00:03देश की फोक कल्चर और कला जगत से इस वक्त एक बहुत ही दुखत खबर और इमोशनल कर देने वाली
00:10ने उस सामने आई है
00:11पद्मविभूशन से इस सम्मानित देश की फेमिस पंडावनी गाय का तीजन बाई अब हमारे बीच नहीं रही
00:18लंबे बिमारी से जूजने के बाद उन्होंने रायपूर के एमस में अंतिम सांस ली
00:22उनके निधन के खबर सामने आते ही पूरे देश खास कर चतिसगर के कला और कल्चर जगत को शोक में
00:29डुबा दिया है
00:30मिली जानकारी के मताबिक तीजन बाई पिछले कहीं हफतों से रायपूर एमस में भरती थी
00:35उनकी तवियत लगातार खराब चल रही थी और डक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही थी
00:39लेकिन आज तड़के करीब तीन बचकर पंदरा मिनिट पर उनकी तबेत अचानक ज़्यादा खराब हो गए
00:45और तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचा नहीं पाया
00:48एमस रायपूर के पी आरो ने भी उनके निधन की जो है उफिशल का अन्फरमेशन कर दी है
00:53तीजन बाई का जाना सिर्फ एक महान कलाकार का निधन नहीं बलकि इंडियन लोग कला की एक ऐसी आवाज का
00:59हमीशे कर लिखामूश हो जाना
01:01जिसने अपनी कला से करोड़ों लोगों को अपने दिल में पसाया है
01:04उनकी दमदार आवाज, मंच पर उनकानों खांदाज और महा भारत की कहानियों की जीवन कर देने वाली ऐसी प्रस्तूती ने
01:12पंडावनी को देश ही नहीं बलकि पूरी दुनिया में पहचान दिलाई है
01:16वही प्रधान मंत्री मोदी ने भी अपने आक्स अकाउंट पर शोक जो है व्यक्त किया है
01:21अगर तीजन बाई के जीवन की बात करें तो उनका सफर किसी प्रेड़ना से कम नहीं था
01:26साल 1956 में 36 गड़के दुर्ग जिले के गन्यारी गाउं में जन्मी तीजन बाई ने बहुत ही सिंपल परिवास से
01:34निकल कर पूरी दुनिया में अलग पहचान बनाई
01:36बचपन से उन्हें माभारत की कहानिया सुनने और गाने का शोक था
01:39गहीं शोक आगे चल कर उनके जीवन का एक मेंन मोटिफ बन गया
01:43उन्होंने पंडावनी की उस काल्पनिक शैली को अपनाया जिसे लंबे टाइम तक मेल की शैली माना जाता था
01:50उस दोर में महिलाओं का इस शैली में प्रस्तूती देना समाज को एकसेप्ट नहीं था
01:55उन्हें कई तरह के जो है विरोध समाजिक तानों और मुश्किल का सामना करना पड़ा
02:01लेकिन तीजन भाई ने कभी हार नहीं मानी
02:03उन्होंने हर चैलेंज का डटकर सामना किया और अपनी प्रतिवा के दम पर समाज की सोश बदल कर रखती
02:08हाथ में तंबूरा, चेहरे के एमोशन, दमदार अवार और शानदार अभिने के साथ
02:13जब तीजन भाई मंच पर उतरती थी, तो फैंस पूरी तरीके से मंत्र मुग्ध हो जाते थे
02:18उनकी प्रस्तूती सिर्फ गाने पर ही नहीं थी, बलकि ऐसा लगता था कि जैसे महाभारत के पातर खुद मंच पर
02:25जिन्दा हो गए हो
02:26फिलाल देश भर के कलाकार और कई बड़ी हस्तियां उनको नमाखों से श्रधांज ले दे रही है
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