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E20 Petrol Mileage Drop: क्या एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल के इस्तेमाल से आपकी गाड़ी का माइलेज कम हो रहा है? इसी गंभीर मुद्दे को लेकर संसद में जोरदार बहस छिड़ गई है, जहाँ सरकार से सीधा जवाब मांगा गया है।
भारत इस समय अपने सबसे बड़े एथेनॉल ब्लेंडिंग (Ethanol Blending) कार्यक्रमों में से एक को आगे बढ़ा रहा है, जिसके तहत पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाने (E20 Fuel) का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का तर्क है कि इससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण को फायदा पहुंचेगा। लेकिन दूसरी तरफ, देश के लाखों वाहन मालिकों के मन में यह सवाल है कि क्या इस नए ईंधन से गाड़ियों का माइलेज घट रहा है और आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है?

तकनीकी अध्ययनों और ऑटोमोबाइल कंपनियों की रिपोर्ट के मुताबिक, जो गाड़ियाँ विशेष रूप से E20 ईंधन के लिए डिज़ाइन नहीं की गई हैं, उनके माइलेज में 2 से 3 प्रतिशत या उससे अधिक की गिरावट देखी जा सकती है। इससे लोगों को समान दूरी तय करने के लिए अधिक ईंधन खरीदना पड़ रहा है। इस पूरी बहस, एथेनॉल के गणित और अपनी जेब पर पड़ने वाले असर को विस्तार से समझने के लिए एंकर ऋचा पराशर के साथ यह वीडियो अंत तक देखें।


A heated debate broke out in Parliament over the impact of E20 petrol on vehicle mileage. While the government highlights the economic and environmental benefits of the Ethanol Blending Program, concerns rise among vehicle owners as lower calorific value of ethanol leads to a dip in fuel efficiency, increasing the daily commuting cost for common citizens.

#E20Petrol #EthanolBlending #MileageDrop #ParliamentDebate

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Transcript
00:00क्या आपकी गाड़ी E20 पेट्रोल पर पहले से कम माईलिज दे रही है?
00:04क्या एथनॉल मिला पेट्रोल आपकी जेब पर भारी पढ़ रहा है?
00:07और सबसे बड़ा सवाल के सरकार जिस E20 फ्यूल को भविश्य बता रही है
00:12उससे वाकई लोगों का खर्च बढ़ गया है
00:15इसी सवाल ने संसद में भी जोडार बहस छेट दी है
00:19एक संसद ने सरकार से सीधा सवाल पूछा कि अगर एथनॉल ब्लेंडिंग से माईलेज कम हो रहा है
00:25तो इसका नुकसान आकि रुभोग का क्यों उठाए?
00:28नमस्कार मैं हुरिचा पराशर और आप देख रहे हैं One India Hindi
00:31भारत इस समय दुनिया के सबसे बड़े एथनॉल ब्लेंडिंग कारेक्रमों में से एक चला रहा है
00:36सरकार का लक्ष पेट्रॉल में एथनॉल की हिस्सेदारी लगतार बढ़ाना है
00:40ताकि कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम हो
00:44किसानों की आय बढ़े और प्रिदूर्शन घटे
00:46लेकिन दूसरी तरफ लाखों वाहन मालिकों के मन में एक सवाल लगतार बना हुआ है
00:51क्या E-20 पेट्रोल से गाड़ी का माइलेज कम हो जाता है
00:54हाली में एक सांसद ने भी ये मुद्दा उठाया
00:57उन्होंने पूझा कि अगर एथनॉल की उर्जा शमता सामाने पेट्रोल से कम है
