00:00लोक कला की एक अमर आवाज हुई खामोश
00:05पंडवानी की पहचान थी तीजन बाई
00:08एम्स रायपूर में लिया अंतिम सास
00:16भारतिये लोक कला की सबसे बुलंद आवाजों में शुमार पद्म विभूशन डॉक्टर तीजन बाई अब हमारे बीच नहीं रही
00:22रायपूर के अखिल भारतिय आयूर विज्ञान संस्थान यानि एम्स में उन्होंने अंतिम सास ली
00:28वे लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार थी और विशेशग्य डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था
00:34उनके निधन की खबर सामने आते ही पूरे देश में शोक की लहर दोड़ गई
00:38इस मौके पर पिएम मोदी ने तीजन बाई के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा की
00:44मशूर पंडवानी गाई का तीजन बाई जी के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है
00:48अपनी शांदार प्रस्तुतियों के जरिये उन्होंने चटीजगड की इस लोक कला शैली को दुनिया भर में एक अनोखी पहचान दिलाई
00:56उनका जाना कला और संस्कृती की दुनिया के लिए एक ऐसी क्षती है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती
01:02दुख की इस घड़ी में मेरी समवेदनाएं उनके परिवार और चाहने वालों के साथ हैं
01:07ओम शांती
01:09तीजन बाई ने चटीजगड की पारंपरिक लोक कला पंडवानी को गाउं की चौपाल से निकाल कर अंतराष्ट्रिय मंच तक पहुँचाया
01:16महा भारत की कथाओं को अपनी दमदार आवाज, अभिनय और अनूठी प्रस्तुती के माध्यम से उन्होंने दुनिया भर के दर्शकों
01:23तक पहुँचाया
01:24उनकी शैली ने पंडवानी को नई पहचान दिलाई और आने वाली पीडियों के लिए प्रेणा का स्रोध बनाया
01:30सम्मानों से भरा सफर
01:32लोककला के क्षित्र में उनके असाधारन योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें पदमश्री, पदमभूशन और बाद में देश के
01:40दूसरे सर्वोच नागरिक सम्मान पदमविभूशन से सम्मानित किया
01:43इसके अलावा उन्हें संगीत नाटक अकादमी सम्मान सहित अनेक राष्ट्रिय और अंतरराष्ट्रिय पुरस्कार भी मिले
01:50उनकी उपलब्धियां भारतिय संस्कृती के गौरव का प्रतीक है
01:54तीजनबाई का जीवन संगर्षों से भरा रहा
01:57बेहत साधारन परिवार में जन्म लेने के बावजूद
02:00उन्होंने सामाजिक चुनोतियों का सामना किया
02:02और अपनी प्रतिभा के दम पर पूरी दुनिया में पहचान बनाई
02:05उन्होंने ये साबित किया कि कला की कोई सीमा नहीं होती
02:09और समर्पण के बल पर हर मन्जिल हासिल की जा सकती है
02:12डॉक्टर तीजनबाई के निधन पर 36 गड़ के मुख्यमंत्री विश्नुदेव साय ने
02:17उन्हें विनम्र श्रद्धांजली अर्पित की
02:19डॉक्टर तीजनबाई का जाना भारतिये लोक संस्कृती के लिए अपूरणी एक्षती है
02:24उन्होंने अपनी कला से न सिर्फ 36 गड़ बलकि पूरे भारत का नाम दुनिया भर में रोशन किया
02:30उनकी विरासत आने वाली पीडियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी
02:34फिल्हाल के लिए बस इतना ही बाकी अपडेट के लिए बने रहिए वन इंडिया हिंदी के साथ
02:56सब्सक्राइब तो वन इंडिया और नेवर मिस अन अपडेट
03:01दाउनलोड तो वन इंडिया अप नव
03:04झाल
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