00:00क्या आपकी गाड़ी E20 पेट्रोल पर पहले से कम माईलिज दे रही है?
00:04क्या एथनॉल मिला पेट्रोल आपकी जेब पर भारी पढ़ रहा है?
00:07और सबसे बड़ा सवाल के सरकार जिस E20 फ्यूल को भविश्य बता रही है
00:12उससे वाकई लोगों का खर्च बढ़ गया है
00:15इसी सवाल ने संसद में भी जोडार बहस छेट दी है
00:19एक संसद ने सरकार से सीधा सवाल पूछा कि अगर एथनॉल ब्लेंडिंग से माईलेज कम हो रहा है
00:25तो इसका नुकसान आकि रुभोग का क्यों उठाए?
00:28नमस्कार मैं हुरिचा पराशर और आप देख रहे हैं One India Hindi
00:31भारत इस समय दुनिया के सबसे बड़े एथनॉल ब्लेंडिंग कारेक्रमों में से एक चला रहा है
00:36सरकार का लक्ष पेट्रॉल में एथनॉल की हिस्सेदारी लगतार बढ़ाना है
00:40ताकि कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम हो
00:44किसानों की आय बढ़े और प्रिदूर्शन घटे
00:46लेकिन दूसरी तरफ लाखों वाहन मालिकों के मन में एक सवाल लगतार बना हुआ है
00:51क्या E-20 पेट्रोल से गाड़ी का माइलेज कम हो जाता है
00:54हाली में एक सांसद ने भी ये मुद्दा उठाया
00:57उन्होंने पूझा कि अगर एथनॉल की उर्जा शमता सामाने पेट्रोल से कम है
01:01तो इसका सीधा असर माइलेज पर पढ़ता है
01:04और अगर पढ़ता है तो आम उप भोगता को इसकी भरपाई कौन करेगा
01:07सरकार ने अपने जवाब में कहा कि एथनॉल ब्लेंडिंग एक राष्ट्रिय कारिक्रम है
01:11और इससे देश को कई बड़े आर्थिक और परियावरन वाले फायदे मिल रहे हैं
01:16लेकिन साथ ही ये भी स्विकार किया गया कि एथनॉल और पेट्रोल की उर्जय शमता समान नहीं होती
01:22यही से पूरी बहस शुरू हो जाती है
01:24सबसे पहले समझते हैं कि आखिर E20 पेट्रोल होता क्या है
01:28E20 का मतलब है ऐसा पेट्रोल जिसमें 20 प्रतिशत एथनॉल और 80 प्रतिशत सामान ने पेट्रोल मिला हो
01:34एथनॉल एक प्रकार का अलकोहल आधारित इंधन है
01:38जोसे मुख्य रूप से गन्ने के शीरे, मक्का और अन्य कृष्य उत्पादों से तयार किया जाता है
01:43भारत में पहले E5, फिर E10 और अब धीरे-धीरे E20 की तरफ बढ़ा जा रहा है
01:49सरकार का कहना है कि इस से हर साल हजारो करोड रुपे का विदेशी मुद्रा खर्च बच सकता है
01:55क्योंकि भारत अपनी जरूरत का बढ़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयाद से पूरा करता है
02:14आसान भाषा में कहें तो एक लिटर एथनॉल जलने पर उतनी उज्या पैदा नहीं करता जितनी एक लिटर पेट्रॉल करता
02:21है
02:22यही वज़ा है कि यदि इंजन को उसी अनुपात में इंधन जलाना पड़े तो कुछ परस्तितियों में माईलेज गम दिखाई
02:28दे
02:28इंटन ओयल, आटो मुबाइल कमपनियों और नई और कई सारी तकनिकी अध्यायनों में भी ये बात सामने आई है कि
02:34यदि वाहन E20 के लिए विशेश रूप से डिजाइन नहीं किया गया है तो माईलेज महल की गिरावट महसूस की
02:41जा सकती है
02:42हलाकि ये गिरावट हर वाहन में समान नहीं होती है कुछ गाड़ियों में ये अंतर लगभग 2-3 प्रितिशत तक
02:49हो सकता है जबकि कुछ पुरारे मॉटल्स में इससे अधिक भी महसूस किया जा सकता है
02:54यही पर दूसरा बहतोपूर्ण सवाल आता है अगर माईलेज कम होगा तो क्या लोगों का खर्च बढ़ेगा
02:59माल लीजिए आपके बाइक पहले से एक लिटर में 50 किलोमेटर चलती थी और अब वही 48 किलोमेटर चल रही
03:07है
03:07यानि आपको समान दूरी तैक करने के लिए थोड़ा ज्यादा इंधन खरीदना पड़ेगा अब यहीं तरक रखा गया है कि
03:13अधि वोगता को अधिक इंधन खरीदना पड़ रहा है तो उसका तरिक खर्च कौन बहत करेगा
03:17क्योंकि जब E20 या फिर Ethanol Blending Patrol की बात देश में की गई थी तो खुद परिवहन मंत्री नहीं
