00:08मारे बंबई में हो जाता है मौनसून में उससे भी ज्यादा बदतर किया क्या है माने बस सांस लिये हमारे
00:17लिए चक्रवात आ गया मा की एक लहर आएगी सब साफ कर देगी आपके लिए लगता है कि दुबई की
00:24चिन्नाई की बंबई बहुत बड़ी बात है
00:27या कोई भी तटी ये शहर हमारे लिए बहुत बड़ी बात है प्रक्रति के लिए नहीं पुछ पी नहीं प्रले
00:34जैसी स्थिति जब बनेगी तो बाकी प्राणी किसी तरह अपना गुजारा कर लेंगे आपका क्या होगा
00:41ना तो हमारा शरीर इस लायक है कि कुछ सह सके ना हमारा मन इस लायक है कि कुछ सह
00:46सके पर इंसान अपनी ओकात भूल गया है
00:49यह आत्मग्यान की कमी से होता है
00:53आत्मग्यान का मतलब ही है अपनी ओकात पर रखते रहना
Comments