01:01तो इसका सीधा असर माइलेज पर पढ़ता है
01:04और अगर पढ़ता है तो आम उप भोगता को इसकी भरपाई कौन करेगा
01:07सरकार ने अपने जवाब में कहा कि एथनॉल ब्लेंडिंग एक राष्ट्रिय कारिक्रम है
01:11और इससे देश को कई बड़े आर्थिक और परियावरन वाले फायदे मिल रहे हैं
01:16लेकिन साथ ही ये भी स्विकार किया गया कि एथनॉल और पेट्रोल की उर्जय शमता समान नहीं होती
01:22यही से पूरी बहस शुरू हो जाती है
01:24सबसे पहले समझते हैं कि आखिर E20 पेट्रोल होता क्या है
01:28E20 का मतलब है ऐसा पेट्रोल जिसमें 20 प्रतिशत एथनॉल और 80 प्रतिशत सामान ने पेट्रोल मिला हो
01:34एथनॉल एक प्रकार का अलकोहल आधारित इंधन है
01:38जोसे मुख्य रूप से गन्ने के शीरे, मक्का और अन्य कृष्य उत्पादों से तयार किया जाता है
01:43भारत में पहले E5, फिर E10 और अब धीरे-धीरे E20 की तरफ बढ़ा जा रहा है
01:49सरकार का कहना है कि इस से हर साल हजारो करोड रुपे का विदेशी मुद्रा खर्च बच सकता है
01:55क्योंकि भारत अपनी जरूरत का बढ़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयाद से पूरा करता है
02:14आसान भाषा में कहें तो एक लिटर एथनॉल जलने पर उतनी उज्या पैदा नहीं करता जितनी एक लिटर पेट्रॉल करता
02:21है
02:22यही वज़ा है कि यदि इंजन को उसी अनुपात में इंधन जलाना पड़े तो कुछ परस्तितियों में माईलेज गम दिखाई
02:28दे
02:28इंटन ओयल, आटो मुबाइल कमपनियों और नई और कई सारी तकनिकी अध्यायनों में भी ये बात सामने आई है कि
02:34यदि वाहन E20 के लिए विशेश रूप से डिजाइन नहीं किया गया है तो माईलेज महल की गिरावट महसूस की
02:41जा सकती है
02:42हलाकि ये गिरावट हर वाहन में समान नहीं होती है कुछ गाड़ियों में ये अंतर लगभग 2-3 प्रितिशत तक
02:49हो सकता है जबकि कुछ पुरारे मॉटल्स में इससे अधिक भी महसूस किया जा सकता है
02:54यही पर दूसरा बहतोपूर्ण सवाल आता है अगर माईलेज कम होगा तो क्या लोगों का खर्च बढ़ेगा
02:59माल लीजिए आपके बाइक पहले से एक लिटर में 50 किलोमेटर चलती थी और अब वही 48 किलोमेटर चल रही
03:07है
03:07यानि आपको समान दूरी तैक करने के लिए थोड़ा ज्यादा इंधन खरीदना पड़ेगा अब यहीं तरक रखा गया है कि
03:13अधि वोगता को अधिक इंधन खरीदना पड़ रहा है तो उसका तरिक खर्च कौन बहत करेगा
03:17क्योंकि जब E20 या फिर Ethanol Blending Patrol की बात देश में की गई थी तो खुद परिवहन मंत्री नहीं
03:23कहा था कि देश में तो प्रेट्रोल सस्ता हो जाएगा
03:25कई सारे वीडियोज भी वाइरल हो रहे हैं उसे रिलेटिड हलाकि अब उनका यूटन भी आया है कि हमने ऐसा
03:31कभी नहीं कहा था लेकिन दोनों वीडियोज सोशल मीडिया पर अवैलेबल है और वाइरल भी है
03:35तो सस्ता तो हुआ नहीं लेकिन अतरीक तो खर्च बढ़ गया वो कौन उठाएगा
03:40सरकार का जवाब अलग था सरकार का कहना है कि केवल माइलेज को देखर इस योशना का मुल्यांकर नहीं किया
03:46जा सकता
03:46सरकार के मुताबिक एथनॉल ब्लेंडिंग से देश के कई सतरों पर लाब मिल रहे है
03:51पहला बड़ा फाइदा विदेशी मुद्रा की बचत हो रही है
03:54भारत हर साल भारी मात्रा में कच्चा तेल आयात करता है
03:58यानि पेट्रॉल में एथनॉल की हिस्तेदारी बढ़ती है
04:01तो आयाती तेल की जरूरत कम होगी