03:23कहा था कि देश में तो प्रेट्रोल सस्ता हो जाएगा
03:25कई सारे वीडियोज भी वाइरल हो रहे हैं उसे रिलेटिड हलाकि अब उनका यूटन भी आया है कि हमने ऐसा
03:31कभी नहीं कहा था लेकिन दोनों वीडियोज सोशल मीडिया पर अवैलेबल है और वाइरल भी है
03:35तो सस्ता तो हुआ नहीं लेकिन अतरीक तो खर्च बढ़ गया वो कौन उठाएगा
03:40सरकार का जवाब अलग था सरकार का कहना है कि केवल माइलेज को देखर इस योशना का मुल्यांकर नहीं किया
03:46जा सकता
03:46सरकार के मुताबिक एथनॉल ब्लेंडिंग से देश के कई सतरों पर लाब मिल रहे है
03:51पहला बड़ा फाइदा विदेशी मुद्रा की बचत हो रही है
03:54भारत हर साल भारी मात्रा में कच्चा तेल आयात करता है
03:58यानि पेट्रॉल में एथनॉल की हिस्तेदारी बढ़ती है
04:01तो आयाती तेल की जरूरत कम होगी
04:03दूसरा फाइदा किसानों की आये
04:06गन्ना उत्पादक किसानों को अतरिक्त बाजार मिलता है
04:09मक्का और अन्य फसलों की मांग भी बढ़ती है
04:16सरकार का दावा है कि एथनॉल मिश्रित इंदन से
04:19ग्रीन हाउस गैस उत्सरजिन कम करने में मदद मिलती है
04:22यानि सरकार इस योजना को केवल वाहन मालिकों की नजरिये से नहीं
04:26बलकि पूरी अर्थववस्था और उठजा की नजरिये से देख रही है
04:29लेकिन क्या ओटो मॉवाइल कमपनिया भी इससे सहमत है
04:33यही से कहानी और ज्यादा दल्चस्प हो जाए
04:37क्योंकि इसके बाद एक और सवाल आ रहा है
04:39कि अगर एथनॉल मिश्रित पेट्रॉल को लेकर इतना बड़ा भियान चलाया जा रहा है
04:43तो आके इसका सबसे बड़ा फाइदा किसे होगा
04:45और सबसे ज्यादा आसर किस पर पड़ेगा
04:47क्योंकि पेट्रॉल पंपर गाड़ी में तेल भरवाने वाला आम आदमी सिर्फ एक बात जानना चाहता है
04:53मेरी ज्येपर क्या आसर पड़ेगा
04:55यही से पूरी बहस और दल्चस पुझाती है
04:57अब देखिए एथनॉल ब्लेंटिंग का सबसे बड़ा आर्थिक उदेश्य भारत के आयात बिल को कम करना है
05:04अब भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिश्रत से ज्यादा कच्चा तेल विदेशों से ही खरीदता है
05:10मतलब अगर अगर अतराष्ट्य या बाजार में कच्चे दिल की कीमत बढ़ती है
05:14तो उसका सीधा अज़र भारत की अर्थववस्था पर पढ़ सकता है
05:17यही बज़ा है कि सरकार लंबे समय से ये कोशिश कर रही है
05:20कि पेट्रॉल में धीरे धीरे घरेलो उस्तर पर तयार होने वाले इंधन की इस्तेदारी बढ़ाए जाएगा
05:26यही एथनॉल काम आता है
05:28लेकि दूसरी तरफ एक दूसरा सवाल भी है
05:30अगर ज्यादा एथनॉल बनेगा तो आएगा कहां से
05:34भारत में एथनॉल मुख्य रूप से गन्ने, शीरे, मक्का और दूसरे कृशी उत्पादों से तयार किया जाता है
05:40यह हमने आपको पहले भी बताया है
05:42यानि जितनी जियादा एथनॉल की मांग बढ़ेगी
05:46उतना ज्यादा दबाब कृशी उत्पाद पर भी आएगा
05:48कुछ अर्थ शास्त्रियों का मानना है कि अगर भविशे में इंधन के लिए फसलों का इस्तमाल बहुत ज्यादा बढ़ गया
05:55तो इसका सरकाद सुरक्ष और कृशी बाजार पर भी पढ़ सकता है
05:58अलाके सरकार का कहना है कि एतनौल उत्पादन के लिए अलग-अलग फीड स्टॉक का इस्तमाल किया जा रहा है
06:05ताकि खाने वाली फसलों पर अतिरिक दबाब ना पड़े
06:07तो अब आते हैं वाहन मालिकों की चिंता पर
06:10कई लोग पूछ रहे हैं कि क्या E20 हर गाड़ी के लिए सुरप्षित है
06:14उत्तर थोड़ा सा टेक्निकल है
06:16भारत में पिछले कुछ वर्षों से बनने वाले कई नई वाहन E20 compatible बनाये जा रहे हैं
06:23लेकिन सड़क पर आज भी लाखों ऐसे बाईक और लाखों कारे चल रही हैं
06:27जिन्हें मूल रूप से E10 या फिर उससे कम मिश्टन को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया था
