेहद संवेदनशील और ऐतिहासिक महत्व का है, इसलिए इसका स्थाई समाधान केवल न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही निकल सकता है।

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00:28Supreme Court
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00:46foreign
00:47उनके बाप दादों ने 700 वर्षों तक हिंदों पर हुकूमत की,
00:52उनके मंदिर तोड़े, उनके मठों पर कबजे किये,
00:57इस देश के धन लूटे,
00:59और कबजा की गई संपत्ती को सब्धेता के अंतरगत वापस कर देना,
01:05या भारत के कानून व्यवस्था के अंतरगत नियाई पालिका की छट्र छाया में वापस कर देना,
01:12या उनके लिए संभव नहीं है,
01:15उनकी मानसिक अवस्था उसी दूरावस्था में वो मध्यकाल में जी रहे हैं,
01:19हम सरोचने आयले के इस नर्ले का इस सुझाओ का स्वागत तो करते हैं,
01:26लेकिन हमें यह भी पूर्ण मिश्वास है कि मुस्लिम पक्ष ग्यानवापी के प्रस्था पर मध्यस्तता त्यंत्र या लोक अधालतों के
01:35बीच अपना पक्ष रखने नहीं आएगा,
01:37और हमारा तो संकल्प है कि हम इन गुलामी के चिन्नों को मिटा कर रहेंगे,
01:42स्री राम जन्म भूमी, क्रिश्वन भूमी और कासी ज्ञानवापी यह तीनों हमारे लिए प्रतिष्था के प्रसंथे,
01:49चार सो बामवे वर्सों के संघर्ष के बाद स्री राम जन्म भूमी को भी प्राप्ट किया है और क्रिश्वन भूमी
01:57कासी ज्ञानवापी भी हम उसी रास्ते से प्राप्ट करेंगे,
02:01यह हमारा वित्रण संकल्प है.

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