04:03दूसरा फाइदा किसानों की आये
04:06गन्ना उत्पादक किसानों को अतरिक्त बाजार मिलता है
04:09मक्का और अन्य फसलों की मांग भी बढ़ती है
04:16सरकार का दावा है कि एथनॉल मिश्रित इंदन से
04:19ग्रीन हाउस गैस उत्सरजिन कम करने में मदद मिलती है
04:22यानि सरकार इस योजना को केवल वाहन मालिकों की नजरिये से नहीं
04:26बलकि पूरी अर्थववस्था और उठजा की नजरिये से देख रही है
04:29लेकिन क्या ओटो मॉवाइल कमपनिया भी इससे सहमत है
04:33यही से कहानी और ज्यादा दल्चस्प हो जाए
04:37क्योंकि इसके बाद एक और सवाल आ रहा है
04:39कि अगर एथनॉल मिश्रित पेट्रॉल को लेकर इतना बड़ा भियान चलाया जा रहा है
04:43तो आके इसका सबसे बड़ा फाइदा किसे होगा
04:45और सबसे ज्यादा आसर किस पर पड़ेगा
04:47क्योंकि पेट्रॉल पंपर गाड़ी में तेल भरवाने वाला आम आदमी सिर्फ एक बात जानना चाहता है
04:53मेरी ज्येपर क्या आसर पड़ेगा
04:55यही से पूरी बहस और दल्चस पुझाती है
04:57अब देखिए एथनॉल ब्लेंटिंग का सबसे बड़ा आर्थिक उदेश्य भारत के आयात बिल को कम करना है
05:04अब भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिश्रत से ज्यादा कच्चा तेल विदेशों से ही खरीदता है
05:10मतलब अगर अगर अतराष्ट्य या बाजार में कच्चे दिल की कीमत बढ़ती है
05:14तो उसका सीधा अज़र भारत की अर्थववस्था पर पढ़ सकता है
05:17यही बज़ा है कि सरकार लंबे समय से ये कोशिश कर रही है
05:20कि पेट्रॉल में धीरे धीरे घरेलो उस्तर पर तयार होने वाले इंधन की इस्तेदारी बढ़ाए जाएगा
05:26यही एथनॉल काम आता है
05:28लेकि दूसरी तरफ एक दूसरा सवाल भी है
05:30अगर ज्यादा एथनॉल बनेगा तो आएगा कहां से
05:34भारत में एथनॉल मुख्य रूप से गन्ने, शीरे, मक्का और दूसरे कृशी उत्पादों से तयार किया जाता है
05:40यह हमने आपको पहले भी बताया है
05:42यानि जितनी जियादा एथनॉल की मांग बढ़ेगी
05:46उतना ज्यादा दबाब कृशी उत्पाद पर भी आएगा
05:48कुछ अर्थ शास्त्रियों का मानना है कि अगर भविशे में इंधन के लिए फसलों का इस्तमाल बहुत ज्यादा बढ़ गया
05:55तो इसका सरकाद सुरक्ष और कृशी बाजार पर भी पढ़ सकता है
05:58अलाके सरकार का कहना है कि एतनौल उत्पादन के लिए अलग-अलग फीड स्टॉक का इस्तमाल किया जा रहा है
06:05ताकि खाने वाली फसलों पर अतिरिक दबाब ना पड़े
06:07तो अब आते हैं वाहन मालिकों की चिंता पर
06:10कई लोग पूछ रहे हैं कि क्या E20 हर गाड़ी के लिए सुरप्षित है
06:14उत्तर थोड़ा सा टेक्निकल है
06:16भारत में पिछले कुछ वर्षों से बनने वाले कई नई वाहन E20 compatible बनाये जा रहे हैं
06:23लेकिन सड़क पर आज भी लाखों ऐसे बाईक और लाखों कारे चल रही हैं
06:27जिन्हें मूल रूप से E10 या फिर उससे कम मिश्टन को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया था
06:32इसे वज़े से वाहन नर्मारता कंपनियां भी अलग-अलग सलाह दे रही हैं
06:36कुछ कमपनिया कहती हैं कि पुराने मॉडल में लंबी अविधी तक E20 इस्तमाल करने से पहले सर्विस सेंटर की सलाह
06:44लेनी चाहिए
06:44कुछ कमपनिया इसे पूरी तरह सुरक्षित बताती हैं लेकिन केवल उन मॉडलों के लिए जिने E20 गोशित किया गया है
