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Iran Seeks India Help: पश्चिम एशिया में बढ़ते भारी तनाव और युद्ध के मंडराते खतरों के बीच ईरान ने भारत सरकार से एक बहुत बड़ी गुहार लगाई है। ईरान चाहता है कि इस वैश्विक संकट की घड़ी में नई दिल्ली (भारत) मध्यस्थता करे और उसकी मदद के लिए आगे आए।

मिडल ईस्ट (Middle East) से इस वक्त की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय खबर सामने आ रही है। एक तरफ जहां अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच सैन्य टकराव चरम पर पहुंच चुका है, वहीं दूसरी तरफ ईरान ने भारत से इस संकट को टालने के लिए कूटनीतिक मदद मांगी है। इस बड़े घटनाक्रम के बाद भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में रहने वाले लोगों के मन में एक ही बड़ा सवाल है कि ईरान में मौजूद हजारों विदेशी नागरिकों और वहां रह रहे भारतीय समुदाय (Indian Community) की सुरक्षा को लेकर मोदी सरकार क्या कदम उठा रही है?

ईरान में सुरक्षा के हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं, जिससे वहां काम कर रहे और रह रहे भारतीय प्रवासियों के परिवारों की चिंताएं बढ़ गई हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) स्थिति पर पल-पल की नजर बनाए हुए है। सूत्रों के मुताबिक, नई दिल्ली में एक हाई-लेवल इमरजेंसी मीटिंग बुलाई गई है, जिसमें किसी भी आपातकालीन स्थिति में भारतीयों को सुरक्षित बाहर निकालने (Evacuation Plan) की रणनीति पर चर्चा की जा रही है। क्या भारत इस युद्ध को रोकने में कोई बड़ी भूमिका निभाएगा? और ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सरकार का फाइनल ब्लूप्रिंट क्या है? इस संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय मुद्दे की पूरी इनसाइड स्टोरी जानने के लिए इस वीडियो को अंत तक जरूर देखें।

About the Story:
Amid rising geopolitical tensions in the Middle East, Iran has officially sought India's diplomatic intervention and support to defuse the escalating crisis. With waves of uncertainty hitting the region, the global community and Indians worldwide are closely watching New Delhi's stance. This video decodes the safety measures, contingency evacuation frameworks, and strategic steps being taken by the Indian government and the Ministry of External Affairs (MEA) to ensure the absolute security of the Indian diaspora and foreign nationals currently residing in Iran.

