00:28।
00:40रिपोर्ट में कहा गया कि 6 फरवरी 2025 को चड़ावे की गढ़ना को सुरक्षित बनाने के लिए सक्त SOP लागू
00:46की गई थी
00:47लेकिन बाद में नियमों को कमजूर कर दिया गया
00:49SIT का मानना है कि इनी कम्यों का फायदा उठा कर आरुक्यों ने चड़ावे की रकम पर हाथ साफ कर
00:55दिया
00:57चार्च में इस सबसे बड़ी चूप CCTV निगरानी को माना गया
01:00लेकिन उनकी लाइ मॉनेटरिंग नहीं हो रही थी
01:03इतना ही नहीं
01:04मंदीर जैसे समिधन शिल परिसर में CCTV फोटेज सिर्फ 45 दिन तक ही सुरक्षित रखे जा रही थी
01:09जबकि पहले 180 दिन का फोटेज सुरक्षित रखने की सलह दी गई थी
01:13इसी वजह से ये पता नहीं चल सका है कि चोड़ी कब से चल रही थी
01:16और कुल कितनी रकम गायब होई
01:19SIT रिपोर्ट में रामशंकर यादव और फ्टिन्यू यादव को मुख्या रूपे बताया गया है
01:23रिपोर्ट के मताबिक दान पीटियों की चाबियां उसी के पास रहती थी
01:26और उसने ही अपने भतीजे मनिश्यादव को भी गर्णा परक्रिया से जड़वाया था
01:31जाँच एजन्सी का दावा है कि दोनों ने मिलकर चोरी की साजिश को अंजाम दिया
01:36रिपोर्ट में ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्टा की निगरानी व्यवस्ता पर भी सवाल उठाए गए है
01:40वहीं गर्णा प्रभारित सुभाष श्रिवास्तव और बैंक प्रतिनिदियों की भूमिका को लेकर भी गंभीर टिपनिया की गई है
01:46हालां कि अभीय श्रुवाती रिपोर्ट है, अंतिम रिपोर्ट आना बाकी है
01:49जिसमें प्रशासनिक जिम्मेदारी और संभावित कारवाई को लेकर और बड़े खुलासे हो सकते हैं
01:54पीरो रिपोर्ट पीटीवी भारत