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  • 2 hours ago
फीस वसूली, किताबों और यूनिफॉर्म की लूट पर सहित 42 से अधिक बिंदुओं पर रहेगी पैनी

सवाईमाधोपुर. शिक्षा विभाग ने अब निजी स्कूलों की मनमानी पर ऐसा प्रहार किया है जो सीधे उनकी नींव हिला देगा। फीस वसूली की मनमानी, किताबों और यूनिफॉर्म पर दबाव, बस संचालन की लापरवाही और आरटीई की अनदेखी। इन सब पर अब हर माह डिजिटल शिकंजा कसा जाएगा। सरकारी स्कूलों की तर्ज पर निजी संस्थानों को भी अब कठोर निगरानी के घेरे में लाया जा रहा है। आदेशों की अवहेलना करने वाले स्कूलों पर विभागीय कार्रवाई होगी और पूरी प्रक्रिया मोबाइल एप ‘राज शाला संबलन’ से संचालित होगी। उधर, शिक्षा विभाग के अधिकारियों की ओर से निजी स्कूलों का निरीक्षण नहीं करने या लापरवाही बरतने पर उन पर भी गाज गिरेगी।

माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने राज शाला संबलन मोबाइल ऐप के जरिए सभी निजी स्कूलों के नियमित निरीक्षण और ऑनलाइन मॉनिटरिंग की व्यवस्था लागू कर दी है। अब संभाग, जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को हर माह तय लक्ष्य के अनुसार स्कूलों का निरीक्षण करना होगा और पूरी रिपोर्ट ऐप पर अपलोड करनी होगी।
मोबाइल एप से हर माह अनिवार्य निरीक्षण

राज्य के गैर सरकारी विद्यालयों में निरीक्षण की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी। शिक्षा विभाग के अधिकारी हर माह स्कूलों में जाकर मोबाइल एप ‘राज शाला संबलन’ से रिपोर्ट दर्ज करेंगे। इसमें पाठ्य सामग्री, स्टेशनरी, यूनिफॉर्म, बाल वाहिनी संचालन, आरटीई के तहत नि:शुल्क प्रवेश और फीस विनियमन जैसे बिंदुओं की जांच अनिवार्य होगी। पीईईओ और युसीईईओ को अपने क्षेत्र के सभी निजी स्कूलों का निरीक्षण करना होगा और यह करना होगा कि किसी भी स्तर पर नियमों की अवहेलना न हो।
लक्ष्य प्राप्ति के आधार पर मिलेंगे अंक
निरीक्षण पूरा करने पर अधिकारियों को लक्ष्य प्राप्ति के आधार पर अंक दिए जाएंगे। यह व्यवस्था जहां अधिकारियों को निरीक्षण के लिए प्रेरित करेगी, वहीं निजी स्कूलों पर लगातार दबाव भी बनाएगी। बार-बार होने वाले निरीक्षण से निजी स्कूलों की स्वायत्तता और संचालन कार्य प्रभावित होने की आशंका है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक बीकानेर ने स्पष्ट किया है कि राजकीय विद्यालयों की भांति निजी स्कूलों का भी सतत निरीक्षण होगा। इसके लिए एप में 42 से अधिक बिंदु तय किए गए हैं, जिन पर हर माह पैनी नजर रखी जाएगी।

42 से अधिक बिंदुओं पर रहेगी पैनी नजर

निरीक्षण के दौरान यह देखा जाएगा कि अभिभावकों पर किताबें, ड्रेस, जूते, टाई खरीदने का दबाव तो नहीं है, बाल वाहिनी की स्थिति कैसी है, फीस विनियमन की पालना हो रही है या नहीं, आरटीई के तहत बच्चों के साथ भेदभाव तो नहीं हो रहा, शारीरिक दंड की घटनाएं तो नहीं हैं, भवन सुरक्षा प्रमाण पत्र मान्य है या नहीं, विद्यालय की संरचना और मान्यता स्तर सही है या नहीं। कुल मिलाकर 42 से अधिक बिंदुओं पर ऑनलाइन निगरानी होगी और हर माह की रिपोर्ट सीधे विभाग तक पहुंचेगी।
अधिकारियों को तय लक्ष्य और अंक
संयुक्त निदेशक से लेकर ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों तक सभी को निरीक्षण का लक्ष्य दिया है। हर स्तर के अधिकारी को अपने क्षेत्र के निजी स्कूलों का निरीक्षण करना होगा और लक्ष्य प्राप्त करने पर उन्हें अंक दिए जाएंगे। संयुक्त निदेशक, उप निदेशक, सहायक निदेशक और जिला शिक्षा अधिकारियों को 92-92 अंक, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और एबीईईओ को 112-112 अंक, संदर्भ व्यक्तियों को 138 अंक और पीईईओ व युसीईईओ को अपने क्षेत्र के सभी निजी स्कूलों का निरीक्षण कर चार अंक हासिल करने होंगे। यह अंक आधारित व्यवस्था अधिकारियों को सक्रिय बनाएगी और निजी स्कूलों पर लगातार दबाव बनाए रखेगी।

इनका कहना है...

हर माह निजी स्कूलों का निरीक्षण करने संबधित आदेश आए है। ‘राज शाला संबलन’मोबाइल एप से माध्यम से पड़ताल होगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए टीम गठित की जाएगी।
संतोष कुमार मीणा, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक, सवाईमाधोपुर


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