#IranWar #IranSeeksIndiaHelp #PMModi #IndiansInIran #MEALive

~HT.318~PR.514~GR.508~VG.HM~

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Transcript
00:00क्या इरान चाहता है कि इस यूद में भारत कोई भूमिका निभाए क्या इरान जानता है क्या इरान ऐसा सोचता
00:06है कि भारत मद्यस्त बने या फिर मोदिस की सरकार है वो कुछ इरान के लिए कदम उठाए
00:13हाँ वो सुप्रेम लीडर के जो अफिशली जो इंडिया में है उन्होंने भारत से कहा आप बड़ा मुलुक है क्योंकि
00:21एक बड़ा मुलुक होने के बाजायात और यानिके तारीखी तालुकात यानिके यूं समझो सधियों से जो तालुकात है उस तालुकात
00:29को रखते हुए �
00:30हिंडुस्तान चाहे तो बहुत बड़ा रोल निभा सकते हैं यानि कि मैं यह नहीं कह रहा हूं जो सुप्रेम लेडर
00:35के नुमाइन दे हैं वो अफिशली कहा है हिंडुस्तान में तो इस से अगर हिंडुस्तानी हुकूमत चाहे आगे बढ़के आएंगे
00:42तो पाकिस्तान से �
00:43श्यादा समवान हिंडुस्तान को देंगा है इरान चुनके बड़ा मुलुक है उनको एरान को चाहिए हिंडुस्तान जैसे मुलुक
00:50आपने भी महिलाओं की बात की उनकी भागेदारी की बात की लेकिन इस यूद से पहले महिलाए वहाँ पर प्रोटेस्ट
00:56कर रही थी बोलती थी कि वहाँ पर फ्रीडम नहीं है और तो इस पर आप क्या सोचते हैं क्या
01:00वो जो वर्ल्ड मीडिया में दिखाये जा रहा था वो इ
01:20यानि जो इरानी यूरोप में, अमरीका में, केनडा में रहते हैं तो वो वीडियोस बना के भेज रहते हैं यानि
01:26दाखिल यानि एरान के अंदर के वीडियोस नहीं थे वो सब बाहर के थे अंदर के वीडियोस में जा पर
01:31आउरते हैं यहाँ पर यहाँ पर एक अच्छी बा
01:50परसंट से ज्यादा कालेजस में आउरते हैं लड़किया हैं तो यहां पर लिजरवरेशन लाना चाह रहता है पारलिमेंट में अगर
01:56पारलिमेंट में बहाँ सुझी बहाँ बोले कि नहीं मर्दों का आप चाहे तो सहुलत दें बिल नहीं ला सकते हैं
02:02उनकी जो जितना हक है हम
02:04आपको किसी का हको मार नहीं सकते है ओपन कर गिये तो यहां पर ज्यादा तर आउरते ही पड़े लिखे
02:09ज्यादा है यहां का लिटरेसी रेट है ना 98% है उसमें आउरतों का 99% है यहां मर्दों से
02:171% ज्यादा लिटरेसी रेट आउरतों का है तो यहां बड़ी बात बता रह
02:34साइड करना चाहिए कि उनको
02:36क्या पसंद है क्या नहीं पसंद है लेकिन
02:38ये जो आपने बताई लिटरसी रेट की
02:40या फिर औरतों के एजुकेशन की
02:42ये एक बहुत बड़ा
02:43बढ़ा मुद्धा है जो दुनिया को सीखना चाहिए
02:46कि ओरतों को एजुकेट करना
02:47कितना इंप्वूर्टेंट है जो इरान भी एक
02:49मेसिज दे लहा है इसके लवर मेरा
02:51आपसे आथी एक सवाल और होगा
02:53इस युद में इस्राइल और
02:55अमेरिका से जो इरान का युद चल रहा है
02:57इस युद में इरान का साथ
02:59कौन-कौन से दे रहे हैं दुनिया के? जो खुले तोर पर आप कह सकते हैं कि एरान का साथ
03:03दे रहे हैं ये देश?
03:29इरान का साथ दे रहे हैं उसके अलावा कोई भी इरान के साथ नहीं है वो कोई हो चाहे पाकिस्तान
03:39हो चाहे वो कोई भी मुल्ग हो लेकिन पाकिस्तान तो मध्यस्ता कर रहा था दो दो बार पाकिस्तान ने मध्यस्ता
03:45कर आई तो आपको फिर अभी आपने कहा कि पाकिस्तान �
03:48साथ नहीं है इस पर आप प्रकाश डालेंगे कि ऐसा आपको क्यों लगता है कि पाकिस्तान तो दुनिया में यह
03:53दिखाने की कोशिश कर रहा है कि वो एरान का की जो यूद है वो रुकवाना चाहता है
03:57नहीं ऐसा नहीं है जब अमरीका को लगने लगा कि 45 दिन होने के बाद इरान जब भारी पड़ रहा
04:03है उनके पास पूरे हतियार खतम हो रहा है तो अमरीका ने आसिफ उनीर और इसे का प्रेमिनिट से से
04:10शाबाश शरीफ से कहा कि आप आओ पीच में बोलके अमरीका लेका है �
04:14इरान कभी नहीं लेका है वो इरान में आके उन्होंने इरान के शर्तों पे जो कंडिशन जो दस पॉइंट रहे
04:20था उस पे हम रड़ी है फिर आपको ने जान रहे हैं का एक गंटे के बाद ये कल लग
04:25रहता है हर दिन उसके स्टेटमेंट शेंज होता है बातचीत करता है हम
04:44करनी चाहता है वह तो अमेरीका और फार है अब यह बाद पा het program ने जो शर्यंत्र कर रहा
05:03था दुनिया को दिखने की कोशिश कर रहा हाथी के दाथ दिखाने के कुछ और है और खाने के कुछ
05:07और है और पाकिस्तान की जो असलिय के आवाम को और इरान को भी वालु में
05:14शबस्राब टोने इडिये और गूने नवीन अब टूनोड़ टान्टार ध्डाब नाय।
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