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  • 4 months ago
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT की शुरुआती रिपोर्ट सामने आ गई है और रिपोर्ट में ऐसे खुलासे हुए हैं जिन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. जांच के मुताबिक सिर्फ 45 दिन की CCTV फुटेज में आरोपियों को करीब 70 बार नोटों की गड्डियां निकालते हुए देखा गया, हालांकि चोरी की कुल रकम कितनी है, इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है.SIT रिपोर्ट के अनुसार चोरी इसलिए संभव हुई क्योंकि चढ़ावे की गिनती से जुड़े कई सुरक्षा नियमों का पालन ही नहीं किया जा रहा था. कर्मचारियों की तलाशी नहीं ली जा रही थी. ड्रेस कोड लागू नहीं था. निजी सामान पर नियंत्रण नहीं था और दान पेटियों की गिनती और रिकॉर्डिंग की प्रक्रिया में भी कई खामियां थीं.  रिपोर्ट में कहा गया है कि 6 फरवरी 2025 को चढ़ावे की गणना को सुरक्षित बनाने के लिए सख्त SOP लागू की गई थी, लेकिन बाद में इन नियमों को कमजोर कर दिया गया. SIT का मानना है कि इन्हीं कमजोरियों का फायदा उठाकर आरोपियों ने चढ़ावे की रकम पर हाथ साफ किया.जांच में सबसे बड़ी चूक CCTV निगरानी को माना गया है. कैमरे लगे हुए थे लेकिन उनकी लाइव मॉनिटरिंग नहीं हो रही थी. इतना ही नहीं, मंदिर जैसे संवेदनशील परिसर में CCTV फुटेज सिर्फ 45 दिन तक ही सुरक्षित रखी जा रही थी, जबकि पहले 180 दिन तक फुटेज सुरक्षित रखने की सलाह दी गई थी. इसी वजह से यह पता नहीं चल सका कि चोरी कब से चल रही थी और कुल कितनी रकम गायब हुई.SIT रिपोर्ट में राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव को मुख्य आरोपी बताया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक दान पेटियों की चाबियां उसके पास रहती थीं और उसने अपने भतीजे मनीष यादव को भी गणना प्रक्रिया से जुड़वाया था. जांच एजेंसी का दावा है कि दोनों ने मिलकर चोरी की साजिश को अंजाम दिया.रिपोर्ट में ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए गए हैं, वहीं गणना प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव और बैंक प्रतिनिधियों की भूमिका को लेकर भी गंभीर टिप्पणियां की गई हैं.Conclusion:

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00:28।
00:40रिपोर्ट में कहा गया कि 6 फरवरी 2025 को चड़ावे की गढ़ना को सुरक्षित बनाने के लिए सक्त SOP लागू
00:46की गई थी
00:47लेकिन बाद में नियमों को कमजूर कर दिया गया
00:49SIT का मानना है कि इनी कम्यों का फायदा उठा कर आरुक्यों ने चड़ावे की रकम पर हाथ साफ कर
00:55दिया
00:57चार्च में इस सबसे बड़ी चूप CCTV निगरानी को माना गया
01:00लेकिन उनकी लाइ मॉनेटरिंग नहीं हो रही थी
01:03इतना ही नहीं
01:04मंदीर जैसे समिधन शिल परिसर में CCTV फोटेज सिर्फ 45 दिन तक ही सुरक्षित रखे जा रही थी
01:09जबकि पहले 180 दिन का फोटेज सुरक्षित रखने की सलह दी गई थी
01:13इसी वजह से ये पता नहीं चल सका है कि चोड़ी कब से चल रही थी
01:16और कुल कितनी रकम गायब होई
01:19SIT रिपोर्ट में रामशंकर यादव और फ्टिन्यू यादव को मुख्या रूपे बताया गया है
01:23रिपोर्ट के मताबिक दान पीटियों की चाबियां उसी के पास रहती थी
01:26और उसने ही अपने भतीजे मनिश्यादव को भी गर्णा परक्रिया से जड़वाया था
01:31जाँच एजन्सी का दावा है कि दोनों ने मिलकर चोरी की साजिश को अंजाम दिया
01:36रिपोर्ट में ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्टा की निगरानी व्यवस्ता पर भी सवाल उठाए गए है
01:40वहीं गर्णा प्रभारित सुभाष श्रिवास्तव और बैंक प्रतिनिदियों की भूमिका को लेकर भी गंभीर टिपनिया की गई है
01:46हालां कि अभीय श्रुवाती रिपोर्ट है, अंतिम रिपोर्ट आना बाकी है
01:49जिसमें प्रशासनिक जिम्मेदारी और संभावित कारवाई को लेकर और बड़े खुलासे हो सकते हैं
01:54पीरो रिपोर्ट पीटीवी भारत

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