00:0036 गड़ की महान पंडवानी गाई का तीजनबाई का सत्तर वर्ष की आयू में 5 छुलाई 2026 को राइंपूर एम्स
00:07में निधन हो गया
00:08महाभारत की कथाओं को अपनी बुलन दावास और जीवन तभिनए से अपनी वैश्विक पहचान दिलाने वाली तीजनबाई का जाना भारती
00:16लोग कला चकतकिल के एक अपून्य अक्षती है
00:19बायसरकार द्वारा पदमश्री और पदमवी भूशन से सम्मानेत सम्माहान कलाकार ने परंपरिक पंडवानी कलाकू अंतराश्ट्रय मंचों पर स्थापित किया था
00:29उनके निधन पर धानमंत्री नरेंद्रमोधी और चत्तीस कड़ के मुख्य मंत्री विश्णोदेव साय सहित देश के अन्या प्रमुख्वी भूतियों ने
00:36गहरा शूक व्यक्त करते हुए
00:37इसे भारतिय संस्कृति कोई और उसके कस्वर्णे में युग का अंत बताया बड़ी शती बताया
00:43तीजन भाई का जन 24 सेप्रिल 1956 को 36 गड़ के दुर्गजिले के एक साधारन से परिवार में हुआ
00:50उनके पिता हुनुक लाल पार्थी और माता सुखवती देवी थी
00:54बच्पन से ही तीजन भाई की रुचिक कला और लोक कताओं की तरफ थी
00:58उन्हें महाभारत की कहानियों के प्रती आकरशित करने का श्रय उनके नाना बिशलाल पार्थी कुझाता है
01:03जो उन्हें बच्पन से ही पौराने कताएं सुनाया करते थे
01:06इन कहानियों ने तीजन बाई के मन में इतनी गहरी चाप छोड़ी कि उन्होंने इसे ही अपने जीवन का मुख्या
01:12ध्याय बना लिया वो देश्या बना लिया।
01:36तमाम सामाजिक बंधनों और रूडियों को तोड़ते हुए अपनी कला को उचारी रखा। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं
01:43देखा और लगातार सफलता की सीन्या चड़ती गई। पर्णवानी चटीस गड़ की एक बेहत सम्रिद्ध और पारंप्रिक लो
02:03कार मानी जाती थी। इस विशिष्ट शैली में कलाकार अपने हाथ में एक तंबूरा लेकर खड़ा होता है और पूरे
02:10मंच पर घूम घूम कर अभिनय समवाद और गायन के जरिये महाभारत की शौरे गात्राओं को प्रस्तुत किया करता है।
02:17तीजन भाई के हाथ में तंब
02:33कलाकू देश के महानगरों से होते हुए अमेरिका, याराप और इश्या के कई देशों के बड़े अंतराश्रिय मंचों पर पहुचा
02:40दिया। उनके इस अद्वित्या योगदान के कारण ही भारसरकार ने उन्हें 1988 में पदमश्री और साल 2019 में देश के
02:48अत्यांतर प्रत्र�
02:53प्रिधानमंद्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने 36 गड़की संस्कृति को दुनिया भर
02:59में एक विशिष्ट पहचान दिलाई है जिसे हमेशा याद रखा जाएगा। मुक्यमंद्री विष्णो देव साय ने भी उन्हें
03:04श्रद्धानच्री देते हुए कहा तीजन भाई ने अपनी कला से राज्यकराम पूरी दुनिया में रौशन किया है उनका जाना लोग
03:11कला के लिए एक महान अध्याय का समापन है
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