06:52यहां एक नियम सब पर लागू वाली सिती नहीं है हर वाहन की टेकनीक अलग है
06:58अब एक और बड़े सवाल आता है अगर माइलेज कम हो जाता है तो क्या पिट्रोल सस्ता मिलेगा यही वो
07:04सवाल है
07:04जो से लेकर कई सांसदों और विशेशग्यों ने भी सरकार से जवाब मांगा है
07:09क्योंकि यदि किसी वाहन को पहले 20 किलमेटर प्रती लीटर का माइलेज मिलता था और अब वही वाहन कम दूरी
07:15तय करता है
07:15तो उप्भोक्ता ज्यादा इंदन खरीदेगा
07:17ऐसे में केवल ये कहना कि पर्यावणन को फाइदा मिलेगा आम उप्भोक्ता की पूरिच्विंता का जबाब नहीं माना जासे
07:24सरकार का पक्ष ये है कि एथनॉल मिश्रिन से देश को विदेशी मुद्रा की बचत होगी
07:29किसानों को अतरिक्त बाजार मिलेगा कारवन उठसर्जन कम होगा लेकिन उप्भोक्ता का सवाल तो अलग है
07:34वो पोच रहा है अगर मुझे पहले से ज्यादा पिट्रॉल भरवाना पड़े तो मेरी जेब का क्या होगा
07:40इसी वज़े से ये मुद्दा अब उठ रहा है
07:59विशलेशन किया गया है इन सवालों के जवाब आने वाले समय में इस बहस को और आगे बढ़ा सकते हैं
08:06तो अब ज़रा पर्यावरण वाला जो पहलू है उसको भी समझते हैं
08:09एतनोल को अपेक्षा क्रित स्वक्ष इंधन माना जाता है
08:12इसके इस्तिमाल से कार्बन, मोनो उक्साइड और कुछ अन्य प्रदूशकों के उठ सर्जन में कमी आने की बात कई वैग्ज्यानिक
08:19अधहयनों में भी कही गई है
08:21लेकिन कुछ विशिशग ये भी कहते हैं कि केवल टेल पाइप एमिशन देहकर पूरी तस्वीर नहीं समझी जा सकती
08:27ये भी देखना होगा कि एतनोल बनाने में कितनी उर्जा लगी
08:31कितना पानी इस्तिमाल हुआ, क्रिशी उत पादन पर कितना दबाब पढ़ा
08:34और पूरी सप्लाई चेन का कारबन फुट्प्रिंट कितना रहा
08:38यानि अलग बहस केवल पेट्रॉल में कितना एतनोल मिला तक समित नहीं है
08:43बलकि ये पूरे उर्जा मॉडल की बहस है
08:46इसी वज़े से दुनिया के अलग-अलग देशों ने अपनी जरूरत के हिसाब से अलग-अलग मॉडल अपनाए
08:52कहीं E10 लागू है, कहीं E15 और कहीं E20
08:56और कुछ देशों में फ्लेक्स फ्यूल भाहन भी बड़े पैमाने पर चल रहे है
09:00भारत भी उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है
09:02लेकिन इस बदलाव की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी
09:06कि सरकार वाहन निर्माता कंपनिया और तेल कंपनिया लोगों के सामने पूरी पार दरशिता से तथ्य रखे
09:12अगर माईलेज पर असर पड़ता है तो उसके आकड़े सामने आने चाहिए
09:17अगर कुछ पुराने वाहनों के लिए तकनीकी सावधानी जरूरी है तो वो भी इस पश्ट रूप से बताई जाने चाहिए
09:23और अगर लंबे समय में इससे देश को आर्थिक फायदा होने वाला है तो उसका ठोस गणित भी जनता को
09:29समझाया जाना चाहिए
09:30क्योंकि आखिरकार ये बदलाओ केवल इंधर बदलने का तो नहीं है बलकि करोड़ों भारतियों की जेब देश की उर्जा सुरक्षा
09:38और भविशी की अर्थ वैवस्था से जुड़ा हुआ फैसला है
09:41तो इसकी जवाब दे ही और इसकी जिमेंदारी भी सरकार की है अब सरकार आगे किस तरह से जनता के
09:47सामने इसकी क्लारिटी रखती है ये तो आने वाले वक्त में पड़ा चलेगा लेकिन फिलहाल E20 पर देश में बहस
09:53जारी है इस खबर में इतना ही अपडेट्स के लिए दे
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