00:00जब मंदिर का किस थापना हुई? तब आप ने, जब आप प्रभूराम के सामने खड़े थे तो क्या संकल लिया
00:08था आपके? यही संकल था आपका? जिसकी सुरक्षा की, जिसकी रकषा की प्रांगड की जिम्मिदारी थी आपकी? वहां पर राम
00:18भक्तो के आस्था की लूट हो
00:28गया है जो छोटे करमचारी थे और वो करमचारी भी नहीं थे वो दैनिक वेतन पर थे आउट्सोर्स किये हुए
00:37करमचारी थे
00:39यह वो करमचारी थे जिनको गिनने के लिए ट्रस्ट ने रखा था
00:47ये वो लोग थे जिनकी लिस्ट खुद ट्रस्ट ने SBI को दी थी SBI बैंक को
00:59और SBI बैंक ने उस आउट्सोर्स एजेंसी से जहां से वो सिक्योर्टी के लोगों को आउट्सोर्स कर रहे थे
01:06ये जो नामों की लिस्ट थी वो बैंक ने उनको दी थी और ट्रस्ट के कहने पे आइडेंटिफाई किये वे
01:15लोगों को वहां रखा गया था
01:19उनकी कोई जाच नहीं हुई उनके बैंगराउंड के बारे में नहीं पता किया गया
01:25और ट्रस्ट ने अपनी मर्जी के लोगों को एस बियाई और एजनसी के माध्यम से वहां पर कार्यात कराया विडंबना
01:36देखिए
01:39इतना बड़ा ट्रस्ट जहां पर आस्था भरे करोड़ों का चड़ावा आता है वहां पर आरेसेस द्वारा लिस्ट पर लोगों को
01:49रखा जा रहा था और आज
01:51वही छोटे करमचारी जो आउटसोर्सिंग पर थे उनके उपर एफ आई आर की जा रही है किसी के यहां से
02:01पांच लाग तो किसी के हां से दो लाग किसी के हां से कुछ लाग लाखों में
02:09जो प्राप्त हो रहा है पैसा वो मिल रहा है पर जो करोडों में लूट हुई और वो कहां गिया
02:17है पैसा वो आज तक कोई नहीं जान पाए
02:21SIT बनी जरूर पर SIT का समय बढ़ गे आगे
02:28क्यों नहीं केंसर कार आज प्रधान मंत्री जी क्यों चुप है इस पर
02:36केवल जब मंदिर का की स्थापना हुई तब आपने जब आप प्रभुराम के सामने
02:46खड़े थे तो क्या संकल्प लिया था आपने यही संकल्प था आपका जिसकी सुरक्षा की जिसकी
02:58रक्षा की प्रांगड की जिम्मेदारी थी आपकी वहां पर राम भक्तों के आस्था की लूट हो रही है और आज
03:07प्रधान मंत्री जी मौन है आरेसे स्मौन है
03:13कोई भी जिम्मेदारी से अपने आपको न अलग कर सकता है न बचा सकता है
03:20बच्षा की जिम्मेदाग का जब कर सकता है
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