00:00मेरे परम्मित्र और इंडोनेशिया के लोगप्रिय राश्पती प्रभवोजी उनके साथ यहां आये हुए मंत्री परिशत के सभी वरिष्ट साथ ही
00:18इंडोनेशिया के और भारत के मेरे भाई और बेहनों
00:25मेरा सद्भाग्य है कहीं ने कहीं मुझे शीवजी के साथ जूडने का आउसर मिली ही जाता है
00:37मेरा जन्म वड़नगर में हुआ हाटकेश्वर महादेव एक बहुत बड़ा तीर्तक्षेत्र है
00:49सोमनात द्वादस जोतिरलिंग में सबसे पहला जोतिरलिंग
00:53जो गुजरात की धर्ति पर है और जिसकी विकास में भी मेरी सीधी जिम्मेबारी है
01:01और मेरा राजनीति कारिक्षेत्र काशी विश्वनात महादेव उसके आशिरवाद नुझ पर हम निरंतर बने रहे हैं
01:15चाए केदारधाम का पुनर दिर्माण हो चाए उज्जेन महाकाल का पुनर दिर्माण हो
01:23या आज यहाँ पर आकर के करीब तरिब हजार बारा सो साल पुराना ब्रह्मा विश्णो महेश इन यादों को साथ
01:38जुड़ी हुए
01:40एक हमारी सांस्कृतिक विरासत का पुनर द्धार और उसका रिनुवेशन का काम उसका प्रारंब करने का सवभाग्य भी मुझे मिला
01:54मैं अपने आप में बहुत बड़ा भागिशा लिबानता हूँ
01:59मेरे लिए बहुत सुखद अनुभव रहा
02:04मेरी आत्रा का आज तीसरा दिवस है लेकिन यहां के जीवन में यहां की बातों में
02:15यहां की हवा में एक संस्कृति की खुश्वू है वो खुश्वू जो हम भारत की धर्ति पर पल पल अनुभव
02:27करते हैं
02:28यह खुश्वू हमारी संस्कृतिक विरासत यह अपने आप में अपनत्व से जोडती हैं
02:38बारा सो साल मैं यहां के लोगों का रदेश से धनवाद करता हूं कि उन्होंने इतनी बड़ी विरासत को
02:48जिस प्रकार से समाला है जिस प्रकार से समारा है और स्रधा भाव से किया है इसलिए मैं इंडोनेशिया के
02:59नागरीकों का भी और अब तक रहे हुए सभी शासकों का भी मैं रदेश से अभिनंदन करता हूं
03:07अगर मैं लासा में कैलास मान सुरवर की यात्रा करता हूं यह राज मैं इंडोनेशिया के इस पवित्रे टेंपल में
03:19आता हूं
03:20मैं देख रहा था एक ही गुंज महा मुर्तिय जाप यहां हो रहा था ओम नमस्षिवाय का उच्चारण हर कोई
03:30कर रहा था यह अपने आप में रदे को सपर्स करने वाला था
03:35और मैं देख रहा हूं कि योग्यकार्ता के इस भव्यमंदिर कॉंपलेक्स में अब जब हम पुनर निर्मार का काम करने
03:45जा रहे हैं और यह युनेश्को का वर्ल्ड हरिटेज है
03:50मुझे पुरा विश्वास है आज के बाद भारत के यात्री तो यहां जरूर आएंगे दुनिया के दूर दूर शेत्रों में
04:00कहीं पर भी जाए हमें कहीं न कहीं भारत के सांस्कूतिक विरासत के दर्शन होते हैं
04:08यह पूरे सावतिक एश्या का दूसरा सबसे बड़ा हमारी विरासत की पहचान है इस मंदिर में भगवान शीव, मादूर्गा और
04:19गणिजी की प्रतिमाएं हैं सद्यों तक इस मंदिर में बहुत आस्ता से पूजा होती रही है
04:25आज मुझे भी इस मंदिर के दर्शन और बिलकुल सास्त्रोक दरुप से पूजन करने का सौभागी मिला है
04:35यह मेरे जीवन के लिए बहुत ही चैतन्य प्रणक्षन में मान सकता हूँ
04:42मित्र प्रसिजेंट प्रभवोजी उनके साथ यहां आने से यह आयोजन मेरे लिए विशेस हो गया है
04:53इस वर्थ से भारत इंडोनेशिया की मित्रता को मजबूत करने
05:00हम दोनों देशों के नागरिकों के कल्यान और दोनों देशों के तेज विकास के लिए
05:09परमात्मा से प्रार्षना की है भक्ति भाव से पूजा की है
05:14मुझे पूरा विश्वास है मेरे मेत्र राष्पति जी जिस प्रगार से किसी काम को हाथ में लेते हैं
05:22तो फोजी के नाथे बहुत वैल प्लान करते हैं और समय से पहले पका पूरा करेंगे
05:28और आज उन्होंने मुझे से प्रोमिस लिया है कि 29 के पहले इस काम को हम कर लेंगे और आपको
05:35दूबार आना है
05:36मैं आपको वादा करता हूँ कि मैं इसके पुन्न निर्माण के बाद जुरूर यहां आऊंगा और आपके साथ इस उत्सव
05:46को मनाऊंगा
05:49राजपती जी मैं इंडोनेशिया में लेंड हुआ और अब थरड़ी देर के बाद विज़ाय दूँगा
05:59लेकिन आपने जो समय निकाला पूरा समय आप मेरे साथ रहे और हर कारकम में
06:06जिस प्रकार से अपने बारीकी से इसका प्लानिंग किया एज्यूकुशन किया
06:17एक मित्र के नाते इतने शांदार स्वागत के लिए इतनी आत्मियता के लिए
06:27मैं भारत के 140 करोर नागरीकों की तरफ से और व्यक्ति का दूर्प से मेरी तरफ से
06:34मैं आपका बहुत बहुत आभायर व्यक्त करता हूँ
06:45अभी वन इंडिया एप डाउनलोड करें
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