00:00मर्द जाती से नफड़त सी हो गई है पहला शोशन जो था घड़ वाले ही थे अब छोटा लड़का भी
00:05हो तो भी मैं नजर मिला के बात नहीं कर पाती हूँ
00:08क्योंकि मुझे लगता है कि ये भी बड़ा हो कर के वही
00:10आजाद हो ना बाप दुखी क्यों हो रहे हो अच्छा है दिख गया सब जल्दी दिख गया
00:15पर मुझे समाज में जो ये लोग इस तरह से देखते हैं मुझे ये हमेशा के लिए खतम कर दा
00:19है मुझे चाहिए नहीं
00:21जिस चीज का सामना कर रहे हो ना पुरुशों ये सेक्शूल व्यवहार का वो कम से कम डेड़ हजार साल
00:28के इतिहास की पैदाईश है
00:30जिसके बॉज़े से मैं पैदल जाती थी अपने काम के लिए मुझे स्कूटी लेना पड़ा कि मुझे ये लोग ना
00:36देखर वो जो और मैं रियक्त करती हूं तो मुझे बुड़ा पोला जाता है
00:40मुझे कहा जाता है कि तुम अपनी नजने जुका लिया करो, अंदेखा कर लिया करो
00:44इस्तरी की एक विशेश छवी बन गई है और पुरुष इस्तरी की ओ उसी के अनुसार देखता है
00:51उसको पता भी नहीं होता हूँ उसने वैसा कब देखना शुरू कर दिया
00:54मैं उसको निर्दोश नहीं कहा रहा हूँ ना उसका पक्ष ले रहा हूँ
00:58बस ये बता रहा हूँ कि ये सब पीछे की बड़ी लंबी धारा से आ रहा है
01:04तकाल में इतना ही करा जा सकता है कि स्वयम को इसके प्रति इम्यून कर दिया जाए
01:10जिसको जो बोलना है वो बोले वो स्वयम भी नहीं बोल रहा है
01:13वो बेहोश है और अपनी हालत पर शोब करने की जरूरत नहीं है
01:18अगर जीवन में कटू अनुभव हो गए हैं तो वो एक मायने में अच्छी बात है
01:24कि अब किसी गलत फहमी में नहीं रहोगे
01:28सबसे ज्यादा बुरी हालत तो उन लड़कियों की होती है
01:31जो 20-25 साल की होती है और अभी रोमेंटिक खयालों में जी रही होती है
01:35कि दुनिया बहुत अच्छी जगए है और दुनिया की वेवस्थाएं
01:39दुनिया की संस्थाएं, दुनिया ने जो रस्मूरिवाज बना रखे हैं, दुनिया ने मेरे लिए जो तैयारियां पहले से रखी हुई
01:45हैं, दुनिया ने मेरे लिए जो तैयारियां पहले से रखी हुई हैं, दुनिया ने मेरे लिए जो अच्छा है कि
01:49तुम अभी रो लिए
01:50जो अभी नहीं रोती हैं उन्हें फिर उम्र भर रोना पड़ता है
01:54वो दुनिया की ववस्थाओं को खुदी स्विकार कर लेती हैं हसके और फिर उम्र भर तड़ती हैं
01:58तुम्हें जो अनुभव हो गए एक तरह से शुक्रिया आदा करो उनका
02:02बोलो धन्यवाद की दुनिया की असलियत मुझे जल्दी दिखा दी
02:05बच्पन से ही दिखा दी अब मैं फसूंगी नहीं यहाँ पर
02:08अब मैं निकल जाओंगी वहाँ जहां महौल बहतर हो
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