06:32इसे वज़े से वाहन नर्मारता कंपनियां भी अलग-अलग सलाह दे रही हैं
06:36कुछ कमपनिया कहती हैं कि पुराने मॉडल में लंबी अविधी तक E20 इस्तमाल करने से पहले सर्विस सेंटर की सलाह
06:44लेनी चाहिए
06:44कुछ कमपनिया इसे पूरी तरह सुरक्षित बताती हैं लेकिन केवल उन मॉडलों के लिए जिने E20 गोशित किया गया है
06:52यहां एक नियम सब पर लागू वाली सिती नहीं है हर वाहन की टेकनीक अलग है
06:58अब एक और बड़े सवाल आता है अगर माइलेज कम हो जाता है तो क्या पिट्रोल सस्ता मिलेगा यही वो
07:04सवाल है
07:04जो से लेकर कई सांसदों और विशेशग्यों ने भी सरकार से जवाब मांगा है
07:09क्योंकि यदि किसी वाहन को पहले 20 किलमेटर प्रती लीटर का माइलेज मिलता था और अब वही वाहन कम दूरी
07:15तय करता है
07:15तो उप्भोक्ता ज्यादा इंदन खरीदेगा
07:17ऐसे में केवल ये कहना कि पर्यावणन को फाइदा मिलेगा आम उप्भोक्ता की पूरिच्विंता का जबाब नहीं माना जासे
07:24सरकार का पक्ष ये है कि एथनॉल मिश्रिन से देश को विदेशी मुद्रा की बचत होगी
07:29किसानों को अतरिक्त बाजार मिलेगा कारवन उठसर्जन कम होगा लेकिन उप्भोक्ता का सवाल तो अलग है
07:34वो पोच रहा है अगर मुझे पहले से ज्यादा पिट्रॉल भरवाना पड़े तो मेरी जेब का क्या होगा
07:40इसी वज़े से ये मुद्दा अब उठ रहा है
07:59विशलेशन किया गया है इन सवालों के जवाब आने वाले समय में इस बहस को और आगे बढ़ा सकते हैं
08:06तो अब ज़रा पर्यावरण वाला जो पहलू है उसको भी समझते हैं
08:09एतनोल को अपेक्षा क्रित स्वक्ष इंधन माना जाता है
08:12इसके इस्तिमाल से कार्बन, मोनो उक्साइड और कुछ अन्य प्रदूशकों के उठ सर्जन में कमी आने की बात कई वैग्ज्यानिक
08:19अधहयनों में भी कही गई है
08:21लेकिन कुछ विशिशग ये भी कहते हैं कि केवल टेल पाइप एमिशन देहकर पूरी तस्वीर नहीं समझी जा सकती
08:27ये भी देखना होगा कि एतनोल बनाने में कितनी उर्जा लगी
08:31कितना पानी इस्तिमाल हुआ, क्रिशी उत पादन पर कितना दबाब पढ़ा
08:34और पूरी सप्लाई चेन का कारबन फुट्प्रिंट कितना रहा
08:38यानि अलग बहस केवल पेट्रॉल में कितना एतनोल मिला तक समित नहीं है
08:43बलकि ये पूरे उर्जा मॉडल की बहस है
08:46इसी वज़े से दुनिया के अलग-अलग देशों ने अपनी जरूरत के हिसाब से अलग-अलग मॉडल अपनाए
08:52कहीं E10 लागू है, कहीं E15 और कहीं E20
08:56और कुछ देशों में फ्लेक्स फ्यूल भाहन भी बड़े पैमाने पर चल रहे है
09:00भारत भी उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है
09:02लेकिन इस बदलाव की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी
09:06कि सरकार वाहन निर्माता कंपनिया और तेल कंपनिया लोगों के सामने पूरी पार दरशिता से तथ्य रखे
09:12अगर माईलेज पर असर पड़ता है तो उसके आकड़े सामने आने चाहिए
09:17अगर कुछ पुराने वाहनों के लिए तकनीकी सावधानी जरूरी है तो वो भी इस पश्ट रूप से बताई जाने चाहिए
09:23और अगर लंबे समय में इससे देश को आर्थिक फायदा होने वाला है तो उसका ठोस गणित भी जनता को
09:29समझाया जाना चाहिए
09:30क्योंकि आखिरकार ये बदलाओ केवल इंधर बदलने का तो नहीं है बलकि करोड़ों भारतियों की जेब देश की उर्जा सुरक्षा
09:38और भविशी की अर्थ वैवस्था से जुड़ा हुआ फैसला है
09:41तो इसकी जवाब दे ही और इसकी जिमेंदारी भी सरकार की है अब सरकार आगे किस तरह से जनता के
09:47सामने इसकी क्लारिटी रखती है ये तो आने वाले वक्त में पड़ा चलेगा लेकिन फिलहाल E20 पर देश में बहस
09:53जारी है इस खबर में इतना ही अपडेट्स के लिए दे
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